मेरा ब्लॉग मेरी रचना- लव तिवारी संपर्क सूत्र- +91-9458668566

2021 ~ Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

we are performing in bhail bihan program in mahuaa chanel

Flag Counter

Flag Counter

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2021

किन किन हालातों से गुजर कर मिलती है कामयाबी और लोग एक पल में कह देते हैं किस्मत अच्छी थी

ऐसे ही हालातों से गुजर कर मिलती है कामयाबी और लोग एक पल में कह देते हैं किस्मत अच्छी थी मिडिल क्लास के सबसे निचले पायदान पर मौजूद सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे लाखों आकांक्षीयो की कहानी जो एम बी इंजीनियरिंग,मेडिकल एवं अन्य प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करने में असमर्थ हैं।।उन्हें उनके घरवालों से सिर्फ महीने का मकान किराया,घर के खेत में उपजी धान का चावल एवं गेहूं का आटा, गैस भराने के लिए एवं लुसेंट किताब खरीदने के रुपए ही मिल सकता है।।उनके सामने...

गुरुवार, 30 दिसंबर 2021

जिंदगी बहुत अनमोल है (फिर हम तुम और नफ़रत क्यों)- राजेश कुमार सिंह श्रेयस कवि, लेखक,

*ज़िन्दगी अनमोल है, बड़े भाग्य से मनुष्य का शरीर मिलता है यह बात अक्सर कही -सुनी जाती हैप्रेम के दो मीठे बोल बोलने चाहिए। मीठी जुवां के दो मीठे बोल सुन कर,उसका पत्थर दिल पिघल गया। दिल बड़ा जल रहा था ,अब जाकर ठंडा हुआ इस दिल में तो आग लगी।आखिर ये चंद छोटी छोटी लाइने, ज़िन्दगी की ऐसी इबारते लिखती है, जो कभी भयानक आग सी लगा देतीं हैं और ये ही प्यार की मीठी बरसात करा देतीं है।शब्दों की ये जादूगिरी दो दिलों को मिला देती हैं,तो कभी कभी ऐसा कहर बरपा देती है...

बुधवार, 29 दिसंबर 2021

सुती उठी बर्तन धोई लेके आई पनिया आ गईली घर मे जबसे हमरो दुल्हनिया- गीतकार अजय त्रिपाठी

पढ़ल लिखल मैडम से सोचली की बियाह करबगऊवा में हमहु ऐडवांस कहलाइबचश्मा लगाइब शूट बूट पेनब फेशन में मैडम के संग में शहर घूमें जाईब बाकी जबसे बियाह भईल जिनिगी मोर बेहाल भईलघरवा में जहिया से आ गइली रानीआ मेहरी के नोकर बनी घर मे रहत बानी सगरो सोचलका पे फिर गईल पानी सुती उठी बर्तन धोई लेके आई पनियाआ गईली घर मे जबसे हमरो दुल्हनिया- २सूती उठी बर्तन...... अपने सुतेली पहिले हमकें जगावली २जगते रसोइया में तुरते पठावली २मागेली चाय हमसे- २ बैठी के पलनियाआ गईली...

ये कौन आ गई दिलरुबा महकी महकी फ़िजा महकी महकी हवा महकी महकी - जनाब गुलाम अली

ये कौन आ गई, दिलरुबा, महकी महकी - 2फ़िज़ा महकी महकी, हवा, महकी महकीये कौन आ गई...वो आँखों, में काजल, वो बालों में गजरा - 2हथेली पे उसके, हिना महकी महकीये कौन आ गई...ख़ुदा जाने किस किस की, ये जान लेगी - 2वो क़ातिल अदा, वो क़ज़ा महकी महकीये कौन आ गई...सवेरे सवेरे, मेरे, घर पे आईऐ हसरत, वो बाद-ए-सबा, महकी महकीये कौन आ गई...फ़िज़ा महकी महकी, हवा, महकी महकीये कौन आ गई, दिलरुबा, महकी महकीये कौन आ गई...ये कौन आ गई...

