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सितंबर 2017 ~ Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

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गुरुवार, 28 सितंबर 2017

ये जमी चाँद से बेहतर नजर आती है हमें- उमराव जान

जिंदगी जब भी तेरी बज्म में लाती है हमें ये जमी चाँद से बेहतर नजर आती है हमें ये जमी चाँद ............... सुर्ख फूलो से महक उठती है दिल की राहें दिन ढले यू तेरी आवाज़ बुलाती है हमें ये जमी चाँद ............... याद तेरी कभी दस्तक कभी सर्गोसी से रात के पिछले पहर रोज जगाती है हमें ये जमी ......... हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यो है अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें ये जमी चांद से बेहतर........ ...

बुधवार, 27 सितंबर 2017

इधर जिंदगी का जनाजा उठेगा - ग़ज़ल चंदनदास

आईना देख के बोले ये सवारने वाले अब तो बे मौत मरेगे तेरे मेरे वाले कह गए मेरी मैय्यत से गुजरने वाले रास आयी न जवानी तुझे मरने वाले  इधर जिंदगी का जनाजा उठेगा उधर जिंदगी उनकी दुल्हन बनेगी कयामत से पहले कयामत है यारो मेरे सामने मेरी दुनिया लूटेगी जवानी पे मेरी सितम ढाने वालो जरा सोच लो क्या कहेगा जमाना-2 इधर मेरे अरमा कफन ओड़ लगे उधर उनकी हाथो में मेहदी लगेगी इधर जिंदगी का....   वो पर्दे के पीछे में पर्दे के आगे न वो आगे न में जाऊ पीछे-...

बुधवार, 20 सितंबर 2017

चेहरे से पर्दा हटा दीजिए चाँद कहने को जी चाहता है- अज्ञात

चेहरे से पर्दा हटा दीजिए चाँद कहने को जी चाहता है शायर हूँ मैं ग़ज़ल कहने को जी चाहता है नज़र से नज़र क्या मिली की मदहोश हो गये आपके आँखो को जाम कहने को जी चाहता है हथेली पे लगाये है जो मेहदी उसका रंग फिका है आपके प्यार के रंग मे ही रंग जाने को जी चाहता है फिजाओ मे लहराये जब आप की रेशमी जुल्फे बिखरे हुए केसुओ को सवारने को जी चाहता है कब से सुनी पड़ी है मेरे दिल की ज़मीन बन के घटा प्यार का बरस दीजिए भीग जाने को जी चाहता है ...

आँखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा,/ बशीर बद्र

आँखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा, कश्ती के मुसाफ़िर ने समन्दर नहीं देखा बेवक़्त अगर जाऊँगा, सब चौंक पड़ेंगे इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा जिस दिन से चला हूँ मेरी मंज़िल पे नज़र है आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं, तुमने मेरा काँटों-भरा बिस्तर नहीं देखा पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला मैं मोम हूँ उसने मुझे छूकर नहीं देखा ...

मंगलवार, 19 सितंबर 2017

गौत्र- गोत्र शब्द का अर्थ होता है वंश । कुल l

गौत्रयह लेख उन लोगों के लिये है । जो गोत्र प्रणाली को बकवास कहते है । गोत्र शब्द का अर्थ होता है वंश । कुल lineage गोत्र प्रणाली का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति को उसके मूल प्राचीनतम व्यक्ति से जोड़ना है । उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति कहे कि उसका गोत्र भारद्वाज है । तो इसका अभिप्राय यह है कि उसकी पीडी वैदिक ऋषि भारद्वाज से प्रारंभ होती है । या ऐसा समझ लीजिये कि वह व्यक्ति ऋषि भारद्वाज की पीढ़ी में जन्मा है । इस प्रकार गोत्र 1 व्यक्ति के पुरुष वंश...

शनिवार, 16 सितंबर 2017

मुझे देख मेरी कहानी पर रोई ये जिंदगी मेरी जिंदगानी पर रोई - लव तिवारी

मुझे देख मेरी कहानी पर रोईये जिंदगी मेरी जिंदगानी पर रोई क्या था कहाँ था अब  क्या हो गयाजुल्मो को सहती जवानी पर रोईं खायी थी कस्में निभाने को रिश्तामेरे प्यार की इस नादानी पर रोई जहाँ मेरी बसती थी ख्वाबों की बस्तीदेख उजड़े चमन की निशानी पर रोई रचना- लव तिवारी संसोधनकर्ता- नृपजीत सिंह पप्पू ...

