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दिसंबर 2019 ~ Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

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मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

ग़ाज़ीपुर के अग्रिम विकास के लिए एक ही नाम चाहिए माननीय मनोज सिन्हा- लव तिवारी

आप BJP  के समर्थक है या किसी अन्य राजनीतिक दल से BJP के खिलाफ लेकिन आप एक सांसद के रूप में मनोज सिन्हा का विकल्प ग़ाज़ीपुर में नही खोज सकते, मैन हमेशा कहा है कि आप अपने क्षेत्र के किसी विशेष और अच्छा उम्मीदवार चुनिए, जो आपकी समस्याओ को दिल्ली पहुचा सके, आपका विकास कर सके। पूर्वांचल में शायद बनारस के बाद अगर कुछ भी काम हुआ है तो वो ग़ाज़ीपुर शहर है इसका श्रेय पूर्व ग़ाज़ीपुर सासंद माननीय मनोज सिन्हा जी है जिनके द्वारा कई सड़को को नेशनल हाइवे निर्माण...

प्रत्यक्ष से कई गुना ताकतवर परोक्ष, हमारे पापा की सीख -प्रवीन तिवारी पेड़ बाबा ग़ाज़ीपुर

प्रत्यक्ष से कई गुना ताकतवर परोक्ष, हमारे पापा की सीख ::--********************************    सात आठ वर्ष पहले झाड़ू हमारे हथियार हुआ करता था और रोज हमारे साथ चार पाँच घंटे रहता था । बारी बारी से हम किसी न किसी गाँव की गंदी गलियों को खोजते और तबतक साफ करते रहते जबतक वह गली उस गाँव की सबसे साफसुथरी गली न बन जाए ।उसे दौरान हमारे गाजीपुर स्थिति घर के समीप एक चौराहा भी बहुत ही गंदा हुआ करता था और हमेशा ही हमारा मन होता था कि क्यों न यहाँ भी...

रविवार, 29 दिसंबर 2019

मोहब्बत अब नही होगा मुझे कल की तरह- लव तिवारी

मोहब्बत अब नही होगा मुझे कल की तरह।मिला जो कल मुझे न रहा हमसफ़र की तरह।।कुछ उसकी यादें है जो जाती नही जहन से।खुशनसीब वह है जिसका है वो हमदर्द की तरह।।ख्वाइशें कल भी थी आज भी है और रहेगी ही ।जाने वाले को याद रखता मैं हरपल की तरह।।कैसी दुनिया है जो एक ख्वाब मुक्कमल न हुआ।मेरा होकर भी मुझसे छीना गया उसे बेरहम की तरह।।रचना- लव तिवारीदिनांक- 29- दिसंबर- 2019 ...

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2019

वो छतों पर कई पत्थर जुटाए बैठे हैं- कवि गौरव चौहान इटावा

हम गलियों प्यार के मंज़र जुटाए बैठे हैंवो छतों पर कई पत्थर जुटाए बैठे हैंहम यहां उलझे रहे सेकुलर के धागों में,वो तो अलकायदा लश्कर जुटाए बैठे हैंहमने रसखान कबीरा की पोथियाँ बाँची,वो तो भड़काऊ मुनव्वर जुटाए बैठे हैंहमने तहज़ीबे लखनऊ का भरम रक्खा था,वो तो लाहौर पिशावर जुटाए बैठे हैंगंगा जमुनी इलाहाबाद सरीखे थे हम,वो तो बगदाद का तेवर जुटाए बैठे हैंहम तो चुपचाप रहे राम की फतह पर भीवो नागरिकता पे बवंडर जुटाए बैठे हैंहम हमीदो कलाम की सजाएं तस्वीरें,वो तो अफ़ज़ल...

हाँ, हमारे बाप का ही है हिन्दुस्तान - अनिल चौधरी

जी हाँ, हमारे बाप का है हिन्दुस्तान !शायर राहत इंदौरी ने लिखा था...."सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी मेंकिसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है "~राहत इंदौरी का यह शेर इन दिनों CAA व NRC के नाम पर जेहादियों द्वारा की जा रही हिंसा के समर्थन में खूब लिखा व बोला जा रहा है।मैं  स्वंय भी यह मानने रहा वाला हूँ कि भले ही कुछ धर्म आक्रमणकारी व आतंकवादी/आतातायी के रूप में यहां आये, बावजूद इसके, हमारी कायरतापूर्ण दरियादिली के कारण खंड खंड होने के बाद बचा...