सोमवार, 27 दिसंबर 2021

अगिया दहेज के अईसन तेज हो गईल बेटी जनमावल परहेज हो गईल दहेज गीत - मनोज तिवारी मृदुल

अगिया दहेज के अईसन तेज हो गईलबेटी जनमावल परहेज हो गईलबाप भईल कंस से भी बढ़ के कसाईअपना जमलका देला बध कराईकइसन माई बाप के करेज हो गईलबेटी जनमावल परहेज...........बेटियां के दुख का बा ई त के ना जानेतबो निदर्दी लोगवा बने अनजानेबेटहा त जुल्मी अंग्रेज हो गईलबेटी जनमावल परहेज............दिन नइखे ढेर अब त उहो युग आईशादी बदे बबुआ कम्पटीशन देवे जाईसुनी होखे शुरू अब त सेज हो गईलबेटी जनमावल परहेज............रोके अत्याचार जे कुकर्म बढ़ जाईहंएकरे ई बोझ से धरती फ़ट...

हुजूर आपका भी एहतराम करता चलूँ। इधर से गुज़रा था, सोचा सलाम करता चलूँ- जगजीत सिंह

हुजूर आपका भी एहतराम करता चलूँ।इधर से गुज़रा था, सोचा सलाम करता चलूँ।।हुजूर आपका भी एहतराम .......निगाह-ओ-दिल की यही आखरी तमन्ना है।तुम्हारी ज़ुल्फ़ के साये में शाम करता चलूँ।।हुजूर आपका भी एहतराम .......उन्हें ये जिद के मुझे देख कर किसी को न देख।मेरा ये शौक के सबसे कलाम करता चलूँ।।हुजूर आपका भी एहतराम ......ये मेरे ख़्वाबों की दुनिया नहीं सही लेकिन।अब आ गया हूँ तो दो दिन कयाम करता चलूँ।।हुजूर आपका भी एहतराम .......हुजूर आपका भी एहतराम करता चलूँ।इधर...

हर साल आयी मईया तोहरी दुअरिया कबो अईतु हमरो बखरिया माई जग तरनी-२ भोजपुरी पचरा मनोज तिवारी मृदुल

हर साल आयी मईया तोहरी दुअरियाकबो अईतु हमरो बखरिया माई जग तरनी-२नाही बाटे विद्या बुद्धि नाही बा ज्ञानवानही जानी हम मईया पुजवा के धनवाहम त हई मईया पाँव के पूजरिया -२कबो अईतु हमरो बखरिया.........निर्धन के धन देलु कोढ़ीयन के तनवासेवक बझिनियन के देवेलु लालनवाजब होला कृपा के जग पे नजरिया हो-२कबो अईतु हमरो बखरिया............है महारानी जगत भवानी हमरा के तार देतू तब तोहखे जानीहम त हई महारानी निपट अनाड़िया होकब लेबू हमरो खबरिया माई जग तरनीकबो अईतु हमरो बखरिया.........हर...

मां शारदे कहा तू बीणा बजा रही है। किस मंजुगान से तू जग को लुभा रही है।।

मां शारदे कहा तू बीणा बजा रही है।किस मंजुगान से तू जग को लुभा रही है।।मां शारदे कहा तू बीणा........किस भाव मे भवानी तू मग्न हो रही होविनती नही हमारी क्यो मातु सुन रही हो।।मां शारदे कहा तू बीणा........हम दीन बालक कब से विनती सुना रहे है।चरणों मे तेरे माता हम सिर झुका रहे है।।मां शारदे कहा तू बीणा........अज्ञान तम हमारी! माँ शीघ्र दूर कर दे।शुभ ज्ञान हममें माता माँ शारदे तू भर दे।।मां शारदे कहा तू बीणा........हमको दयामयी तू ले गोंद में पढ़ाओ।अमृत जगत...

कभी जाने नही दी है वतन की आबरू हमने किया है जान देकर आज खुद को सुखरू हमने।।

कभी जाने नही दी है वतन की आबरू हमनेकिया है जान देकर आज खुद को सुखरू हमने।।कभी जाने नही दी है वतन.....हकीकत है ये कुर्बानी कभी तो गुल खिलायेगीचमन को सींच कर अब तक बहाया जो लहू हमने।।कभी जाने नही दी है वतन........हमे है फख अपने ही वतन के काम आयी है।दिलो में सरफरोशी की जो की थी आरजू हमने।।कभी जाने नही दी है वतन.......हमारी कामयाबी से जमाने भर में महकेंगे।वफ़ादारी के फूलों को दिए है रंगबू हमने।।कभी जाने नही दी है वतन.......फ़िजा में यू ही लहराता रहेगा...

