गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
एक प्यारा सा गांव, जिसमे पीपल छांव छाव में आशिया था एक छोटा मका था - सुदर्शन फ़ाकिर
शनिवार, 22 अप्रैल 2017
दोस्त एक भी तो नही दिख रहा यहाँ- डॉ एम डी सिंह
पन्ना - पन्ना गम हर्फ - हर्फ दर्द छाया है
कैसे दौर में भला यह वक्त आया है
खींच ऐसे मुकाम पर जश्न लाया है
किसी शायर ने यूं इक नज्म गाया है
मौत करीब इतना सबने पाया है
डॉ एम डी सिंह
जहाँ इंसानियत दिखती नही - डॉ एम डी सिंह
कहते हो तुम था जमी पे कभी जन्नत यहीं पर
टुकड़े पत्थरों के बिखरे हैं हर सिम्त वहीं पर
आज क्यूँ टिकी है बात एकदम से नहीं पर
सुना वही वादियां जी बन्दूकों पे रहीं पर
वे मेरे इरादों की मीनारें रेत सी ढहीं पर
शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017
रविवार, 2 अप्रैल 2017
कौन सुनेगा किसको सुनाये - लव तिवारी
गुरुवार, 30 मार्च 2017
विवशता- मरती क्यों नही चिड़िया - एम डी सिंह
घर के सामने
पेड़ पर चीखती है
नारे लगाती है मेरे विरुद्ध
बच्चों के साथ चहचहा कर खेलती है
फुदक फुदक कर नाचती है
गड़ती है मेरी आंखों में
किरकिरी की तरह
मेरे बच्चे मेरे साथ खेल क्यों नहीं पाते
आता है गुस्सा
चिढ़ाती है मुझको
मारता हूं ढेले भगाता हूं उसको
उड़-उड़ बार-बार बैठ जाती है
डरती क्यों नहीं चिड़िया
हूं कितना वहशी
बेदर्द स्वार्थी भय का प्रतीक
वह तो बस चिड़िया
जीभ का स्वाद पेट का आहार
मारता हूं रोज नोचता हूं पंख
भूनता हूं खाता हूं
चिड़िया पेड़ पर
घोसले में
फिर भी चाहचहाती है
मरती क्यों नहीं चिड़िया ?
शुक्रवार, 17 मार्च 2017
काश ये रोशनी के शहर नही होते - डा एम डी सिंह
तो फिर ये हादसों के घर नहीं होते
यूं खंजर कभी खूँ से तर नहीं होते
वरना इतने कहीं पे डर नहीं होते
सच मुच अफवाहों के पर नहीं होते
मौत के इल्जाम इतने सर नहीं होते
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़डॉ एम डी सिंह
गुरुवार, 9 मार्च 2017
कश्मीर की नाजुक कली हो तुम- लव तिवारी
बिन कहे चहकती ग़ज़ल हो तुम
मेरी जिंदगी और आशिकी हो तुम
तो कभी दिलो की धङकन हो तुम
शीतलता के लिए शज़र हो तुम
बन के साहिल किनारें की मंजिल हो तुम
रविवार, 5 मार्च 2017
आती कैसे नींद करवट को मैंने- ऍम डी सिंह
आवारा कमबख़्त ख़यालों को मैंने नीद चुराते देखा
मेरे ही हाथों मशाल थी जिन्हें मैंने आग लगाते देखा
मैंने खुद को सर ऊंचा कर तूफानों को पास बुलाते देखा
दुनिया ने तमाशाई बन के आस्तीनें ऊपर जाते देखा
बेहद तंग सबिस्तां में लेजा कर ना किसने मुझे सुलाते देखा
सबिस्तां -शयनगृह
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़डॉ एम डी सिंह
