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जुलाई 2016 ~ Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

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सोमवार, 25 जुलाई 2016

तुम्हारी यादों के हसीन पल- लव तिवारी

तेरी यादों के बेहतरीन झरोखों के वो पल मेरी जिंदगी जीने के मकसद बन गए है , कभी ख्वाबो में आकर एक खुशनुमा अहसासों के उन बेहतरीन पालो को कैसे भूल जाये जिनका अनुभव् जिंदगी में पहली बार आप से मिला है, तेरी बेरुख़ी का मतलब मौत और मेहरबानी का मतलब सुन्दर और ख़ुशनुमा जिंदगी से है ,वर्षो पहले एक किताब के लिखने की पहल मन में जागी थी अब लगता है कि किताब के बढ़ कर ग्रन्थ और बड़े काब्य की रचना भी आसान हो जायेगा , रात में अक्सर तेरी खूबसूरत यादो की बेहतरीन...

शनिवार, 23 जुलाई 2016

चंद्रशेखर आजाद के जन्म दिवस पर नमन

महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर जी के जन्म दिवस पर चार पंक्तियाँ...... वतन के क्रांतिकारी दो मुँही तलवार थे शेखर। दहकती आग का गोला गज़ब अंगार थे शेखर । गुलामी को नहीं माना रहे आजाद बनकर के फिरंगी राज की खातिर तो' हाहाकार थे शेखर।    नाम- आजाद, पिता का नाम- स्वाधीन ,घर- जेल. यह परिचय उस चिंगारी का था जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आग में सबसे ज्यादा घी डाला।आज चन्द्रशेखर आजाद जी का जन्म दिवस है।आज़ाद जी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम...

शुक्रवार, 22 जुलाई 2016

माटी के खुसबू अउरी पूर्वी बयार - युवराजपुर

एक प्यारा सा गांव जिसमे पीपल की छाव छाव वो आशिया था एक छोटा मका था I छोड़ कर गांव को उसी घनी छाव को शहर के हो गए हैं भीड़ मैं खो गए हैं II ग़ज़ल- चंदन दास एक छोटी सी लाइन के साथ हम फिर चलते है अपने गाव् की कुछ पूरानी यादो के सफ़र मैं शहर से 6 से 7 किलो मीटर पर बसा मेरे प्यारा सा गाँव जिसमे साहित्य कला खेल पुराणी परम्परा का पूर्ण रूप से समावेश है गंगा मैया की लहरो मैं वो संगीत की घुन और लहलहाते खेतो के बीच वो चिड़ियों और कुछ छोटे पशुओ की आवाजें जो कभी...

स्वमं समाज साहित्य सत्ता की विकास में मुख्य भूमिका

शतरंज की चालों का खौफ उन्हें होता है, जो सियासत करते हैं। हम तोमोहब्बत के #खिलाड़ी हैं, न हार की फिक्र, न जीत का जिक्र.. स्वॅम साहित्य समाज और सत्ता ये चार #मुख्य कारक है जो किसी भी गाँव, नगर या देश के विकास की दर मे मुख्य भूमिका अदा करते है स्वॅम- स्वॅम का मतलब है खुद से हम दूसरो को #शिक्षा देते है और अपने आप मैं  सारे अवगुण समाते हुए है ,किसी महान व्यक्ति के वो दो शब्द- कि जब हम सुधरेगे तो जग सुधरेगा काफ़ी नही है हम भीतर की अमानवता...

हर एक सख्स मुझे लग रहा था अपना ही किस किस से कहु की उसे आप वोट मत देना- लव तिवारी

01 दिसम्बर 2015 चुनाव का दिन जहा ग्राम प्रधानो की दावेदारी मे सारे प्रत्याशी अपने भाग्य आजमा रहे थे , वही मे एक अलग आनंद की प्राप्ति कर रहा था अपने गाँव के बड़े बुजुर्ग और मित्रो से मिलने का कुछ और भी रोचक घटनाए सामने से गुज़री जैसे हर एक मतदाता हर एक प्रत्याशी के सामने उसे ही वोट देने की हामी  भर रहा था , तो इस बात से किसी एक प्रत्याशी के जीत का दावा तो नही किया जा सकता ,परन्तु कुछ प्रत्याशी की तरफ मतदाताओ का रुझान अधिक था, हर एक सख्स मुझे...

