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नवंबर 2023 ~ Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

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गुरुवार, 30 नवंबर 2023

आदमी में कैसा जो तुम्हारी याद में रो लेता हूँ- लव तिवारी

तेरी तस्वीर को दिल से लगाकररात की तन्हाइयों में तुम्हें अपना बनाकरकई उलझे किस्सों को भी सुलझाकरगैरो से छीन कर तुम्हें अपना बनाकरमैं अक्सर तुम्हें सोचकर खुश हो लेता हूंआदमी में कैसा जो तुम्हारी याद में रो लेता हूँ।आदमी मैं कैसा...........आदत कैसे सुधारू तुम्हारे अपना बनाकरदिल की तड़प की हर हद में जाकरइस दौर में कोई अपना दूर रहता है क्याइस दर्द भरे बात को भी अपना मानकरमेरी अमानत तू किसी गैर के पास आज भी है।जहन में रखकर तुम्हारी तस्वीर को चूम लेता हूं।आदमी...

प्यारी सुंदर मूरत की एक दिव्य प्रतिमा हो तुम। ना जाने कितनों के दिल की गरिमा हो तुम रचना लव तिवारी ग़ाज़ीपुर

प्यारी सुंदर मूरत की एक दिव्य प्रतिमा हो तुम।ना जाने कितनों के दिल की गरिमा हो तुम।खुदा रखे तुम्हें हर दम सलामत यही दुआएं है मेरी।मेरा बनकर साथ रहो बस यही तम्मना हो तुम।।कोई तुमको भी चाहे इससे हमें एतराज़ नही। तुम बस मुझको ही चाहों बन जाओ विश्वास मेरी।।कोई गम ना कोई पीड़ा तुमको न कभी तड़पाये। तेरे हिस्से का दुःख- दर्द भी मेरे हिस्से में आये।रहो खुश तुम सदा जीवन में, जहाँ रहो मेरी दिलरुबा।तेरी ख़ुशी से में भी खुश रहू, यही हमारी है दुआ।।रचना- लव तिवारी ग़ाज़ीपुर...

बुधवार, 29 नवंबर 2023

मुझमें डूब कर सवर जाने की बात कर- रचना लव तिवारी गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

मुझमें डूब कर सवर जाने की बात कर।तुमसे क्या रिश्ता है मेरा, इसे सुलझाने की बात कर।आदमी मैं बुरा नही मगर जमाने से शिकायत भी नही।तुमको कैसा लगता हूँ ये बताने की बात कर।।कौन कहता हूं कि मोहब्बत बुरी चीज़ है दुनिया मेंमेरा मुझको मिल जाये, बस ये दुआओं की बात कर।।तेरा साथ मिल जाये तो ज़माने की हर हसरत पा लू।में भी तो तेरा ही हूँ, तो हक जताने की बात कर।।कितनी तड़प है दिल में, अगर पास होते तो सुनते ।दूर रहकर मेरे पास है तू, बस पास आने की बात कर।तुम्हारी याद...

जुबां से झरता है अमृत उनके मगर वे दिल में ज़हर रखते हैं नीरज कुमार मिश्र बलिया

वे मुझसे आंखें मिलाते नहीं,मगर मुझ पे तीरे नज़र रखते हैं वे मुझसे मेरा हाल नहीं पूछते, मगर वे मेरी हर ख़बर रखते हैं,जुबां से झरता है अमृत उनके,मगर वे दिल में ज़हर रखते हैं, ज़माने की नज़र में वे 'पुष्कर' हैं, मगर वो समंदर सा लहर रखते हैं,।"पुष्कर - तालाब (तालाब से तात्पर्य ठहरा हुआ पानी)नीरज कुमार मिश्र      बल...