शनिवार, 4 मार्च 2017
कल तक जो ख्वाब था वो हकीकत हो तुम - लव तिवारी
जिंदगी कैसे जिये अब मोहब्बत हो तुम
तपतपाती धुप में एक शजर हो तुम
शायरी के हर लब्ज़ में एक बसर हो तुम
बन जाती हो ग़ज़ल मेरी आशिकी हो तुम
दिल झूम उठता है बस हर ख़ुशी हो तुम
संपर्क सूत्र- +91-8010060609
Visit- lavtiwari.blogspot.in\
सोमवार, 27 फ़रवरी 2017
शरारत के बन्दे शराफत की बातें - एम डी सिंह
मवाली के धंधे हिफाजत की बातें
नियत मैं दंगे इबादत की बातें
मक्कारी के फंदे हिरासत की बातें
बैठे खुद नंगे नफासत की बातें
दिखावट में चंगे विरासत की बातें
.............डॉ एम डी सिंह
सोमवार, 20 फ़रवरी 2017
कब्र के लिए दो गज जमीन ढुढोगे - एम डी सिंह
कब्र के लिए दो गज जमीन ढूंढोगे
किसी रोज तुम भी यकीन ढूंढोगे
ऐ खुशफहम एक दिन ख़दीन ढूंढोगे
न मिलेगा जब तुम अमीन ढूंढोगे
एक दिन तुम मादा जनीन ढूंढोगे
ख़दीन -दोस्त
अमीन - ईमानदार
मादा जनीन - गर्भस्थ बच्ची
डॉ एम डी सिंह
शनिवार, 18 फ़रवरी 2017
मेरी ग़ज़लों में तू और तुझ पर मैं फ़िदा हूँ - लव तिवारी
लोग कहते हैं कि मयकदो का वासिन्दा हूँ
दुनिया समझी है मै घने जंगल का परिंदा हूँ
तेरे सख्सियत से उभरे मेरे हुनर और क़ाबलियत
मेरी ग़ज़लों में तू और तुझ पर मैं फ़िदा हूँ
कयामत हो जाती तभी तो मैं मर कर भी जिन्दा हु
गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017
बिगड़ लेने दे इतना सुधरने का मज़ा आ जाये डॉ एम डी सिंह
कद्दावर के आगे मुकरने का मजा आए
हो सामने पहाड़ ठुकरने का मजा आए
राहें न बत आसां रहबर और हमको
दुश्वार डगर हो गुजरने का मजा आए
चढ़ने दे दोस्त इतना नीचे न दिखे कुछ भी
गहरी हो घाटी उतरने का मजा आए
मिल जाए गर किसी के सपनों को पर हमीसे
फिर ख्वाब कुछ अपने कुतरने का मजा आए
नसीहतें सभी तेरी हम मान लें नासेह
बिगड़ लेने दे इतना सुधरने का मजा आए
.......डॉ एम डी सिंह
सोमवार, 6 फ़रवरी 2017
याद आयी माँ बहुत जब खत मिला - जसवंत सिंह
रुक न पाया आँसुओ का सिलसिला
याद आयी माँ........
सो सका न चैन से एक पल भी रात भर
वक़्त से करता रहा रो कर गिला
याद आयी........
संग जिनके खेलता था याद वो सब आ गए
कैसे अब लौटेगा वो बचपन भला
याद आयी माँ .........
मेरा चेहरा मुझसे ही कुछ अजनबी सा हो गया
फूल ख्वाबो का नही कोई खिला
याद आयी माँ ........
तू तो मुझको भूल बैठा कैसे मैं भूलू तुझे
टूट जाता है मेरा तब हौसला
याद आयी माँ.........
माँ को कैसे मैं लिखू गुजरे है क्या क्या वास्ते
चाह कर मैं नही पाता भुला
याद आयी माँ.........
कोई पंछी तक न अपना भूलता है घोसला
आ सहा जाता नही अब फासला
याद आयी माँ......