गांव में सक्रिय राजनीति की अहम भूमिका - लव तिवारी

राजनिति में सक्रिय होना कोई बुरी बात नहीं , लेकिन हार कर #निष्क्रिय होना ये गलत बात है, किसी भी गांव का एक ही प्रधान होता है और प्रत्याशी अनेक ,तो क्यों नहीं हारे प्रत्याशी #विपक्ष का काम करके, आने वाले नए प्रधान को उसके कार्यो में #सहयोग और अगर वो कार्यो के प्रति #असंवैधानिक, #धोखा_धड़ी करता है ,तो इन #कार्यो को रोके , यहाँ सब उल्टा होता है प्रत्याशी चुनाव से पहले #उत्तेजित होकर #गांव के विकास की राजनीती करता है और हार जाने पर द्वेष और बदले की भावना...

शनिवार, 16 जुलाई 2016

मिल जाते तो आज कुछ नया करते खुदा के दरबार में आज सज़दा करते- लव तिवारी

मिल जाते तो आज कुछ नया करतेखुदा के दरबार में आज सज़दा करते बड़े उम्मीद से गुजरे थे तेरे दरवाज़े के पासचहरे की एक झलक देकर फिर परदा करते हमें पता है मिलना न गवारा है जहाँ कोदिल इस बात को समझे तो मना करते. प्यार में दर्द भी है ख़ुशी और तन्हाई भी हैआज के दौर में इस बात को लोग समझा करते फर्क है मुझे मेरे जीवन में मिशाल है तूवरना इस दुनिया में हम  क्या क्या करते रचना - लव तिवारी4.40 सायंकाल 16- 07-2016 ...

शुक्रवार, 15 जुलाई 2016

आओ मिलकर पेड़ लगाए धरती को हम स्वर्ग बनाये लव तिवारी

#शिक्षा और #संस्कार दोनों अलग अलग विषय वस्तु है, एक तरफ शिक्षा जहा मानव के शरीर में ज्ञान के प्रकाश को प्रदर्शित करता है वही संस्कार शिक्षा का मानवीय एवम नैतिक प्रयोग को दर्शाता है, आज के ज़माने में किसे ज्ञान नहीं कि पेड़ के आभाव से पर्यावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है, और प्रकृति संसन्धान ही उच्च कोटि के मानवीय संसाधन है, शिक्षा और ज्ञान का एक विशाल समूह भारत की राजधानी दिल्ली में रहता है लेकिन संस्कार कही कही देखने को मिलता है ,हाँ यहाँ हर एक...

गुरुवार, 14 जुलाई 2016

कैसे बताये उनसे अपने सच्चे प्यार की दास्तां आज भी झूठे लोग को देख कर शर्मिंदा हूँ- लव तिवारी

रंजिशों गम में बड़े शहर का वाशिंदा हूँलोग पूछते है आज कल किस हाल में मैं जिन्दा हूँकैसे बताये उनसे अपने सच्चे प्यार की दास्तांआज भी झूठे लोग को देख कर शर्मिंदा हूँ वजूद कुछ भी तेरे बिना कौन है हमारा कभी #शरद #हवाओं के उस #खूबसूरत समय का अहसास बनकर तो कभी बारिश के मौसम में रूहानी याद बन कर, आज के दौर में हमने भी ज़माने में मोहब्बत देखी है, रूह की चादर ओढ़े उन शख्शियत को जिस्म का सौदा करते हुए, कई बार सोचा एक हम और तुम जो अक्सर खूबसूरत यादो के सहारे ये...