डरिये मत मुझसे प्यार कीजिये खूबसूरत जिंदगी का इजहार करिए- लव तिवारी ग़ाज़ीपुर।

डरिये मत मुझसे प्यार कीजिये।खूबसूरत जिंदगी का इजहार करिए।आदत बिगड़ गईं तो हम संभाल लेंगे।मुझसे ही बस बेइन्तहा प्यार करिये।।कोई क्या देगा किसी को इस जमाने में।सुकून से बीत जाए एक पल इसका इंतेजार करिए।जिंदगी बदली सी, सहमी सी और खामोश सी है मेरी।मेरे दिल की धङकन बन मुझको गुलजार करिये।।कब किसका भरोसा छोड़ दे इस प्यारे जहाँ को।जो वक्त दिया है खुदा ने, उसका ऐतबार करिये।।रचना लव तिवारी ग़ाज़ीपुर उत्तर प्र...

जीवन को तुम क्या रोकोगे- रचना डॉ एम डी सिंह सुप्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

जीवन को तुम क्या रोकोगे ?मृत्यु रोक लो चाहे तुम सबजीवन को तुम क्या रोकोगेक्या बांधोगे क्या टोकोगेकिसी खूटी किसी बुर्ज परक्या टांगोगे क्या ठोकोगेयह खर नहीं पतवार नहीं हैभुग चुका संसार नहीं हैजिसे जला दो जिसे ताप लोसुखी पत्तों का अंबार नहीं हैसागर पी गएहो चाहे अगस्त्य तुमबह रहा निरंतर ब्रह्मांड फोड़यह गागर में तेरे नहीं अंटेगाइस जल को तुम क्या सोखोगेमथ समुद्र को ऊपर आयादेख वासुकी भी थर्रायागरल गले बन नील रह गयाजीवन एक भी न हर पायाकहां नहीं हैपर्वत...

मंगलवार, 28 नवंबर 2023

मन परिंदे को पंख मिल ही जाएगा मेहनत करने से अंक मिल ही जाएगा- रचना नीरज कुमार मिश्र बलिया

"मन परिंदे को पंख मिल ही जाएगा,मेहनत करने से अंक मिल ही जाएगा,रास्तों पर नीचे देखकर ही पैर रखना,ध्यान हटने पर डंक मिल भी जाएगा,ज़िंदगी के सफ़र में चलते-चलते हुए,कभी राजा,कभी रंक मिल ही जाएगा,ज़रूरी नहीं हमेशा हाथों को यश मिले,कभी न कभी कलंक मिल ही जाएगा,नभ में कौओं की झुंड से निराश मत हो,धरती पर तुमको कंक मिल ही जाएगा,।"नीरज कुमार मिश्र बल...

आंसू जब सूख जाते हैं तब मोम हृदय पत्थर बन जाता है नीरज कुमार मिश्र बलिया

आंसू, जब सूख जाते हैं, तब,मोम 'हृदय' पत्थर बन जाता है,भावनाएं रूपी लहरें उठती नहीं,ठहरा हुआ समंदर बन जाता है,कसक रूपी पत्ते झड़ जाते हैं,पतझड़ का शजर बन जाता है,उस पर पड़ जाते हैं रेत ईष्र्या के,यह मरूधरा बंजर बन जाता है,दफ़न हो जाती हैं संवेदनाएं इसमें,मृत आत्मा का कबर बन जाता है,।"नीरज कुमार मिश्र बल...

सोमवार, 27 नवंबर 2023

इश्क़ ये तो कोई भी आफ़त नहीं है दिल लगाने की पर इजाज़त नहीं है- ऋषिता सिंह

इश्क़ ये तो कोई भी आफ़त नहीं हैदिल लगाने की पर इजाज़त नहीं हैइस जहाँ में ये दिल न आबाद होगाइस जहाँ की मुझको ज़रूरत नहीं हैतेरे बिन हम भी कर ही लेंगे गुज़ारापर तेरे बिन जीने की आदत नहीं हैअब मुक़द्दर में ही नहीं साथ तेराकुछ दुआओं में मेरी ताकत नहीं हैदिल कुशादा है अब भी उनकी ही ख़ातिरदिल पे गुज़री कोई क़यामत नहीं हैदिल लगा ले अब और वो भी किसी सेअब लगाने की मुझको हिम्मत नहीं हैदेख कर तुम भी ज़ख़्म मेरे हो हँसतेतुमसे हमदर्दी की भी हसरत नहीं हैतुम फ़साने...

