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Lav Tiwari ( लव तिवारी )

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बुधवार, 4 अक्टूबर 2023

मात- पिता को ही तुम जग में जान लो बस भगवान ईश्वर जो ना दे सकते वो दे देते वरदान- साधना शाही वाराणसी

पितृपक्ष कविता

हिंदू धर्म में पितरों को मुक्ति दिलाने हेतु पितृपक्ष के 15 दिनों में श्राद्ध किया जाता है। पितरों को तृप्त करने की जो क्रिया होती है उस क्रिया को ही तर्पण कहा जाता है। और हम सब ने एक नाम सुना होगा पिंडदान करना तो तर्पण करना ही पिंडदान करना है।भाद्रपद की पूर्णिमा से अश्विन कृष्ण की अमावस्या तक कुल 16 दिन तक श्राद्ध रहते हैं। इन दिनों कहा जाता है कि हमारे पूर्वज धरती पर आकर निवास करते हैं और 15 दिनों के पश्चात वे फिर स्वर्गलोक को वापस चले जाते हैं। तो आज की मेरी कविता इन्हीं पितृ देवों को समर्पित आज की मेरी कविता का शीर्षक है-

पितृपक्ष कविता

मात- पिता को ही तुम जग में,
जान लो बस भगवान ।
ईश्वर जो ना दे सकते ,
वो दे देते वरदान।
मात-पिता को ही तुम जग में,
जान लो बस भगवान।

पितृ पक्ष में कर लो तर्पण ,
बन जाओ इंसान।
जो इस पक्ष करे ना तर्पण,
वह बंदा नादान।
मात-पिता को ही तुम
जग में,
जान लो बस भगवान।

यह पक्ष ना ऐसा- वैसा ,
स्वर्ग सरीखे जानो।
पितृ पधारे हैं धरती पर,
महिमा लो पहचान।
मात-पिता को ही तुम जग में,
जान लो बस भगवान।

धरती पर हैं पितृ पधारे, 
कितना पक्ष है प्यारा।
 बच्चों पर बरसाएँ कृपा,
कर लो उनका ध्यान।
 मात-पिता को ही तुम जग में,
 जान लो बस भगवान।

पिंडदान तुम कर पितरों का,
 इनकी कृपा वर लो।
भवसागर से तरना चाहो,
 कर लो तुम पिंडदान।
 मात-पिता को ही तुम जग में,
 जान लो बस भगवान।

मात-पिता की दया से ही हम,
 हंँसते और मुस्काते ।
तर जाते भवसागर से हम,
 उनकी कृपा मान।
 मात-पिता को ही तुम जग में,
 जान लो बस भगवान।

पक्ष का पन्द्रह का पन्द्रह दिन,
 किरपा है बरसाता।
खुश होकर के पितृ हैं जाते,
 ना होता अवसान।
 मात-पिता को ही तुम जग में, 
जान लो बस भगवान।

कच्चा-पक्का, खट्टा-मीठा, 
छप्पन भोग बनाओ।
प्रेम भक्ति से इन्हें चढ़ाओ,
 ये सद्गति के खान।
 मात-पिता को ही तुम जग में,
 जान लो बस भगवान।

साधना शाही, वाराणसी




मंगलवार, 3 अक्टूबर 2023

कब दर्शन देंगे राम दीन हितकारी रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी

कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी
कब दर्शन देंगे राम दीन हितकारी
रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी ॥

कही कोई कांटा प्रभु को नहीं चुभ जाये
पग तन्मग्चारे चुन चुन पुष्प बिछाए
मीठे फल चख कर नित्य सजाये थारी
रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी

कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी
कब दर्शन देंगे राम दीन हितकारी
रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी ॥

श्री राम चरण मे प्राण बसे शबरी के
प्रभु दर्शन दे तो भाग जगे शबरी के
रघुनाथ प्राणनिधि पर जीवन बलिहारी
रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी

कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी
कब दर्शन देंगे राम दीन हितकारी
रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी ॥

कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी
कब दर्शन देंगे राम दीन हितकारी
रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी



झुरु झुरु पुरुवा झुलावेला झुलनवा- पचरा श्री गोपाल राय

झुरु झुरु पुरुवा झुलावेला झुलनवा
निमिया गछियां झुलनवा झूले ली मईया ना-२

लामी-लामी केसिया सोहरी छुये भूया झूलत बेरिया ना
माई के सोनोहुल केसिया झूलत बेरिया ना
झुरु झुरु पुरुवा.......

मन के हुलास माई मरली पटेंगनवा टूट गइले ना
अचके रेशम रसरिया की टूट गइले ना
झुरु झुरु पुरुवा…..........

गिरत गिरत ठाढ़ भइली माई संभरी की कोप गईनी ना
कइली लाल लाल अखियां की कॉपी गईनी ना
झुरु झुरु पुरुवा.............

हाथ जोड़ अरज जे कइलस पटहेरवा की मानी गईल ना
जय जय गुजल असमनावां की मान गइल ना
झुरु झुरु पुरुवा.............