तस्लीमा नसरीन को सत्य घटनाओं पर आधारित 'लज्जा' उपन्यास की कहानी- अनिल चौधरी

शर्म से डूब मरना चाहिए, अगर लिखने में भी लज्जा आ रही इन घृणित पंक्तियों को पढकर भी कोई CAA का विरोध करता है तो...तस्लीमा नसरीन को सत्य घटनाओं पर आधारित जिस 'लज्जा' उपन्यास के कारण अपने वतन से निर्वासित होना पड़ा, उसका यह अंश जरूर पढ़ें, और फिर CAA पर अपनी राय तय करें...बेटियों के बलात्कारियों से जब माँ ने कहा "अब्दुल अली, एक-एक करके करो,,, नहीं तो वो मर जाएंगी "।यह सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को बांग्लादेश में।अनिल चंद्र और उनका परिवार...

मंगलवार, 24 दिसंबर 2019

कुआँ और मेरा गांव युवराजपुर ग़ाज़ीपुर - लव तिवारी

गांव और कुआँ का सम्बन्ध बहुत पुराना है। कुँवा या कूप जमीन को खोदकर बनाई गई एक संरचना है जिसे जमीन के अन्दर स्थित जल को प्राप्त करने के लिये बनाया जाता है। इसे खोदकर, ड्रिल करके (या बोर करके) बनाया जाता है। बड़े आकार के कुओं से बाल्टी या अन्य किसी बर्तन द्वारा डौर और हाथ की सहायता से पानी निकाला जाता है। भारी मात्रा में जल की पूर्ति के लिए इनमें जलपम्प भी लगाये जाते है जिससे बड़ी मात्रा में खेतों की सींच कर फसल की पैदावार की जा सके। हमारे गांव...

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2019

मोदी ने मुस्लिमो के लिए सब कुछ किया फिर विरोध क्यों- लव तिवारी

परन्तु इस बार नही- मोदी है तो मुमकिन हैयुद्ध मे कभी नही हारे , हम डरते हैं छलचन्दों सेहर बार पराजय पायी है , अपने घर के ही जयचंदों सेभारत मे मुसलमान को इंसान से ज्यादा वोट बैंक की राजनीति के रूप में देखा जाता है। पिछले 70 वर्ष से मुसलमान के पक्ष में फैसले कर कई राजनीतिक पार्टियों ने मुसलमान को लुभाये है और उनसे वोट बैंक की राजनीतिक भी की है। नागरिकता संसोधन बिल में भारतीय मुसलमान की कोई हानि नही है लेकिन गैर बीजपी पार्टियों को ये लगता है कि जो वोट...

बुधवार, 18 दिसंबर 2019

पाकिस्तान में सांप्रदायिक आधार पर नागरिकता नहीं फिर क्यो हिंदू 23 से 3 प्रतिशत हो गये - लव तिवारी

पाकिस्तान में सांप्रदायिक आधार पर नागरिकता नहींद्विराष्ट्र सिद्धांत की व्याख्या करते हुए जिन्ना ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया था कि नागरिकता का कभी भी सांप्रदायिक आधार नहीं होगा. उन्होंने महात्मा गांधी से ये बात कही थी और पाकिस्तान में विभिन्न समुदायों को नागरिकता के समान अधिकार दिए जाने का वादा किया था. जब आज़ादी का अवसर करीब आ गया और अंतरिम सरकार का गठन हुआ, तो जिन्ना ने काउंसिल की एक मुस्लिम सीट के लिए जोगिंदर नाथ मंडल को नामित किया. आगे चलकर मंडल...

रविवार, 15 दिसंबर 2019

नोटबंदी और दारू का ठेका - लव तिवारी

एक प्रश्न की वास्तविकता क्या हैक्या राहुल गांधी और मोदी जी की मां दोबारा बैंक आएंगे ? या अभी 4 हजार खत्म नहीं हुए ।#राजनीति #कूटनीति दूसरी तरफ हम तो न मोदी है न राहुल हमें जब भी जरुरत पड़ती है हम पैसे के लिए लाइन में लगते है और पैसे निकलते भी है , आज थोड़ी देर पहले ही एक रोचक घटना को अंजाम मिला ,लंबी लाइन लाइन में कुछ लोग ये कहने लगे की जाइये भाई आप पहले निकल ले हम बात समझ नहीं पाये लेकिन बाद में इस बात की पुष्टि हुई की सभी लोग 12 बजने का इंतेजार...

शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019

क्या मैं पागल हुँ तुम्हें सोचकर या तुम्हें भी मेरे सपने आने लगे- लव तिवारी

तन्हाई ने क्या करवट ली तुम फिर मुझको याद आने लगे।कोई भाता नही है तुम्हारे सिवा दिल को तुम मेरे धङकाने लगे।।एक बात बताओ तुम मुझको जो मुझे हुआ क्या तुम्हें हुआ।क्या मैं पागल हूँ तुम्हें सोचकर या तुम्हें भी मेरे सपने आने लगे।।रचना- लव तिवारीदिनांक- 13- दिसंबर-2019 ...

सोमवार, 9 दिसंबर 2019

तुम्हारे बिन देखो कैसे हम तुम्हारे पास रह लेते है - लव तिवारी

इस तरह रात के दामन में तेरे यादों के गुल खिलते है।तुम्हारे बिन देखो कैसे हम तुम्हारे पास रह लेते है ।।कौन कहता है कि मिलना आसान नही इस दुनिया में।तुम्हारे ख्वाब देखकर हम तुम्हारे साथ ही रह लेते है।।दुनिया मे आसान नही हर मोहब्बत का मुक्कमल होना।ऐसा होता हीर रांझा भी जमाने के साथ ही जी लेते।।रचना- लव तिवारीदिनांक- 09- दिसंबर-2019 ...

राजनिति में सक्रिय होना कोई बुरी बात नहीं , लेकिन हार कर निष्क्रिय होना ये गलत बात है- लव तिवारी

राजनिति में सक्रिय होना कोई बुरी बात नहीं , लेकिन हार कर निष्क्रिय होना ये गलत बात है, किसी भी गांव का एक ही प्रधान होता है और प्रत्याशी अनेक ,तो क्यों नहीं हारे प्रत्याशी विपक्ष का काम करके, आने वाले नए प्रधान को उसके कार्यो में सहयोग और अगर वो कार्यो के प्रति असंवैधानिक, धोखा धड़ी करता है ,तो इन कार्यो को रोके , यहाँ सब उल्टा होता है प्रत्याशी चुनाव से पहले उत्तेजित होकर गांव के विकास की राजनीती करता है और हार जाने पर द्वेष और बदले की भावना की...

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

ओवरलोड वाहनों के कारण बार बार क्षतिग्रस्त वीर अब्दुल हमीद सेतु ग़ाज़ीपुर - लव तिवारी

वीर अब्दुल हमीद सेतु गाज़ीपुर का यह पक्का पुल जो पूर्व प्रधानमंत्री श्री मति इंदिरा गांधी जी के द्वारा ग़ाज़ीपुर की जनता को सौगात के रूप में दिया गया था। 10 सितम्बर 1965 में परमवीर चक्र विजेता स्वर्गीय श्री वीर अब्दुल हमीद जी के पूर्ण तिथि इस पुल का नाम वीर अब्दुल हमीद सेतु रखा गया जिसकी लंबाई लगभग 810 मीटर है । इस पक्की पुल की विशेषता (नेशनल हाईवे 97) को मुख्यरूप ग़ाज़ीपुर और बिहार के सीमा को NH 97 के माध्यम से जोड़ना । ग़ाज़ीपुर सैयदराजा मार्ग इसी हमीद...

गुरुवार, 5 दिसंबर 2019

बहुत खूबसूरत जवां एक लड़की न जाने कहा से - लव तिवारी

बहुत खूबसूरत जवां एक लड़की ।न जाने कहा से ख्यालो में आयी।।तकल्लुफ़ की बातें बनावट नही।न जाने वो कैसे मेरे दिल को भाई।।वो चेहरा गुलाबी वो आँखे शराबी।मगर उसके होंठो पर लाली थी ऐसीन जाने कहाँ से ख्यालो में आयी बहुत खूबसूरत जवां एक लड़की।।परी तो ये मैंने ये देखी नही है ।यू लगती है मुझको परी से भी प्यारी।।मेरे दिल की ख्वाईश तमन्ना है ऐसी।हो जाये वो मेरे सपनों की रानी ।।बहुत खूबसूरत.......तकल्लुफ़= दिखवाया, बनावटीरचना- लव तिवारीपहली ग़ज़ल - वर्ष 2005 ...