
आदमी वास्तविक बातो को जान कर भी अंजान बना फिरता है। मै दुसरो की नही जानता मैं अपने बारे में लिख रहा हूँ। जब कोई व्यक्ति विशेष कोई भी हो चाहे वो अपने परिवार का या फिर कोई सेलिब्रिटी जब हम उनके मृत्यु की खबर सुनते है तो कुछ देर तक हम अपने जीवन की वास्तविकता को पहचानते है और फिर वही भाग दौड़ की जिंदगी में भूल जाते है।
अगर व्यक्ति हर दम अपने जीवन के बारे में न सोच कर वास्तविक सच के बारे में सोचे कि मृत्यु अटल है। और एक न एक दिन सबको इस दुनिया...