झुरु झुरु पुरुवा झुलावेला झुलनवा
निमिया गछियां झुलनवा झूले ली मईया ना-२
गीत- श्री आनंद गहमरी जी
गायन- श्री गोपाल राय जी


सोमवार, 2 अक्टूबर 2023

भोजपुरी जगत के महान संगीतकार एवं गीतकार श्री अजय त्रिपाठी जी का संक्षिप्त परिचय एवं रचनाएं- लव तिवारी

प्रारूप 
नाम : श्री अजय त्रिपाठी
जन्मतिथि : 20-06-1970
माता का नाम : स्वर्गीय रमावती देवी
पिता का नाम : श्री अवधेश तिवारी
जन्म स्थान : ग्राम पोस्ट युवराजपुर थाना सुहवल जिला ग़ाज़ीपुर उत्तर प्रदेश 232332
शैक्षिक योग्यता : पोस्ट ग्रेजुएट काशी विद्यापीठ वाराणसी
संप्रति (पेशा) : संगीतकार, गीतकार, लेखक
मैनेजर- मुकुलरणयम महाविद्यालय वाराणसी

विधाएं : भोजपुरी गीत, ग़ज़ल, भजन, निर्गुण, 
साहित्यिक गतिविधियां : 
प्रकाशित कृतियां : कोई नही
पुरस्कार सम्मान : भिखारी ठाकुर सम्मान आरा बिहार, 
२-विश्व भोजपुरी सम्मान अवार्डेड बाय हाई कमीशन मॉरीशस
३-भोजपुरी रत्न सम्मान काशी हिंदू विश्वविद्यालय
४- K.T.V.  काशी टी.वी. सम्मान वाराणसी

संपर्क सूत्र : 8601861100, 9451570890

विशेष परिचय : 18 भोजपुरी एवं हिंदी फिल्मों में गीत लेखन के साथ-साथ कुल लगभग 1600 गीतों का संग्रह एवं दूरदर्शन एवं कल्चर इवेंट में कई प्रोग्राम का संचालन करना, भोजपुरी के महान गायक श्री भरत शर्मा व्यास जी, श्री मदन राय जी, एवं  श्री गोपाल राय जी, एवं श्री मनोज तिवारी मृदुल जी जैसे तमाम भोजपुरी स्टार कलाकारों के लिए गीत के साथ साथ संगीतकार की अहम भूमिका में निर्वहन करना

भोजपुरी निर्गुण

बहुत कठिन बा जीनिगिया के जियल
सुख दुख के सुई धागा ले के एके सियल
बहुत कठिन बा.........
केहू के भरोस नईखे, मन भयभीय बा
परला प केहू नाही हीत केहू मीत बा-२
रोज आँसुवन के-२ घोट एहिजा पीयल
बहुत कठिन बा............

केकरा के आपन कही, केकरा के गैर हो
आगे बढ़त देख खीचे सब पैर हो-२
सहे के बधाव एहिजा-२ अपने के दीहल
बहुत कठिन बा.............

साथ रही तबले तोहरा, जबले बा अरथ
छोड़ देही साथ तुरते, पुरते स्वारथ-२
चुकता करे के पड़ी-२ जउन बा लीहल
बहुत कठिन बा ..................

बहुत कठिन बा जीनिगिया के जियल
सुख दुख के सुई धागा ले के एके सियल
बहुत कठिन बा.........


गाजीपुर के हास्य कवि बृजेश राय बउचट जी का संक्षिप्त परिचय एवं रचनाएँ -

प्रारूप
नाम : बृजेश राय बउचट
जन्मतिथि :-05-11-1983
माता का नाम : स्वर्गीय श्याम कुमारी देवी
पिता का नाम : स्वर्गीय राधेश्याम राय
जन्म स्थान : ग्राम पोस्ट बसूका थाना कामाख्या धाम तहसील सेवराई जिला ग़ाज़ीपुर उत्तर प्रदेश २३२३३९
शैक्षिक योग्यता : इंटरमीडिएट
संप्रति (पेशा) : किसान, प्राइवेट जॉब
विधाएं :- हास्य रचना, भोजपुरी गीत, भजन, भोजपुरी ग़ज़ल
साहित्यिक गतिविधियां : मंच संचालन के मुख्य भूमिका में रहकर साहित्यिक मंचों पर कविता पाठ करना।
प्रकाशित कृतियां : कोई नही
पुरस्कार सम्मान : कोई नही
संपर्क सूत्र : 8929811098,
विशेष परिचय : कई भोजपुरी गीतों के एल्बम में एक्टिंग की अहम भूमिका निभाने के साथ-साथ मंच संचालन तथा हास्य कवि होने का विशेष सम्मान गाजीपुर जनता ने हमें दिया हैं
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भोजपुरी कविता

रोटियाँ छोड़ावत तिया देशवा बलम जी भेजल करिह सनेसवा
भेजल करिह सनेसवा भेजल करिह सनेसवा
धारिह न जोगिया के भेषवा बलम जी भेजल करिह सनेसवा

रखीह रखियाल हुए दिल्ली सहरिया सुनीला फसा ई ले शहरी छोकरिया
बच के तू रही ह प्रदेशवा बलम जी भेजल करिह सनेसवा।

जल्दी कमा के घर पक्का बनवइह अम्मा जी के लउके नाही चश्मा दिलवइह
अम्मा जी की हउ ई आदेशवा बलम जी भेजल करिह सनेसवा।

एगो अउरी कहत तानी बात मोरे राजा, करिया हमार जन पीय दारू गांजा
बउचट के भुलईह जन उपदेसवा बलम जी भेजल करिह सनेसवा

२ हिंदी गीत....