तुमसे मिलने आया हूँ खबर कर दो

चंद लम्हात ही सही,मुझे नज़र कर दो, तुमसे मिलने ही आया हूँ,खबर कर दो। कई फरियादें उठती है,बिछड़ जाने की, चले आओ किे दुआएँ, बेअसर कर दो। कहता नहीं के नाम करदो ज़िन्दगी अपनी, एक दिन न सही, बस एक पहर कर दो। जलवों की बिजली से नुक्सान,सिर्फ मेरा हो, बाकी सब से कह दो,खाली ये शहर कर दो। आ जाओगे तो,इस दिल को तस्कीन होगा, चाहो तो खाली,बोतलों का ज़हर कर दो। गर आ नहीं पाओ तो,बस वादा ही देदो, आज, खत्म ये इम्तेहाने सबर कर दो । अज्ञात ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकास के कार्य और सम्भावनाएं- लव तिवारी

जिन्हे आज भी ये लगता है की मोदी जी टूर पे निकले ये उन लोगो के लिये है मोदी जी की 2 साल की जर्नी थोड़ी बड़ी है  1. जम्मू कटरा प्रोजेक्ट पिछले 10 सालो से बंद था उसे 1 साल में पूरा किया और आप जम्मू से मात वैष्णव देवी 20 रु में जा सकते हो। वर्ना टैक्सी वाले 2500 रु लेते है।.2. आज तक भारत अरुणाचल में हाईवे नहीं बना सका, पर मोदी सरकार ने 1 साल में रोड बनाके पूर्ण किया (China के काफी विरोध के बाद भी).. और अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण रूपसे भारत को जोड़ दिया।.3....

सोमवार, 11 जुलाई 2016

तू मिल जाये इस हाल में मैं जिन्दा हूँ

एक तरफ धुंध भरे शहर का बाशिन्दा हूँ तू मिल जाये इस हाल में मैं जिन्दा हूँ लोग कहते है कि तू पहले कभी ऐसा न था मैं सोचता हूं क्या हुआ जो शर्मिंदा हूँ एक बस्ती में रहते थे कुछ अज़नबी आज उनके दिलों में हरपल जिन्दा हूँ जिंदगी के वो पल जो गांव में रह कर ज़िया , बड़े अफ़सोस है कि शहर का परिंदा हूँ ग़रीबी भूख दहसत और लाचारी भी आज के दौर ने इस हाल में मैं जिन्दा हूँ एक तरफ खौफ़नाक सा मंजर है मेरे सामने कैसे बताऊ उन्हें किस हाल में मैं जिन्दा हूँ दर्द देने का रिवाज है इस बेरहम दुनिया में रचना लव तिवारी...

वो हँसी और बोली मैं ज़िंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी- अज्ञात

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,      फिर ढूँढा उसे इधर उधर     वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,वो सहला के मुझे सुला रही थी  हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे सेमैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया              कमबख़्त तूने,              वो हँसी...

ज़माने की चाह है कि मैं हिन्दू या मुसलमान हो जाऊ

जमाने की चाह है कि मैं #हिन्दू या #मुसलमान हो जाऊं पर मेरा #ज़मीर कहता है कि मैं इक भला #इंसान हो जाऊं #मन्दिर #मस्जिद जाकर कमाऊं आरती-नमाज की दौलतें या फिर गिरे हुए बंदे को उठाऊं और #धनवान हो जाऊं मेरी #तकदीर में बस इतना सा लिख दे दुनिया के मालिक #मुल्क की #मिट्टी को चुमूँ और मुल्क पर कुरबान हो जाऊं मुझे #पसीना बनाकर बहा दे #ख़ुदा #खेतों में, #खलिहानों में मुझसे इतना #काम ले कि जीता जागता #राष्ट्रगान हो जाऊ जय हिंद जय भारत ...