बुधवार, 13 सितंबर 2017

जमाना आज भी कहता है बेघर मुझको - लव तिवारी

गुजर कर देख तू मेरी राहों को इस कदर अब तोजमाना आज भी कहता है बेघर मुझको सब कहते है किसी के प्यार में पागल है ये तोआदमी मुझसा बनकर तो महसूस कर मुझको उम्मीद होती है हर आशिक को अपने वफ़ा परजफ़ा भी की तुमने और तोहमत भी दिये मुझको कल तलक मैं भी था मोहब्बत को मानने वालामिली जो आज अपने खूबसूरत फर्ज की सजा मुझको ख्वाब के मंजर में अब  भी आता है ख़्याल तेराख्वाइशें दफन है  जमाने की रंजिश में अब तो लव तिवारी रचना - 13-09-2019www.lavtiwari...

शनिवार, 9 सितंबर 2017

देखो पापा मे तुमसे बड़ा हो गया -अज्ञात

मेरे कंधे पर बैठा मेरा बेटा जब मेरे कंधे पे खड़ा हो गया मुझी से कहने लगा, देखो पापा में तुमसे बड़ा हो गया मैंने कहा, बेटा इस खूबसूरत ग़लतफहमी में भले ही जकडे रहना मगर मेरा हाथ पकडे रखना, जिस दिन यह हाथ छूट जाएगा बेटा तेरा रंगीन सपना भी टूट जाएगा, दुनिया वास्तव में उतनी हसीन नही है देख तेरे पांव तले अभी जमीं नही है, में तो बाप हूँ बेटा बहुत खुश हो जाऊंगा जिस दिन तू वास्तव में मुझसे बड़ा हो जाएगा मगर बेटे कंधे पे नही... जब तू जमीन पे खड़ा हो जाएगा!! ये...

शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

मातृ देवो भवः महर्षि वेदव्यास

।।मातृ देवो भव।। पितुरप्यधिका माता   गर्भधारणपोषणात्  । अतो हि त्रिषु लोकेषु नास्ति मातृसमो गुरुः॥ गर्भ को धारण करने और पालनपोषण करने के कारण माता का स्थान पिता से भी बढकर है। इसलिए तीनों लोकों में माता के समान कोई गुरु नहीं अर्थात् माता परमगुरु है। नास्ति गङ्गासमं तीर्थं नास्ति विष्णुसमः प्रभुः। नास्ति शम्भुसमः पूज्यो नास्ति मातृसमो गुरुः॥ गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं, विष्णु के समान प्रभु नहीं और शिव के समान कोई पूज्य नहीं...

बुधवार, 6 सितंबर 2017

ब्राम्हण क्या है और कौन है -अज्ञात

" ब्राह्मण " क्या है,,,,? कौन है,,,,,? भगवान कृष्ण ने क्या कहा है बनिया धन का भूखा होता है। क्षत्रिय दुश्मन के खून का प्यासा होता है । गरीब अन्न का भूखा होता है। पर ब्राम्हण? ब्राम्हण केवल प्रेम और सम्मान का भूखा होता है। ब्राम्हण को सम्मान दे दो वो तुम्हारे लिऐ जान देने को तैयार हो जाऐगा। अरे दुनिया वालो आजमाकर तो देखो हमारी दोस्ती को। मुसलमान अशफाक उल्ला खान बनकर हाथ बढ़ाता है,हम बिस्मिल बनकर गले लगा लेते है। क्षत्रिय चंद्रगुप्त बनकर पैर...

शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

एक दिन अउरु उमर के जिआन हो गइल - अज्ञात

रतिया सुतते हीं झट से बिहान हो गईल। अखिया भरमल की घडिया तुफान हो गईल। कईसे भागत बा सरपट समय के पहर। एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल ।। कब ती ती ती ती, लुका छुपी छुटल। कब बचपन के पटरी आ भाठा टुटल। काहवां गउआं गोनसारी के भूजा गईल। अब त सापना उ मडई- पालान हो गईल। एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल।। केतना धधकल ऊ कउडा, ऊ जाडा रहे। केतना नीमन पनरह के पहाडा रहे। चिउरा-मीठा के चासका भूलाला नाही। जाने कांहवा नापाता बाथान हो गईल। एक दिन अउरू उमर के जिआन...