जीवन के इस बगिया में प्रभू,प्यार का फुल खिला देना।
मिट जाये अंधियारा मन का, ऐसा दीप जला देना।

हम कपटी अभिमानी बाबा, कुछ तो दया अब कर दे रे,
हो जाये मन मीरा कबीरा, ऐसी घुट पिला देना।१

कण कण में प्रभु वास है तेरा,हर एक जीव में रहते हो,
भव सागर के बीच फसा मैं,साहिल से तू मिला देना ।२

छोड़ के तुझको कौन यहा पे, दर्द किसी का हरता है,
रंग जाये सब प्यार के रंग में, ऐसा दिन वो ला देना ।३

तुही बता अब किस पे भरोसा,कर के चलें हम ऐ मालिक,
पर्वत सा जो दर्द मिला है,उसको तो पिघला देना।४।

रचना  श्री बृजेश राय बउचट




रविवार, 1 अक्टूबर 2023

BHU के सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर Muscular Dystrophy जैसे रेयर डिजीज पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम मेरे द्वारा पूछे गये प्रश्न- लव तिवारी

मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पर आयोजित कार्यक्रम में आज Banaras Hindu University - बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय - BHU के प्रांगण में आनुवंशिकी विभाग के वैज्ञानिक एवं जेनेटिक रोग विशेषज्ञ चिकित्सक से अपने सवाल को पूछते हुए।

चिकित्सक वैज्ञानिक से सवाल-::::

१ खानपान -जैसा कि लोग कहते हैं कि मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए एनिमल प्रोटीन स्रोत जैसे मांस अंडा मछली दूध ( जिस खाद्य पदार्थ का स्रोत एनिमल है) यह सब वर्जित है क्या यह सही है। क्या फल और सलाद बहुत उपयोगी है, आप के नजर में पीड़ितों के लिए क्या खाना चाहिए इस पर अपने विचार प्रकट कीजिए।

२- मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के कई प्रकार हैं जैसे BMD,LGMD, DMD, FSHD, लेकिन एक टाइप को लेकर हमेशा मन में संसय बनी रहती है क्या SMA भी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी का ही प्रकार है। प्रश्न पूछने के पीछे उद्देश्य यह है कि SMA का इलाज आ गया है, जो कि लगभग 16 करोड़ रुपये का है

३- क्या एम्स जैसे सुविधाओं जैसे टेस्ट, इलाज को बीएचयू में विकसित किया जा सकता है जिससे हम पूर्वांचल के पीड़ित का बेहतर इलाज bhu में ही हो सके। अगर नहीं तो हमारे सेंपल बीएचयू के डॉक्टर द्वारा कलेक्ट कर कर अन्य बड़े संस्थानों में भेज कर वहां से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर क्या हमारा इलाज में किया जा सकता है ।

४ क्या बड़े संस्थानों के डॉक्टर को 6 महीने एवं 1 वर्ष के बाद बीएचयू में कैंप लगाकर यहां की आसपास मस्क्युलर डिस्ट्रॉफी की पीड़ितों की ईलाज की भी व्यवस्था कर सकते है।

५- आयुर्वेद पंचकर्म, स्टेमसेल थेरपी, इनका प्रयोग कर कई पीड़ित हमारे संपर्क में है। लेकिन उन्हें कोई स्वस्थ्य लाभ नही मिला है। क्या जीन थेरेपी समुचित इलाज है अगर है तो इसके क्या खर्च है। अभी-अभी हाल ही में पता चला है भारत और जापान मिलकर टाइप DMD का इलाज ढूंढ लिए हैं अगर इलाज आ गया है तो वह किस प्रकार का इलाज है और हम पीड़ितों के पास उसकी इलाज को आने में अभी कितना समय लग सकता है।

६- आनुवंशिकी पर सवाल क्या dmd की तरह अन्य प्रकार जैसे LGMD, BMD, FSHD, के प्रकार भी अनुवाशिंक है। अनुवांशिकी के अलावा क्या अन्य कारण भी हो सकते है। जैसे जीन म्यूटेशन, चिंता,भुखमरी, गरीबी, मेरे जन्म के समय भी ऐसी ही कहानी थी।मेरे माता-पिता के पिछले कई पीढ़ियों में इस तरह की बीमारी का कोई प्रारूप नहीं था,फिर भी हम दोंनो भाइयों ने शादी न करने का निर्णय लिया जिससे आगे के पीढ़ी में इस बीमारी की संभावना न के बराबर हो।

मेरी नजर में ऐसी कई परिवार हैं जिनका पीढ़ी दर पीढ़ी इस रोग का विकास अगले पीढ़ी में हो रहा है ना इसके लिए सरकार जागरुक है ना पीड़ित के परिवार, इस पर प्रकाश डाले

७- आयुर्वेदिक दवा जैसे शतावर, अश्वगंधा, मूसली एवं तुलसी जैसे पौधों से द्वारा बनाए गए दवाओं का मैं शहद के साथ प्रयोग करता हूं, क्या यह मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ितों के लिए लाभदायक है इस पर प्रकाश डालें

सरकार के प्रतिनिधि से सवाल- ::::::

१- पेंशन व भत्ते- बिहार सरकार ने अपने पीड़ितों को ₹6 लाख की राशि उड़ीसा सरकार 10 लाख रुपये प्रदान की है। वही आंध्र प्रदेश की सरकार अपने पीड़ितों को ₹5000 की मासिक पेंशन एवं हरियाणा सरकार ₹2500 की मासिक पेंशन की घोषणा की उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मैं इस तरह की राशि का कोई आवंटन किया गया है ना इलाज की लिए हुई व्यवस्थित व्यवस्थाएं सरकारी करती है कि हमारे प्रदेश में सबसे ज्यादा जनसंख्या है इस पर आप प्रकाश डालें। ।