रविवार, 26 नवंबर 2023

दूर चले जाते हैं लोग रचना नीरज कुमार मिश्र बलिया

हसीन ख़्वाब दिखाकर दूर चले जाते हैं लोग,अपनी नीयत जताकर दूर चले जाते हैं लोग,पहले मीठी बात करके चले आते हैं रूह तक,मन की फितरत बताकर दूर चले जाते हैं लोग,लगा देते हैं विश्वास का पर्दा दिल के दरवाज़े पर,विदा होते वक्त उसे हटाकर दूर चले जाते हैं लोग,श्रद्धा की चाक से लिखते हैं प्रेम मुहब्बत की बातें,धोखे के डस्टर से मिटाकर दूर चले जाते हैं लोग,जिसे पता नहीं होता, मुहब्बत का "म" अक्षर भी,उसे भी प्रेम रोग लगाकर दूर चले जाते हैं लोग,।"नीरज कुमार मिश्र...

शनिवार, 25 नवंबर 2023

कई जगह कई बार मिली है मुझको आप सौ बार मिली है रचना लव तिवारी

कई जगह कई बार मिली है। मुझको आप सौ बार मिली हैफिर भी दिल को चैन नही है।आते जाते हर बार मिली है।।कभी सुकून से मिल लो साहब।तुम दिल की धड़कन बन जाओ।।आती-जाती सांसों पर मेरी।अपना नाम तुम कर जाओ।। शायरी- २ऐसे साथ रहने से क्या फायदामिलकर न मिलने से क्या फायदाखुदा वह दौर दे जिसमे सुकू हम को मिलेदिल मे लगीं आग पर घी गिराने से क्या फ़ायदाशायरी -३ आप के प्यार मेंहम तो नजरे बिछाए हैं आपकी प्यार मेंदिल की दुनिया लुटाए हैं आपके प्यार मेमतलबी जमाना यह दौर हमारे...

शुक्रवार, 24 नवंबर 2023

अथर्वा - लेखक प्रोफेसर आनंद सिंह एवं समीक्षा प्रसिद्ध चिकित्सक दार्शनिक एवं साहित्यकार डॉक्टर एम डी सिंह ग़ाज़ीपुर

अथर्वा एक अद्भुत प्रेम कथा एक यायावर कवि की :     कवि है आनंद कुमार सिंह,जिसने चुपके से न जाने कब अपना नाम बदलकर अथर्वा रख लिया है। शायद वह अपने और अपनी प्रेयसी को दुनिया की निगाहों से बचाए रखना चाहता था। तभी तो उसके इस अलौकिक प्रेम प्रसंग के चुनिंदा पात्र ही साक्षी बन सके हैं। एक अनिंद्य सुंदरी षोडशी कविता यौवन के प्रथम पड़ाव पर ही कब उससे आ चिपकी उसे पता ही नहीं चल सका। फिर तो कब 20 वर्ष बीत गए न कवि को पता चला न उसकी प्रेयसी...

रविवार, 19 नवंबर 2023

चेहरा तुमसा जहाँ में कहा है मोहब्बत का ही तो रंगीन समा है रचना लव तिवारी

चेहरा तुमसा जहाँ में कहा है।मोहब्बत का ही तो रंगीन समा है।आदते न बिगड़ जाए मेरी तुमसे।चाह कर भी नही करते जो मोहब्बत जवां है।।मेरा दिल भी बस आपके एहसासों से धड़कता हैइसमें अब मेरी क्या खता है।।आदमी मैं भी न था इतना बेचैन कभीआप के मिलने से जमाना क्यों ख़फ़ा है।तेरा चेहरा क्यो याद आता है मुझे हरपल।क्या इसमें भी कोई आप की साजिश बया है।गज़ल 2 रुख़सत गम की अब तन्हाई क्या करेंगीआप का साथ है तो रुस्वाई क्या करेंगीमेरा तो साथ है तुमसे जन्मों जन्मों तकसाथ हो तुम...