शनिवार, 9 जुलाई 2016

जल है तो कल है लव तिवारी

भारत देश का एक अनोखा प्रदेश अपना #उत्तरप्रदेश , प्राकृतिक और भू के संसाधनों से युक्त अपना प्यारा प्रदेश उत्तर प्रदेश , #संस्कृति #सभ्यता ,#गंगा #यमुना को पूर्ण रुप को सुशोभित करता अपना प्रदेश #उत्तरप्रदेश, लेकिन अभी एक जटिल समस्या जल ,#जल है तो #कल है, वही उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में फ्लोराइड से जल दूषित हो रहा है, फ्लोराइड से होने वाले गंभीर बीमारिया जैसे हड्डियों से सम्बन्धी रोग, तंत्रिका तंत्र से संभंधित बीमारियो का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है...

धर्म परिवर्तन को विवश हरिजन समाज- लव तिवारी

हम हिन्दू को धार्मिक कटर_पंथी ने जकड़ा हुआ है , ये #अपवाह फ़ैलाने वाले भी हिन्दू नहीं बल्कि दूसरे लोग थे, कुछ लोग इस बात के जिमेवार ब्राम्हण समुदाय के लोगो को देते है लेकिन ऐसा नहीं है, आज के ब्राम्हण की मेरी तरफ से कोई परिकल्पना नहीं या किसी भी जाति के लोगो के, आधी अधूरी जानकारी से भर्म और संदेह की स्थिति को बुलावा दिया जाता है , वैसे आप सब इस लिंक को पढ़े भारत स्वतन्त्रता के बाद हरिजन समुदाय भी किसी दूसरे धर्म की शरण में जा रहा था, आज का परिवेश...

शुक्रवार, 8 जुलाई 2016

जर्जर हालत को दर्शाता ताड़ीघाट बारा मार्ग गाज़ीपुर- लव तिवारी

,ग़ाज़ीपुर शहर का यह दुर्गम मार्ग, जिसे ताड़ीघाट_बारा मार्ग के नाम से जाना जाता है , लोग शार्ट में इसे टीबी रोड भी कहते है, इस मार्ग की खास बात यह है कि यह दो प्रदेश को जोड़ने का मुख्य मार्ग भी है जो #उत्तर_प्रदेश और बिहार को जोड़ने के साथ कई विशेष स्थान कामख्या माता के प्रसिद्ध मंदिर और एशिया का सबसे बड़ा गांव गहमर  रेवतीपुर भी इसी मार्ग पर स्थित है बरसात के मौसम में इस मार्ग की तस्वीर को हम देख सकते है, हमारा भी गांव युवराजपुर इस मार्ग पर स्थित...

मंगलवार, 5 जुलाई 2016

आज के दौर में परेशान है आदमी- लव तिवारी

आज के दौर में गुमनाम है #आदमी हर जगह देखो शमशान है आदमी कोई हो रहा है #राख और कोई #हस रहा है इस दुनिया में कितना #समझदार है आदमी हर कोई #जानता है मारना है सबको एक दिन फिर भी #बईमान होकर #परेशान है आदमी एक शख़्स को #जिंदगी दिया था हमसफ़र समझ कर उसने #तजुर्बा दिया कि #शैतान है आदमी, आज के #दौर #मुंकिन हो कि बदल जाये वो उसे देखकर #हैरान है हर आदमी रचना- #लव_तिवारी 05-07-2016 Visit- www.lavtiwari.blogspot.in ...

शुक्रवार, 1 जुलाई 2016

अब तेरी कौन सुनेगा -लव तिवारी

रात की शरद हवाओ में ऐसे अनगिनत घरो पहलूओं पर गुफ़्तगू , वही बड़े बुजुर्ग जहा आग की लपटो के साथ एक और अपने को शर्दी और शरद हवाओ से आराम  की फ़िराक में होते वही  कुछ बाते जो अकसर दिल को ठेस पहुचती हुयी कुछ बाते, गांव के घरोँ में  कुछ बृद्ध महिला  एवं पुरुष का जो हाल होता था वो अक्सर ठण्ड में धुप को तरसती और गर्मी में छाँव को ढ़ुढ़ते हुए एक शख्स की कहानी , वही तकलीफ भरे वक्त के इस दौर में बुजुर्गो के पास ख़ुशी का एक दौर होता है और वो...