२- जागरूकता- जिस प्रकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के लिए माधुरी दीक्षित एवं पोलियो उन्मूलन अभियान के लिए अमिताभ बच्चन को ब्रांड एंबेसडर बनाकर जागरूकता कार्यक्रम को देश में विभिन्न चैनल माध्यमों से प्रसारित किया जाता है और इस पर बडी कामयाबी भी मिली है। लेकिन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी की एक अनुवांशिक बीमारी होने के बावजूद भी उसे पर कोई कार्य नहीं किया जा रहा है और यह बीमारी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में बहुत तेजी से बढ़ रही है इस पर प्रकाश डालें

३- आज जिस तरह की सुंदर व्यवस्थित प्रोग्राम का आयोजन आप सभी के द्वारा मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ितों के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय [BHU] में रखा गया है, क्या इस तरह का आयोजन भविष्य में कैसे किया जा सकता है जिसमें भारत की यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी एवं उत्तर प्रदेश की माननीय मुख्यमंत्री से योगी आदित्यनाथ जी हम सब से मिलकर हमारे सवालों का जवाब ले सके।

४- डॉक्टर कहते है कि इलाज नहीं है, क्या हमें बेहतर न्यूट्रिशन (पोषक तत्व) दिया जा सकता है ,जिससे हमारे शरीर की मसल्स के क्षय को कम किया जा सके। इस पर भी प्रकाश डालें।।

५- नौकरी आरक्षण जैसा कि बिहार सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ितों के लिए एक अलग से कोटा था क्या उत्तर प्रदेश द्वारा आगामी आयोजित परीक्षाओं में भी इस तरह की व्यवस्था की जाएगी इस पर ही प्रकाश डालें

६- हम दोनों भाई उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं तथा केंद्र सरकार द्वारा आयोजित परीक्षा में भी भाग लेते हैं। वहीं केंद्र सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हमें एक्स्ट्रा समय की व्यवस्था होती है लेकिन राज्य सरकार द्वारा परीक्षाओं में इस तरह की व्यवस्था नहीं है इस पर भी प्रकाश डालें।

लव तिवारी कुश तिवारी
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ित
पता- न्यू चंद्रा कॉलोनी पीर नगर ग़ाज़ीपुर उत्तर प्रदेश २३३००१
मोबाइल नंबर- 9458668566
ईमेल- lavkrtiwari@gmail.com
Blog- http://lavtiwari.blogspot.com/?m=0

Mansukh Mandaviya MYogiAdityanath Amit Shah Indian Association of Muscular Dystrophy(IAMD) Muscular Dystrophy Association Of India WhoMadeWho DM_Ghazipur Banaras Hindu University - Varanasi Banaras Hindu University - BHU Banaras Hindu University Banaras Hindu University


मस्कुलर डिस्ट्रॉफी- BHU के सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर एवं स्पेशल एबल्ड फाउन्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसे रेयर डिजीज पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

कल दिनांक 30 सितंबर 2023 Banaras Hindu University - बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय - BHU के सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर एवं स्पेशल एबल्ड फाउन्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसे रेयर डिजीज पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यह सहमति बनी कि हम सब मिलकर संयुक्त रुप से पीड़ित पक्ष एवं Banaras Hindu University - Varanasi के वैज्ञानिक व चिकित्सक कार्य करते रहेंगे तथा इस विषय को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे एवं इसके निदान हेतु अपना करेंगे तथा शीघ्र से शीघ्र दवा का आविष्कार हो इसके लिए प्रयास किया जाएगा। मस्कुलर डिस्ट्रोफी से अपने 10 लाख पीड़ित जो परिवार हैं उनको राहत दिला सकेंगें। प्रो परिमल दास जी के संयोजन में हुए इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में दिव्यांग बंधु डॉक्टर श्री Uttam Ojha जी, विश्व विख्यात वैज्ञानिक प्रो डॉक्टर एल सी लखोट्या ,प्रो गंगोपाध्याय जी प्रो राजीव रमन जी एवं जेनेटिक डिसऑर्डर के हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रोफेसर अख्तर अली जी, न्यूरो चिकित्सक डॉक्टर श्रीमती दीपिका जोशी जी, बाल चिकित्सक डॉक्टर अंकुर सिंह जी, डॉक्टर गरीमा जैन, डॉक्टर चंदना दास प्रख्यात मनो चिकित्सक डॉक्टर तुलसी दास जी,डॉक्टर दिव्यांशु सिंह जी तमाम सम्मानित डॉक्टर एवं वैज्ञानिक जनों का सहयोग एवं स्नेह व आशीर्वाद हम मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ित जन को प्राप्त हुआ। हम दोनों भाइयों के साथ साथ मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित वाराणसी से रोहित कुमार सिंह और अखिलेश त्रिपाठी, चंदौली से श्री संदीप जी आजमगढ़ से एस पी पाठक सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक एवं शोध छात्र उपस्थित रही। बड़ी दुःख के साथ यह कहना पड़ता है गाजीपुर जिले के कुल 40 मस्कुलर डिस्ट्रॉफी प्रभावित लोगों में से केवल हम दोनों भाई ही आयोजन में भाग ले पाए। सरकार का रवैया तो प्रतिकूल है ही पीड़ित के परिजन भी इस गम्भीर समस्याओं को अच्छी तरह जानते हुए भी असंवेदनशील है। घर बैठ कर सरकार पर इल्जाम लगाने वाले आप पीड़ित परिजनों को भगवान सद्बुद्धि प्रदान करे। आगे की लड़ाई तो हम लड़ेंगे ही इसमें आपका साथ हो या ना हो।
धन्यवाद लेखक- Lav Tiwari Kush Tiwari मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ित ग़ाज़ीपुर उत्तरप्रदेश
Narendra Modi MYogiAdityanath Mansukh Mandaviya Brajesh Pathak Muscular Dystrophy Association Of India Indian Association of Muscular Dystrophy(IAMD) DM_Ghazipur Amit Sharma Neeraj Singh Banaras Hindu University Banaras Hindu University Banaras Hindu University - BHU