रविवार, 5 फ़रवरी 2017
सुबह से शाम तक तेरा ख्याल रहता है - लव तिवारी
तुम जो मेरे नही हो इसका मलाल रहता है
इसी वास्ते तुझपर हरदम ख़ुमार रहता है
खुली और बन्द आँखों से तेरा दीदार होता है
यहाँ फ़रेबी बन कर चमत्कार होता है
तेरे करार से जिंदगी बहाल होता है
05-02-2017
गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017
गांव तेरे गोद में बचपन सुहाना बीत गया- लव तिवारी
चंद गलिया और अपनों में दिन पुराना बीत गया
ऐसी जिंदगी को देखते-2 एक जमाना बीत गया
आज कुछ सोचूँ तो रोऊ मुस्कुराना बीत गया
चिड़ियों की कतुहल के स्वर का आना बीत गया
कैसे उनको भूलू मैं उनका शर्माना बीत गया
थी नजाकत और शराफ़त फिर ख़ामोशी से आना बीत गया
रचना- 02-02-17
बुधवार, 1 फ़रवरी 2017
सरस्वती बंदना - सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला
सभी में सद् बुद्धि का संचार हो।
शनिवार, 28 जनवरी 2017
जो खो जाता है मिलकर जिंदगी में - चन्दन दास
ग़ज़ल है नाम उसका शायरी में
ये किस गम की महक हर ख़ुशी में
ग़ज़ल है............
हमेशा एक मिलता है करी में
ग़ज़ल है.......
कोई बादल छुपा था तिशनगी में
ग़ज़ल है.............
फरिश्ता ढूढ़िये मत आदमी में
ग़ज़ल है..........
जाने वाले तेरी तस्वीर ले जा मुझसे- चन्दन दास
तेरा साथ छुटे तो किस तरह छुटे
बिछड़ना है हमसे तो हँस कर बिछड़ जा
कुछ ऐसे जुदा हो दिल भी न टूटे
लूट रहा हूँ तो ये ज़ागीर ले जा मुझसे
प्यार करने का ये अंदाज न देना मुझको
हाथ में टुटा हुआ साज न देना मुझको
तेरी ख़त तेरी ये तहरीर भी ले जा मुझसे
जाने वाले......
मुझसे मत पूछ की जीने का बहाना क्या है
तू नही है तो जमाने को दिखाने क्या है
छीन कर अब मेरी तक़दीर भी ले जा मुझसे
जाने वाले.......
दिल में ये दौलते अहसास रहे या न रहे
जिंदगी मेरी मेरे पास रहे या न रहे
ख्वाब भी टुटा है ताबीर भी ले जा मुझसे
जाने वाले........
लूट रहा ........
आ भी जाओ कि जिंदगी कम हैं - चन्दन दास
तुम नहीं तो हर ख़ुशी कम है
आ भी जाओ.......
शहर में आज रोशनी कम है
तुम नहीं हो........
धुप ज्यादा है चाँदनी कम है
तुम नहीं हो.............
आज कल उनकी दोस्ती काम हैं
तुम नहीं हो..........
बिन तेरे तेरी यामिनी कम है
तुम नहीं हो..........
शुक्रवार, 27 जनवरी 2017
कटेगी ये अब जिंदगी रोते रोते- अनूप जलोटा
ये कह कर गयी ख़ुशी रोते रोते
सरे बज़्म हमने पढ़ी रोते रोते
कि रूठेगी हमसे हँसी रोते रोते
यु रुखसत हुई चाँदनी रोते रोते
कि जैसे खुदा लिखी रोते रोते
कटेगी...............
जो ओढ़ा कफ़न आ गयी रोते रोते
ये कह कर गयी........
आप की बेरुखी को क्या कहिये - अनूप जलोटा
अपने दिल की लगी को क्या कहिये
उनकी शर्मिंदगी को क्या कहिये
अपने..............
बेहया जिंदगी को क्या कहिये
अपने ..............
अपने कम्बख्त जी को क्या कहिये
आप की बेरुखी........
आदते मय कशी को क्या कहिये
आप की बेरुखी......
