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जनवरी 2021 ~ Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

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रविवार, 17 जनवरी 2021

मस्कुलर डिस्ट्रोफी राष्ट्रीय दिव्यांगता कानून 2016 के तहत स्थाई दिव्यांगता श्रेणी में रखा गया है।- लव तिवारी

मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के टाइप डीएमडी को को सबसे गंभीर और प्रमुख टाइप माना जाता है, परंतु इसका मतलब यह नहीं होता कि बाकी सभी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के टाइप को भुला दिया जाए, परंतु जब भी सरकार या कहीं भी जाते हैं तो सिर्फ डीएमडी बताया जाता है, अगर सिर्फ डीएमडी के लिए केस हुआ, तो बाकी सभी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ितों के साथ मैं भी अपना नाम वापस ले लूंगा, और अगर सरकार ने सिर्फ डीएमडी के लिए ही नीति बनाई, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार...

गुरुवार, 14 जनवरी 2021

कैसे पता चला कि हमें है भयानक बीमारी मुस्कुलर डिस्ट्रोफी और इसका न कोई इलाज - लव तिवारी

वर्ष 2012 में जिला सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर श्री प्रेम प्रकाश उपाध्याय एवम ग़ाज़ीपुर जिले के प्रसिद्ध डॉक्टर एवं पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी आदरणीय श्री आर पी शर्मा जी के कथनानुसार मुस्कूलर डिस्ट्रॉफी के सन्देह पर हम दोनों भाई इस क्षेत्र के बड़े अस्पताल काशी हिन्दू विश्वविधालय में अपने अगले इलाज के लिए गए। वहाँ पर न्यूरो मेडिसिन की चिकित्सक डॉ दीपिका जोशी एवं न्यूरो सर्जन डॉक्टर विवेक शर्मा सर और उनकी टीम ने कुछ प्रारम्भिक परिक्षण के बाद हमे...

मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से जूझ रहे पीड़ितों की केवल समस्याएं और नही कोई समाधान- लव तिवारी

विषय: बेहद जटिल और गंभीर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से जूझ रहे पीड़ितों की समस्याएं और समाधान के लिए मदद के लिएमहोदय, उपरोक्त विषयक निवेदन है कि मैं लव कुमार तिवारी पीड़ित ( हम दोनों भाई लव कुमार एवं कुश कुमार) पुत्र श्री जय प्रकाश तिवारी निवासी ग्राम पोस्ट युवराजपुर थाना - सुहवल जिला गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश के निवासी है । पिछले 10 वर्षों से अधिक हम इस गंभीर बीमारी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से जूझ रहे है।मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से बच्चे और युवा दोनों पीड़ित है, बच्चों...

विकलांग सर्टिफ़िकेट और पेंशन के लिए कैसे करे आवदेन और इसके क्या है फ़ायदे - लव तिवारी

आवदेन करने के लिए आप को सबसे पहले यूनिक डिसेबिलिटी ईडी ( Unique Disability ID) के वेबसाइट swavlambancard.gov.in पर विजिट करके अपने सारे डिटेल को फील अप करके एक enrollment number ( नामांकन संख्या) जेनेरेट करना होगा।1 वेबसाइट का प्रारूप2 रजिस्ट्रेशन करके अपने अन्य विस्तार को भरे 3 आप को सारे कार्य को दिशा निर्देश के आधार पर पूर्ण करके दो विशेष दस्तावेज प्राप्त होंगे।इन दस्तावेजों को साथ आप अपने जिले के सरकारी अस्पताल पर विजिट करे वहाँ दिव्यांग जन बिभाग...

बुधवार, 13 जनवरी 2021

ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी Duchenne Muscular Dystrophy (DMD) का उपचार क्या है? लव तिवारी

ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Duchenne Muscular Dystrophy) का उपचार क्या है?मांसपेशी डिस्ट्रॉफी (Muscular dystrophy) अनिवार्य रूप से बीमारियों का एक समूह है जो अंततः शरीर की मांसपेशियों में कमजोरी का कारण बनती है। कमजोरी बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है और कई लोग चलने की अपनी क्षमता खो देते हैं। यह असामान्य जीन की उपस्थिति के कारण होता है जो शरीर में प्रोटीन मांसपेशियों को विकसित करने के तरीके में हस्तक्षेप करता है। दुर्भाग्यवश, इस बीमारी के लिए कोई विशिष्ट...

मंगलवार, 12 जनवरी 2021

सरकार के तमाम विकास योजनाओं के बाद भी कई गांवो की दयनीय स्थिति - लव तिवारी

भारतवर्ष मुख्यतः गांवों का देश है. यहाँ की अधिकांश जनसँख्या गांवों में रहती है. आधे से अधिक लोगों का जीवन खेती पर निर्भर है, इसलिए इस बात की आप कल्पना भी नहीं कर सकतें कि गाँव के विकास के बिना देश का विकास किया जा सकता है। इस विकास का सबसे बड़ा रोड़ा है गांव का सरपंच जिस गांव का सरपंच अच्छा होता है उस गांव का विकास की रफ्तार धीमी नही होती , पांच वर्ष के कार्य काल मे राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा लाखो और करोड़ो रूपये गांव के विकास के नाम पर आबंटित...

गुरुवार, 7 जनवरी 2021

इंसा को नही फिक्र जहाँ की, सब अपने बस मन की करते।।- रचना लव तिवारी

मेरी दुनिया मेरे अपनेदेखो हो गए कैसे सपनेभाग दौड़ के इस चकाचौंध मेंक्या खोया क्या पाया हमने।।इंसा को नही फिक्र जहाँ कीसब अपने बस मन की करते।।क्या लेकर जाओगे इस जग सेसब यही बस रह जाते घर मे।।कभी अकेले सोच के देखो।क्या पाया क्या खोया तुमने।।रचना लव तिवारीयुवराजपुर ग़ाज़ीपुर 232...

शनिवार, 2 जनवरी 2021

एक जनाजे में देखा कुछ हिन्दू और मुसलमान थे। जाति मजहब को छोड़ कर देखो वे सारे इंसान थे।। रचना- लव तिवारी

एक जनाजे में देखा कुछ हिन्दू और मुसलमान थे।जाति मजहब को छोड़ कर देखो वे सारे इंसान थे।।समझ रहे थे अंत सफर में हर शख्स की वास्तविकता को ,देखों कुछ राम जप रहे, मुह में कुछ अल्ला के नाम थे।।सब को पता ये जाति धर्म बस बटाते एक दूसरे कोइनका न कोई अल्ला ताला, न इनका कोई भगवान है।।वोट की राजनीति इतनी गंदी, नेताओं के हमदर्दी मेंहम ये समझ नही पाते, और कहते बदला संसार है।।मेरी मानो तो संभल जाओ और पहचानों अपनो कोगैर हमेशा अब गैर ही रहते इनका न कोई ईमान है।।रचना-...