बुधवार, 27 सितंबर 2023

धरती मइया और गंगा किनारे मोरा गाँव की हिरोइन गौरी खुराना नहीं रहीं- मनोज भावुक

धरती मइया और गंगा किनारे मोरा गाँव की हिरोइन गौरी खुराना नहीं रहीं। नहीं रहीं अभिनेता कुणाल सिंह के साथ सुपरहिट जोड़ी रही गौरी। वह पिछले कई माह से बीमार चल रही थीं। चार बंगला, अंधेरी (वेस्ट) मुंबई स्थित अपने आवास 'सुमेरु' में उन्होंने अंतिम सांस ली।

भोजपुरी सिनेमा के पहले और दूसरे दौर में असीम कुमार-कुमकुम, सुजीत कुमार-प्रेमानारायन, राकेश पांडेय-पदमा खन्ना या भोजपुरी सिनेमा के नये दौर में निरहुआ-पाखी हेगड़े/ निरहुआ-आम्रपाली, खेसारी-काजल राघवानी की जोड़ी जिस ढंग से लोकप्रिय है और सुपरहिट फिल्में दे रही है, उसी तरह 80 के दशक में कुणाल-गौरी खुराना की जोड़ी थी।

2002 में जब मैं अपनी किताब ' भोजपुरी सिनेमा के संसार' के लिए कुणाल सिंह से बातचीत कर रहा था तो उन्होंने गौरी खुराना के चुलबुलापन और बिंदासपन की अनेक कहानियां सुनाईं थीं।

निर्माता अशोक चंद जैन गौरी को लक्की सिक्का मानते थे। इसलिए उन्होंने धरती मईया और गंगा किनारे मोरा गांव से प्रसिद्धि पाने और धन कमाने के बाद, बहुत दिन बाद ( लगभग 20 साल बाद ) गंगा के पार सइयां हमार में भी गौरी को शामिल किया था, भले वह अतिथि भूमिका थी। शायद यह गौरी की अंतिम फ़िल्म भी है।

वैसे तो दर्जनों भोजपुरी फिल्में हैं गौरी के खाते में मगर मुझे 'दूल्हा गंगा पार के' वाली गौरी सबसे अच्छी लगीं।
अच्छी लगीं यह कहते हुये कि ' काहे जिया जरवलs चल दिहलs हमें बिसार के/ एतना बता द ए दूल्हा गंगा पार के '

गौरी खुराना के भला के बिसार पाई। भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में एगो सुपरहिट अभिनेत्री का रूप में उनकर नाव चमकत रही।

श्रद्धांजलि !

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मंगलवार, 26 सितंबर 2023

राजपूतों की बलदानी गाथा- लेखक लव तिवारी

कुँआ ठाकुर का था पर कभी लोग राजतंत्र में प्यासे नहीं मरे, खेत ठाकुर का पर कोई भूखा नहीं मरता था , बैल ठाकुर के हल ठाकुर का हल की मूठ पर हाथ हरवाह का पर हर-वाह आत्महत्या नही करते थे, उनकी हर ज़रूरत पूरी की ठाकुर ने उसके परिवार को पालने का एक मात्र साधन था ठाकुर के बैल और हल

गाँव ठाकुर के, शहर ठाकुर के, देश ठाकुर का, क्योकी मातृभूमि के लिए अपना और अपने बच्चों तक का खून बलिदान देने वाला ठाकुर अपने देश और जनता के लिए ही जीता था,आक्रांताओ के आगे खडा होकर,बलिदान देकर! जिसकी वजह से लोग उनको व उनकी आवाज़ को अपना लक्ष्य बना लेते थे l
जय राजपूताना🙏🚩

राजनीति के भृष्ट ठेकेदारों ने कभी राजपूतों के बलिदानों का जिक्र नहीं किया कि कैसे देश एवं अपनी मात्रभूमि की रक्षा के लिए वह अपने और अपने सुंदर वीर पुत्र का भी बलिदान दे देते थे।


सोमवार, 25 सितंबर 2023

तू तो करनी का फल ही पाओगे- लाख चाहोगें छुपाना उनसे उनकी नजरो से बच न पाओंगे

तू तो करनी का फल ही पाओगे-२
लाख चाहोगें छुपाना उनसे
उनकी नजरो से बच न पाओंगे
हां तू तो करनी का फल ही पाओगे

अपने हाथों से कुछ न दान किया
अपने ताकत ही अभिमान किया-२
ना रहेगा तेरा ये नामो निशां
इस तरह तुम मिटायें जाओगे
तू तो करनी का फल ही पाओगे-२
लाख चाहोगें छुपाना उनसे
उनकी नजरो से बच न पाओंगे