रुख़सत गम की अब तन्हाई क्या करेंगी आप का साथ है तो रुस्वाई क्या करेंगी- रचना लव तिवारी

रुख़सत गम की अब तन्हाई क्या करेंगीआप का साथ है तो रुस्वाई क्या करेंगीमेरा तो साथ है तुमसे जन्मों जन्मों तकसाथ हो तुम तो मौत की परछाई क्या करेंगीआदमी किसको भला और बुरा कहु इस वक्त,दोस्त ही साथ न दे तो दर्द की दवाई क्या करेंगीतुम रहो मेहरबान मुझपर यही चाहत है मेरीदुनियां की इस भीड़ रूपी लड़ाई हमपर क्या करेंग...

ग़ाज़ीपुर के महान लेखक कवि डॉ विवेकी राय संक्षिप्त परिचय - लेखक राम बहादुर राय

राम बहादुर राय (भरौली,बलिया,उत्तरप्रदेश):- स्व डॉ विवेकी राय जी काआज ही के दिन अर्थात दिनांक 19/11/1924 को हिन्दी एवं भोजपुरी साहित्य के मूर्धन्य विद्वान, साहित्यकार एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के पूर्व प्राध्यापक हमारे घर (भरौली,थाना-नरहीं,, बलिया, उत्तरप्रदेश) जन्में, गाजीपुर (सोनवानी गांव) के महान लेखक शारीरिक रूप से हमारे बीच भले ही नहीं हैं लेकिन वो हमारे करीब ही हैं,हम सबके आस पास में ही हैं।आज ही के तारीख में अर्थात19 नवंबर सन् 1924...

मंगलवार, 14 नवंबर 2023

मेरा वास्ता बस तुमसे से मेरी दिलरुबा ये बात हम अब दुनिया को बतलायेंगे- रचना लव तिवारी

एहसासों को दिल मे कब से दबाये थेआप मुझ पर दिल कब से लुटाये थे।पहले इज़हार हम करें की आप इस बात से हम आप क्यो घबराए थे।आदमी कितना भी बड़ा क्यो न हो जायेउसे हम खुदा नही बनायेगेमेरा वास्ता बस तुमसे से मेरी दिलरुबाये बात हम अब दुनिया को बतलायेंगेग़ज़ल- 2दूर अब जमाना होगाफ़ैसला नही पुराना होगाआदत हमारी एक जैसी हैफिर क्यो घबराना होगीदो जिस्म अब एक जान हैं हमफिर नही शर्माना होगामुझको मिले तेरा साथ हरदमहर बात में बस अफसाना होगारचना लव तिवारी गाज़ीपुर उत्तर प्रदेशयह...

बृद्ध पर हो रहे अत्याचार को अब सहना अच्छा नही लगता। रचना लव तिवारी ग़ाज़ीपुर

दर्द जानकर नाम पूछना अच्छा नही लगताकिसी की रुसवाई पर अब कुछ कहना अच्छा नही लगता।आज के बत्तर हालात के लिये किसको दोषी समझा जाय। बृद्ध पर हो रहे अत्याचार को अब सहना अच्छा नही लगता।मेरा क्या है इस दुनिया में जिस पर मैं बहुत गुमान करू।छोड़ कर चला जाऊंगा एकदिन धरा को कुछ अपना नही लगता।।मुझको मेरे खून से सहारे की उम्मीद कैसे रखूं।इस दौर की मतलबी दुनिया मे अब कोई अपना नही लगता।।वृद्ध आश्रम पर मेरी लिखी गई कव...