गुरुवार, 23 दिसंबर 2021

हम वो आखिरी लोग है जिसने सायकिल की सवारी को तीन चरणों मे सीखा है- लव तिवारी

बचपन में हमने गांव में साइकिल तीन चरणों में सीखी थी , पहला चरण - कैंची दूसरा चरण - डंडा तीसरा चरण - गद्दी ...तब साइकिल की ऊंचाई 24 इंच हुआ करती थी जो खड़े होने पर हमारे कंधे के बराबर आती थी ऐसी साइकिल से गद्दी चलाना मुनासिब नहीं होता था।कैंची वो कला होती थी जहां हम साइकिल के फ़्रेम में बने त्रिकोण के बीच घुस कर दोनो पैरों को दोनो पैडल पर रख कर चलाते थे।और जब हम ऐसे चलाते थे तो अपना #सीना_तान कर टेढ़ा होकर हैंडिल के पीछे से चेहरा बाहर...

राते सुसकेली धनिया पलानी में करधनिया हेरागल पानी में भोजपुरी लोकगीत

बदन बा गरम आग पानी सेराइल की जुलुम हो गइल बा नदी के नहाइल बुझाता केहु के नजर बा, टे लागल नहाते में ना जान कहा करधन हेराइल राते सुसकेली धनिया पलानी में-२करधनिया हेरागल पानी में -२रहे पुरनकी असली चांनीआ ऊपर से सोना के पानी २छपरा से गढ़व्वले रहली २एकर जोड़ा ना मिलिहे दुकानी में करधनिया हेरागल पानी में.....डाढ़ होगइल नदी के नहाइल आ डाढ़ से करधन कहावा हेराइल -२डाढ़ जे मंगिहे त कहावा से देहिब-२रहले जीजाजी दिहले निसानी में करधनिया हेराइल पानी में......गइल जोहात...

सोमवार, 20 दिसंबर 2021

कसम तिरंगे की है माँ लाज रखेंगें। हर पहलू से निपटने का अंदाज रखेगें।- श्री मंगला सिंह युवराजपुर

लानत है उस जीवन को जो माँ की लाज बचा न सके।गीदड़ बन जाता है वह जो भृष्टाचार हटा न सके।।कसम तिरंगे की है माँ लाज रखेंगें।हर पहलू से निपटने का अंदाज रखेगें।साथ मिले या न मिले गम नही है माँहम अकेले ही किसी से कम नही है माँहम संभल कर अपना कदम आज लिखेंगे।कसम तिरंगे की ........दिन काटे है वंशज मेरे खा घास की रोटीछूने न देंगे हम कभी हिमगिरि की वो चोटीतेरे सर पे हिन्द का हम ताज रंखेंगे।।कसम तिरंगे की ........भृष्टाचार को अब हम पनपने नही देंगेस्वप्न गांधी...

शनिवार, 18 दिसंबर 2021

जीवन कदम कदम पर एक परीक्षा है - आदरणीय गुरू जी श्री प्रवीण तिवारी पेड़ बाबा ग़ाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

जीवन कदम कदम पर एक परीक्षा है । जिसप्रकार हमें शिक्षा के दौरान विभिन्न परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है, जैसे जैसे हम परीक्षाओं में सफल होते जाते हैं वैसे ही वैसे शिक्षा में आगे बढ़ते जाते हैं, साथ ही साथ परीक्षाएं और कठिन होती जाती हैं । कुछ लोग तो शिक्षा के दौरान कठिन प्रश्नपत्र देखकर परीक्षा ही छोड़ देते हैं और जीवन भर एक असफल जीवश जीते हैं । परंतु कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कठिन से कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त करते जाते हैं और बहुतों के जीवन को प्रेरणा...