एक सुंदर चिता बनायेगा
और उस पर तुझे सुलायेगा-२
जिस तरह जलती हर बरस होली
उस तरह तुम जलाये जाओगे
तू तो करनी का फल ही पाओगे-२ 
लाख चाहोगें छुपाना उनसे 
उनकी नजरो से बच न पाओंगे

तूने वादा किया था याद करो

तूने वादा जो किया था संसार के स्वामी से
कर दे ज़ुबान मीठी सुमिरन करु तुम्हारा
इकरार जो किया था संसार के स्वामी से

दुनिया के झन झट में हरगिज़ न मैं पडूंगा
स्वीकार जो किया था संसार के स्वामी से

तूने वादा किया था याद करो
कौल करके वहाँ से यहाँ से आये थे
जब वो पूछेंगे सारी बाते तो 
उनके आगे क्या मुँह दिखाओगे

तू तो करनी का फल ही पाओगे-२ 
लाख चाहोगें छुपाना उनसे 
उनकी नजरो से बच न पाओंगे

पा के नर तन कुछ ऐसा काम करो
सबका आशीष लो ऐसा नाम करो
तेरी करनी जो नेक होगी तो
सबकी आँखों को तुम रुलाओगे

तू तो करनी का फल ही पाओगे-२ 
लाख चाहोगें छुपाना उनसे 
उनकी नजरो से बच न पाओंगे


जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे- व्यास जी मौर्या वाराणसी


जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे-४
जोग जती रे जोग जती रे
जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे-४

जैसे ब्रम्हा वेद जोगावें
वेद जोगावें हो वेद जोगावें
शिव को जोगावें पार्वती रे
जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे-४

जैसे सोनरा सोना जोगावें
सोना जोगावें रामा सोना जोगावें
घट ही न पावें एको रति रे
जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे-४

जैसे नारी पुरुष जोगावें
पुरुष जोगावें हो पुरुष जोगावें
जरत अगन में होत सती रे
जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे-४

कहत कबीर सुनो भाई साधु
सुनो भाई साधो सुनो भाई साधो
कारा जागा छत्रपति रे।

जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे-४
जोग जती रे जोग जती रे
जोगावें कोई जोगिया जोग जती रे-४

गायक श्री व्यास जी मौर्या जी
वाराणसी उत्तर प्रदेश


छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए ये मुनासिब नही आदमी के लिए

 कहा चला ए मेरे जोगी, जीवन से तू भाग के

किसी एक दिल के कारण यू सारी दुनिया त्याग के

छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए
ये मुनासिब नही आदमी के लिए
प्यार से भी जरुरी काम है
प्यार सबकुछ नही जिन्दगी के लिए

तन से तन का मिलन हो ना पाया तो क्या
मन से मन का मिलन कोइ कम तो नही
खुशबू आती रहे दूर ही से सही
सामने हो चमन कोइ कम तो नही
चांद मिलता नहीं, सब को संसार मे
है दिया ही बहोत रोशनी के लिए

कितनी हसरत से तकती ये कलिया तुम्हे
क्यो बहारो को फिर से बुलाते नही
एक दुनिया उजाड़ ही गयी है तो क्या
दूसरा तुम जहा क्यो बसाते नही
दिल ना चाहे भी तो साथ संसार के

चलना पड़ता है, सब की खुशी के लिए.



एक तिनके के जैसा बिखर जाएगा पाप करते हो जिस जिंदगी के लिए - अरुण दुबे ग़ाज़ीपुर

एक तिनके के जैसा बिखर जाएगा
पाप करते हो जिस जिंदगी के लिए
शाम होते ही सूरज ये ढल जाएगा
ऐसा नियम बना है सभी के लिए
एक तिनके के जैसा बिखर जाएगा

इतने दिन में तू इस मन को धो ना सका
अपने परमात्मा का तू हो ना सका-२
भक्ति का लो तू साबुन गुरु से अभी-२
मन में फैले हुई गंदगी के लिए
एक तिनके के जैसा बिखर जाएगा
पाप करते हो जिस जिंदगी के लिए

छोड़ सारे अहम को समर्पण करो
प्रेम से फूल के नेग अर्पण करो
हो कपट मन में तो पूजा लेते नहीं-२
मन को निर्मल करो बंदगी के लिए
एक तिनके के जैसा बिखर जाएगा
पाप करते हो जिस जिंदगी के लिए

अरुण दुबे ग्राम ब्रह्मानपुर पोस्ट करंडा गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश
गाने का तर्ज- छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए



ओ पापी मन करले भजन मौका मिला हैं तो कर ले जतन- अरुण दुबे ग़ाज़ीपुर

ओ पापी मन करले भजन
मौका मिला हैं तो कर ले जतन
बाद में प्यारे पछतायेगा जब
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा तब
तू हाथ मलता ही रह जाएगा।

क्यों करता है तेरा मेरा
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा
दो दिन का है ये जीवन तेरा
फिर क्या तेरा फिर क्या मेरा
हो....….........…...
क्या तू लेकर आया था क्या तू लेकर जाएगा
जैसा किया कर्म तूने वैसा ही फल पाएगा
बाद में प्यारे पछतायेगा
जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा तब
तू हाथ मलता ही रह जाएगा