रविवार, 12 नवंबर 2023

कितने दर्द छुपाये बैठे आज की इस तन्हाई में तुम न होतो तो कैसा होता अपना जीवन खाई में- लव तिवारी

कितने दर्द छुपाये बैठे आज की इस तन्हाई मेंतुम न होतो तो कैसा होता अपना जीवन खाई मेंक्या सोचा था जीवन को कैसे अब हालात मेरेमेरा मुझको घर से बाहर करता है दीवाली मेंबहुत सुकू है तेरे दर पर गैर भी अपने लगते हैसभी ने अपनों से दर्द सहा यही कहानी कहते हैसही कहते है जिसका कोई न है इस दुनियां मेंउसका खुदा एक है सहारा रुख़सत और रुसवाई मेंयह कविता धनतेरस 2030 में लंगरपुर छावनी लाइन ग़ाज़ीपुर  में स्थित वृद्ध आश्रम में परम आदरणीय बड़े भैया विजय प्रकाश दुबे...

गुरुवार, 9 नवंबर 2023

ये रिश्ता क्या कहलाता है- लेखक श्री नीरज कुमार मिश्र बलिया

ये रिश्ता क्या कहलाता है!!💞💕💕सूनो न!,जब फ़ोन पर तुम्हारे मुखारविंद से" हैलो नीरज!," मैं..... बोल रही हूं!,", फ़ोन पर श्रवण किये गये अक्षरों के मेल से शब्द, शब्दों के मेल से वाक्य प्रस्फुटित हुए न!, मैं भावनाओं के समंदर में डूब गया!, मुझे इक पल के लिए यह यकीं न हुआ कि यह आवाज़ उस ईश्वर की थी जिसे लोगों ने प्रेम कहते हैं, यह आवाज़ उसकी थी जिसको वर्षों पहले देखने के लिए, बात करने के लिए, कुछ देर साथ रहने के लिए मैं तड़पता था!, उसकी एक झलक पाने की...

बुधवार, 8 नवंबर 2023

अब नादानियां नहीं सहता कोई मीठी वाणीयां नहीं बोलता कोई- श्री नीरज कुमार मिश्र बलिया

अब नादानियां नहीं सहता कोई,मीठी वाणीयां नहीं बोलता कोई,बच्चे भी सम्भल कर बोलने लगे हैं,बातें, बचकानियां नहीं करता कोई,लोग स्मार्ट फोन, लैपटॉप में लगे हैं,मौखिक, कहानियां नहीं कहता कोई,फ्लैट्स में दुबक कर बैठे हैं नौनिहाल,मुहल्ले में शैतानियां नहीं करता कोई,लोगों को खुशियां ही सुनना पसंद है,दुःख दर्द परेशानियां नहीं सुनता कोई,एहसान करने वालों का दौर बीत गया,मदद औ मेहरबानियां नहीं करता कोई,ढ़ाई आखर प्रेम सिर्फ दिखावा हो गया है,एक दूजे हेतु कुर्बानियां...

मंगलवार, 7 नवंबर 2023

गाजीपुर की कवियत्री श्रीमती सब्या तिवारी जी का संक्षिप्त परिचय एवं उनकी रचनाएं

नाम- सब्या तिवारीजन्म तिथि - 30 .12 .1984माता का नाम - श्रीमती रमंती मिश्रापिता का नाम - श्री कृष्णदेव नारायण मिश्रापता- ग्राम पोस्ट युवराजपुर थाना सुहवल तहसील जमानिया जिला गाजीपुर उत्तर प्रदेश  २३२३३२शैक्षिक योग्यता - M.A( Hindi, Home Science, Sciology), B.Edसंप्रति (पेशा) - शिक्षिकाविधाएं - कविता , कहानीसाहित्यिक गतिविधियां - जिला स्तर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में भाग लेना एवं सामाजिक कार्यों के प्रति दायित्व का निर्वहन करना।प्रकाशित कृतियां...