समाज सेवा साधना स्तर की हो ::आदरणीय गुरु जी श्री प्रवीण तिवारी पेड़ बाबा ग़ाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

समाज सेवा साधना स्तर की हो ::--************************** समाज में पिछड़े एवं समस्याग्रस्त लोगों को आगे लाने तथा उनकी कठिनाइयों को सुलझाने का नाम समाज सेवा है । आज कुछ मनुष्य अच्छे से अच्छे डॉक्टरों से इलाज करवा लेते हैं वहीं बहुत से लोग ऐसे हैं जो एक एक दिन कष्ट मे बिताते हुए मौत के मुँह की तरफ बढ़ते जाते हैं । बहुत बच्चे अच्छे से अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं वहीं बहुत बच्चे ऐसे भी हैं जो बिना लक्ष्य के रहते हैं । राई और पहाड़...

रविवार, 5 दिसंबर 2021

भारत देश के महान क्रांतिकारी श्री चंद्रशेखर आजाद और उनकी शव यात्रा -

जब चंद्रशेखर #आजाद की शव यात्रा निकली... देश की जनता नंगे पैर... नंगे सिर चल रही थी... लेकिन कांग्रेसियों ने शव यात्रा में शामिल होने से इनकार कर दिया था - एक अंग्रेज सुप्रीटेंडेंट ने चंद्रशेखर आजाद की मौत के बाद उनकी वीरता की प्रशंसा करते हुए कहा था कि चंद्रशेखर आजाद पर तीन तरफ से गोलियां चल रही थीं... लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जिस तरह मोर्चा संभाला और 5 अंग्रेज सिपाहियों को हताहत कर दिया था... वो अत्यंत उच्च कोटि के निशाने बाज थे... अगर मुठभेड़...

मंगलवार, 30 नवंबर 2021

चढ़ल जाये ना पहड़वा गोहराइला न हो- भोजपुरी देवी पचरा गीत - मनोज तिवारी

तोहके बार बार धाइला मनाइला ये मईया दुअरे आईला तोहार गुनवा गाईला न हो चढ़ल जाये ना पहड़वा गोहराइला न हो- २हम नाही जनली कब नेह लागल तोहरे दुवारे सुख पाईला हो-२विश्वास अइसन चारनिया में भइलेदुखवा तोहिसे सुनाइला न होतोहके गांव गल्ली गल्ली......$$$$$तोहके गांव गल्ली गल्ली पाईला ये मैयादुअरे आईना तोहार गुनवा गाइला न होचढ़ल जाये ना पहड़वा गोहराइला न हो- २मन अशांत बा मन मे तरह तरह के तनाव बाटे पता ना माई पूजा स्वीकार करी की ना करीह। हमरा पर कृपा करि की नाही करी।...

मंगलवार, 23 नवंबर 2021

लोकतंत्र जय लिखी तख्तियाँ कहाँ गईं प्रस्तुति - डॉ अक्षय पाण्डेय ग़ाज़ीपुर

#लोकतंत्र_जय_लिखी_तख्तियाँ_कहाँ_गईं~।।वागर्थ।। ~ प्रस्तुति ...________________________________________________अक्षय पाण्डेय जी के नवगीत कथ्य , शिल्प , भाव आदि स्तरों पर सशक्त और संपुष्ट नवगीत हैं । उनकी दृष्टि बिल्कुल स्पष्ट है , उन्हें अपने नवगीतों में जो कहना है वो कहकर ही रहते हैं । उनके कुछ गीत संवाद शैली में हैं । नवीन व विशिष्ट प्रयोग आपके गीतों की विशेषता है , जिनमें पंक्तियों का विन्यास बिल्कुल अलग तरह से है । सामान्यतः गीत में...

सोमवार, 8 नवंबर 2021

में होश में था तो फिर उस पे मर गया कैसे ये ज़हर मेरे लहू में उतर गया कैसे- रचना- कलाम चांदपुरी

में होश में था तो फिर उस पे मर गया कैसेये ज़हर मेरे लहू में उतर गया कैसेमें होश में थाकुछ उसके दिल में लगावट जरुर थी वरना-३वो मेरा हाथ वो मेरा हाथवो मेरा हाथ दबा कर गुजर गया कैसे- 2ये ज़हर मेरे लहू में उतर गया कैसेमें होश में थाजरुर उसकी तवज्जो की रहबरी होगी-३नशे में था तो में अपने ही घर गया कैसे-२ये ज़हर मेरे लहू में उतर गया कैसेमें होश में थाजिसे भुलाए कई साल हो गए कामिल-३में आज उसकी गली से गुजर गया कैसे-२ये ज़हर मेरे लहू में उतर गया कैसेमें होश में...

गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021

एक तुम्ही आधार सदगुरु एक तुम्ही आधार पंडित श्री राम शर्मा आचार्य शांति कुंज हरिद्वार

एक तुम्ही आधार सदगुरु एक तुम्ही आधार,जब तक मिलो न तुम जीवन में,शांति कहा मिल सकती मन में,खोज फिरा संसार सदगुरु,एक तुम्ही आधार सतगुरु एक तुम्ही आधार।।कैसा भी हो तेरन हारा,मिले न जब तक शरण सहारा,हो न सका उस पार सद्गुरु,एक तुम्ही आधार,एक तुम्ही आधार सतगुरु,एक तुम्ही आधार।।हम आये है द्वार तुम्हारे,अब उद्धार करो दुःख हारे,सुनलो दास पुकार सदगुरु,एक तुम्ही आधार,एक तुम्ही आधार सतगुरु,एक तुम्ही आधार।।छा जाता जग में अधियारा,तब पाने प्रकाश की धारा,आते तेरे...

सोमवार, 11 अक्टूबर 2021

साथ छूटेगा कैसे मेरा आपका। जब मेरा दिल ही घर बन गया आपका- पयाम सईदी गायक- जनाब चंदन दास

साथ छूटेगा कैसे मेरा आपका।जब मेरा दिल ही घर बन गया आपका।।आप आये बड़ी उम्र है आपकी।बस अभी नाम मैंने लिया आपका ।।डर है मुझको न बदनाम कर दे कहीं।इस तरह प्यार से देखना आपका।।आप की इक नज़र कर गई क्या असर।मेरा दिल था मेरा हो गया आपका।।...

शनिवार, 9 अक्टूबर 2021

देख कृष्ण के नील वदन को, नीलगगन मुस्कुरा रहा था l केशव के सिर मोरमुकुट लख, कामदेव भी लजा रहा था - राजेश कुमार सिंह

देख कृष्ण के नील वदन को, नीलगगन मुस्कुरा रहा था lकेशव के सिर मोरमुकुट लख, कामदेव भी लजा रहा था l अधरों की लाली को लख कर, लाल कमल मुश्काया है l मुरलीघर की मुरली धुन सुन, स्वर सरगम संग गाया है ll श्री कृष्णा का पीत बसन भी, मां का आँचल सजा रहा था l देख कृष्ण के नील वदन को, नीलगगन मुस्कुरा रहा था lगोकुल मथुरा दोनों मिलकर , बरसाने को रिझा रहे थे lवृन्दावन के कदम वृक्ष पर, धूम कन्हैया मचा रहे थे llझूम रहीं थीं, राधा रानी, प्यारा बंसी बजा रहा था l देख...

गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021

चल चली माई के मन्दिरवा ये धनिया की पूरा होई आस- मनोज तिवारी मृदुल

चल चली माई के मन्दिरवा ये धनिया की पूरा होई आस-2पूरी मन के मुरदिया कि पूरा हाई आस।।मैया की चुनरी चंडावल जाई ललकी।चढ़ल मिल पहड़ावा की पूरा होई आस।।सपरत दिनवा बीतल जात धनिया-2बढ़ल जात दिने दिन बड़ी परशानिया-2सबका के पहले शीतला भवनवा कि पूरा होई आसपूरी मन के मुरदिया कि पूरा हाई आस।।जइबे बिहार जहवा धावे सिवनवा 2थावे भवानी के सुंदर भवनवा 2थावे भवानी के सूंदर भावनाजुटे ला पूर्वांचल बिहार के अंगनवा कि पूरा होले आस।पूरी मन के मुरदिया कि पूरा हाई आस।।मन कामशेवर...