भरी जवानी तू जी भर के सोया
आया बुढ़ापा तो देख के रोया
पायेगा तू अब वैसा ही प्यारे
जैसा भी था पहले तूने बोया
हो.................
प्रभु की नजर से तू बच नहीं पाएगा
आएगा बुढापा तो थर थर काँपेगा
बाद में प्यारे पछतायेगा जब
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा तब
तुम हाथ मलता ही रह जाएगा

ओ पापी मन करले भजन
मौका मिला हैं तो कर ले जतन
बाद में प्यारे पछतायेगा जब
पिंजरे से पंछी निकल जाएगा तब
तू हाथ मलता ही रह जाएगा।



गुरुवार, 21 सितंबर 2023

हे अतिथि मेरा स्वागत स्वीकार कीजिए-

                                               हे अतिथि मेरा स्वागत स्वीकार कीजिए-2

अपने गले मे प्रेम का -2 ये हार लीजिए
हे अतिथि...............................-2

हम आप के स्वागत मे पलके बिच्छाए है-2
भगवान बनके आप मेरे घर मे आए है-2
कुछ भी नही भाव का उप हार लीजिए
हे अतिथि...............................-2


नही साग है बीदूर का, सेवरी का नही बेर-2
पंगु है कैसे आप ,का सत्कार हम करे-2
सब कुछ भुला के आप हमे प्यार दीजिए
हे अतिथि...............................-2


इस आगमन से आप के खुश है यहा के लोग-2
जॅन जॅन के मिलन का बना प्यारा मधुर सुयोग-2
ता उम्र इस मिलन का निर्वाह कीजिए..
हे अतिथि...............................-2





मैं अहिल्या नहीं बनूंगी- लेखिका ऋषिता सिंह ग़ाज़ीपुर

मैं अहिल्या नहीं बनूंगी
किसी इंद्र की वासनाओं पर
अपना तिरस्कार, नहीं सहूंगी
कल भी मैं शुद्ध, पुनीत, पवित्र थी
और मैं कल भी रहूंगी
कब तक किसी गौतम के श्राप से
यूंही पत्थर बनी रहूंगी
क्यों मैं अपने उद्धार के लिए
राम की प्रतिक्षा करूंगी
किसी के पद स्पर्श से
कैसे मैं खुद को शुद्ध कहूँगी
मैं अपनी निष्कलंकता के लिए
कब तक जग से लड़ूंगी
अब मैं अहिल्या नहीं बनूंगी

ऋषिता सिंह



सोमवार, 18 सितंबर 2023

तू नही तो तेरी याद सही यादो के सहारे जी लेगे- सोनू निगम

तू नही तो तेरी याद सही यादो के सहारे जी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..

यू मेरी तरह कोई ना उजड़े ना मीत किसी मन का बिछड़े
तोड़ा है मेरा दिल तूने मगर किसी और के मत करना टुकड़े...

इल्ज़ाम वफ़ा के हस कर हम सर देके ना हिलेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..

कभी तुझको चाँदनी रातो मे याद आए जो हम बरसातो मे
नफ़रत से ही लेना नाम मेरा कभी ज़िक्र मेरा हो बातो मे..

रोयेंगे सदा पर भूले से हम नाम ना तेरा कभी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..

इन प्यार की सब तस्वीरी को और लिखी सब तहरीरओ को
एक राख का ढेर बना देना सब खवाबो की तबीरो को..

बर्बाद ना अपना वक़्त करो हम राहे अपनी नयी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे...

गिरती हुई हम है दीवारे जो देखे हमे वो दुतकारे
तक़दीर के हाथो बेबस है हर जीती हुई बाज़ी हारे...

देखेगे तुझे जब "इशरत" हम आँखो मे गम की नमी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..


शुक्रवार, 15 सितंबर 2023

निज भाषा के अभिलाषी हैं हम सब तो हिन्दी भाषी है इरशाद जनाब खलीली

निज भाषा के अभिलाषी हैं
हम सब तो हिन्दी भाषी है

बचपन से हिन्दी बोले हैं
शब्दों से शरबत घोले हैं

बड़ी सरलता से आती है
बोलचाल में मन भाती है

सर्वप्रथम ग्यारह स्वर आते
भाषा का प्रारम्भ बताते

अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ
ओ औ के संग ऋषि को लेले

अयोगवाह अं अः अक्षर हैं
हालांकि ये दोनो स्वर हैं

तत्पश्चात व्यंजन छत्तीस
अन्य तीन अतिरिक्त हैं मिश्रित

कुल उनतालिस व्यंजन सुन्दर
महायोग में बावन अक्षर

क ख ग घ ङ बोलो
कंठ तनिक कंठव्य के खोलो

च छ ज झ ञ लिख ले
ध्वनि यदि तालव्य से निकले

ट ठ ड ढ ण का वर्णन
देख ज़रा मूर्धन्य का दर्पण

त थ द ध न दंतव्य
जीभ का दांतों तक गंतव्य

प फ ब भ म का उदगम
ओष्ठय वर्ण होंठों का संगम

य र ल व अंतः स्थल
कहलाते हैं व्यंजन दुर्बल

श ष स और ह बस निकले
उष्म वर्ण घर्षण से पिघले

क्ष त्र ज्ञ और श्र का दर्शन
ये सब हैं संयुक्त व्यंजन

ड़ और ढ़ यूं तो बाहर हैं
मिश्रित ये अतिरिक्त अक्षर हैं

अक्षर से अक्षर उच्चारित
बावन वर्णों पर आधारित

हिन्दी है पहचान हमारी
हिन्दी हमको जान से प्यारी

देश की मिट्टी पर सो लेंगे
हम तो बस हिन्दी बोलेंगे

यही मातृभाषा हम सबकी
यही क्षेत्रभाषा हम सबकी

यही राजभाषा हम सबकी
यही राष्ट्रभाषा हम सबकी

*इरशाद जनाब खलीली*


किसी से कुछ ना कहना सीखो- बीना राय गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