ऐ मुसाफिर जिंदगी से अपना यही वास्ता रखना- रचना श्री नीरज कुमार मिश्र बलिया

"ऐ मुसाफिर ! जिंदगी से अपना यही वास्ता रखना, फलक तक पहुंचेगा तू,बस एक यही रास्ता रखना,लड़खड़ा न जाए तुम्हारे कदम मंजिल ए सफर में, साथ चल रहे हमराहियों से थोड़ा फासला रखना,जीत होती है कछुए की और हार जाता है खरगोश,इसलिए चलते वक्त रफ्तार थोड़ा आहिस्ता रखना,शोहरत मिलने के बाद बदल जाते हैं लोग अक्सर,इन सभी से अलग अपने व्यवहार में साईस्ता रखना,बहुत ख्वाहिशें हैं तुम्हारे अपनों की तुमसे "नीरज"चाहे रहना कहीं भी इस जहाँ में, उनसे राब्ता रखना,। "(साईस्ता -...

सोमवार, 6 नवंबर 2023

किस्मत- रचना नीरज कुमार मिश्र बलिया

"किस्मत""रूठ जाती है किस्मत अक्सर,फूट जाती है किस्मत अक्सर,सुकर्म से सम्मान नहीं करोगे तो,ऊठ जाती है किस्मत अक्सर,वक्त रहते हुए यदि नहीं पकड़े तो,छूट जाती है किस्मत अक्सर,इसे हमेशा मत कोसते रहो, क्योंकि,टूट जाती है किस्मत अक्सर,तुम्हारी सही है तो सम्भालो!, वरना,लूट जाती है किस्मत अक्सर,।"नीरज कुमार मिश्र बल...

रविवार, 5 नवंबर 2023

वह सितमगर, मुझे बेघर देखना चाहता है- नीरज कुमार मिश्र बलिया

"वह सितमगर, मुझे बेघर देखना चाहता है,मुझको असहाय, दर-बदर देखना चाहता है,सुब्ह-ओ-शाम जिसको मैं देवता समझता था,वही मुझको आज बद-नज़र देखना चाहता है,जिसकी लम्बी उम्र हेतु मेरे दोनों हाथ जुड़ते थे,वह शख्स मेरे हाथों में ज़हर देखना चाहता है,मेरी बदनामी की ख़बर आ जाए किसी रास्ते से,इस इंतज़ार में वह हर चौराहा हर डगर देखता है,मेरा समय ख़राब आ जाए और मैं बर्बाद हो जाऊं!,बड़ी सिद्दत के साथ वह बदलता दहर देखता है,।"नीरज कुमार मिश्र बल...

शनिवार, 4 नवंबर 2023

हमहु नदान रहली तूहऊ नदान (कजरी गीत )- गीतकार : योगेश विक्रांत

 हमहु नदान रहली तूहऊ  नदान  (कजरी गीत )हमहु नदान  रहली तूहऊ  नदानगोरिया मिलते नज़रिया तूफान हो गईल -  2**   ओही रे असॅढ्वा मे घेरले  बदरवा        घूमडी  घूमडी  के बरसे पजरवा        घसिया झुरान रहली मॅटीया झुरान        गोरिया छ्न भर मे गम गम सिवान हो गईल - 2        गोरिया मिलते नज़रिया तूफान हो गईल........................** ...

रही रही खूब हिलोरे गंगा जी क पनिया की सैईया मनवा डोले ला- गीतकार : योगेश विक्रांत

                 रही रही खूब हिलोरे गंगा जी क पनिया ..........................रही रही खूब हिलोरे गंगा जी क पनियाकी सैईया मनवा डोले लाबहे लहर लहर पुरवईयाजाले पाल लगावले नईयामचले पोर पोर गदराईल चढ़ल जवनियाकी सैईया मनवा डोलेला........................रेवा झेगुर बोले घरवाघेरे कारे कारे बादरवाहहरे हरसिगार  सनअलसाईल बदनियाकी सैईया मनवा डोलेला...................बीजुरी  चमके  बदरी तड़केमोरा...