सबके साथ रहना सीखो।
किसी से कुछ ना कहना सीखो।।

हाले दिल जो सबको बताओगे
तनहा महफ़िल में रह जाओगे

दर्द आपना सहना सीखो ।
कीसी से कुछ ना कहना सीखो।।

चाहत में खुद के ही संवरा करो
खुशियों की गली से गुज़रा करो

मुकद्दर से लड़ना सीखो।
किसी से कुछ ना कहना सीखो।।

गुनगुनाते रहो मुसकुराते रहो
हंसी ख्वाबों से आंख मिलाते रहो

मौजों में बहना सीखो ।
किसी से कुछ ना कहना सीखो।।

घबराओ नहीं रब साथ है।
तुम उसी से कहो जो भी बात है ।।

रब के कदमों में ढहना सीखो।
किसी से कुछ ना कहना सीखो।।

स्वलिखित नज़्म
बीना राय
गाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश



हिंदी है हमारी भाषा गर्व से बताइए जी - लेखिका मधुलिका राय ग़ाज़ीपुर उत्तर प्रदेश

हिन्दी को बढ़ाइए जी,
हिन्दी को बचाइए जी,
हिंदी है हमारी भाषा ,
गर्व से बताइए जी।

सहज सरल भाषा,
जीवन की अभिलाषा,
मिश्री सी मीठी है ये ,
इसे अपनाइए जी।

इसका ना ओर-छोर,
बधे सब एक डोर,
एकजुटता का पाठ,
सबको पढ़ाइए जी।

हिन्दी है हमारी शान,
इस पर है अभिमान,
हिन्दी को शिखर तक ,
अब पहुंचाइए जी।

मधुलिका ,,,,,,‌✍️


गुरुवार, 14 सितंबर 2023

परे है अक़्ल से परवाज़ आरजू ए क़लम हद ए कमाल से आगे है जुस्तजू ए क़लम- अहकम ग़ाज़ीपुरी

परे है अक़्ल से परवाज़ आरजू ए क़लम
हद ए कमाल से आगे है जुस्तजू ए क़लम

मेरे ख़याल में मज़्मून लेके आते हैं
सरोशे इल्म से होती है गुफ़्तगू ए क़लम

यही दुआ है कि इल्म ओ अदब के गुलशन में
गुलों के ख़ामा से उट्ठे फ़ज़ा में बू ए क़लम

अदब की क़द्र जो हैं ना बलद वो क्या जाने
कि अहले इल्म ही होते हैं रूबरू ए क़लम

ये इल्म एक क़लमकार की एबादत है
नमाज़ हर्फ़ है स्याही अगर वज़ू ए क़लम

मैं आज क़ौम की तारीख़ लिखने बैठा हूं
ये इम्तिहान है रह जाये आबरू ए क़लम

अमीरे शहर हो अहकम अदब की दुनिया के
उठो के दस्ते सुख़नवर बढ़ाओ सू ए क़लम


कलियों की जो अस्मत लूटे फूलों की तज़लील करे ऐसा वहशी क़ौम का मेरी रहबर होने वाला है -अहकम ग़ाज़ीपुरी

पेश जहां में ऐसा भी इक मंज़र होने वाला है
मोम का पैकर रोते रोते पत्थर होने वाला है

कलियों की जो अस्मत लूटे फूलों की तज़लील करे
ऐसा वहशी क़ौम का मेरी रहबर होने वाला है

शर्म ओ हया के साथ ही अपनी क़दरें भी नीलाम हुई
आंख का पानी बहकर सर से ऊपर होने वाला है

जिसके परे परवाज़ में जुर्रत भी है अर्श को छूने की
वक्त के तेवर यह कहते हैं बे पर होने वाला है

सारी दुनिया मेरी मुख़ालिफ़ हो जाए अफसोस नहीं
सारा जमाना इक दिन मेरा लश्कर होने वाला है

शहरे सकूँ में फिर कोई नमरूद की आमद है शायद
हश्र से पहले इस दुनिया में महशर होने वाला है

सब को साथ में लेकर चलने का एजाज़ है अहकम
झरना दरियाओं से मिलकर सागर होने वाला है




मेरे ख्वाबों में था तू ही तू रात भर तुझसे होती रही गुफ्तगू रात भर - अहकम ग़ाज़ीपुरी

मेरे ख्वाबों में था तू ही तू रात भर
तुझ से होती रही गुफ्तगू रात भर

सज्दा ए इश्क़ करता रहा मैं अदा
अपने अश्कों से करके वज़ू रात भर

मस्त आंखों से तेरी ए जाने वफ़ा
पी रहा था मैं जामो सबू रात भर

डंस रही थी हमें शब की तन्हाईयाँ
बस तुम्हारी रही जुस्तजू रात भर

ज़ख़्म का तूने मुझको जो तोहफ़ा दिया
उसको करता रहा मैं रफ़ू रात भर

चांद पर जैसे काली घटा छा गई
ज़ुल्फ़ बिखरी रही चार सू रात भर

पेशे हक़ होगी मकबूल अहकम दुआ
रखके सज्दे में सर मांग तू रात भर