फिर मुझे कोई राजनीती की पाठ पढ़ाने आया- लव तिवारी
बुधवार, 18 जनवरी 2017
दिल में लगी आग तो दोस्त बेगाने लगाते है- लव तिवारी
दिल में लगी हो आग तो दोस्त बेगाने लगते है
ऐसे हालात में मोहब्बत भी अफ़साने लगाते है
एक वफ़ा मिल जाये तो नसीब जगमगाने लगते है
कोई चंद पैसे लुटाए तो हम घबराने लगाते है
एक गुनाह हमसे गर हो जाये तो लोग इतराने लगते है
18-01-2017
सोमवार, 16 जनवरी 2017
फिर वो ख़्वाब में आये और रात सुहानी हों- लव तिवारी
फिर वो ख़्वाब में आये और रात सुहानी हों
मुझसे करे बात फिर कोई कहानी हो
बदल देता है वो रुख हवाओँ का फ़िज़ा में आकर
और कहते है ,मुझ जैसी कई आप की रुबाई हो
मै कैसे समझाऊ उन्हें की वही है मेरा सबकुछ
उन्हें छोड़कर कर कुछ सोचु तो खत्म जवानी हो
बदलते वक़्त की रफ़तार के फिराक में ही था
जो मेरी थी कभी, आज किसी और की दीवानी हो
रचना- लव तिवारी
15- 01- 2017
शनिवार, 14 जनवरी 2017
गुरुवार, 12 जनवरी 2017
श्रमिक तेरे जीवन की दुःखद है कहानी लव तिवारी
आज अचानक सुबह नॉएडा में श्रमिक चौक से गुज़रे, ठण्ड और कपकपाती शरद की हवाओं में एक अजब सा दुःखद अहसास भी मजदूरों की अन्तर्व्यथा को दर्शाता है और साथ में बेरोजगारी की महामारी भी, कई बार बिना काम मिले भी श्रमिक को घर लौटना पड़ता है, इसका महत्वपूर्ण कारण टेक्नोलॉजी एवं अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त मशीने भी है, श्रमिक के हक़ का भी धन बड़े ठेकेदारो के हाथ में जा रहा है, सरकार की इतनी योजनाओ के बावजूद भी भारत के श्रमिक को आज भी परेशानियो का सामना करना पड़ता है
कभी तपती धूप तो कभी शरद हवाओं की
श्रमिक तेरे जीवन में दोनों की अपनी मनमानी
सत्ता और मालिक के अत्याचार की गजब कहानी
मंगलवार, 10 जनवरी 2017
आप के दिल में क्या है बता दीजिए
सच्ची चाहत तो सदा बेजुबान होती है
प्यार में दर्द भी मिले तो कैसा घबराना
सुना है दर्द से चाहत जवान होती है
यु न खामोश रह कर सजा दीजिये
या उमीदो की सम्मा बुझा दीजिये
यु न खामोश.....
आप के.........
मेरी चाहत का कुछ तो सिला दीजिये
यु न खामोश.....
आप के .........
मुस्कुरा कर उन्हें फिर खिला दीजिये
यु न खामोश .........
आप के .......
शनिवार, 7 जनवरी 2017
हिन्दू परम्पराओं के अनुसरण विशेष वैज्ञानिक लाभ
हिंदुओं में सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते हुए नमस्कार करने की परम्परा है।
हिंदू धर्म में ऋषि मुनी सिर पर चुटिया रखते थे। आज भी लोग रखते हैं।
जब किसी से मिलते हैं तो हाथ जोड़कर नमस्ते अथवा नमस्कार करते हैं।
तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्धि आती है। सुख शांति बनी रहती है।
भारतीय संस्कृति के अनुसार जमीन पर बैठकर भोजन करना अच्छी बात होती है।
दक्षिण की तरफ कोई पैर करके सोता है, तो लोग कहते हैं कि बुरे सपने आयेंगे, भूत प्रेत का साया आ जायेगा, आदि। इसलिये उत्तर की ओर पैर करके सोयें।
जब भी कोई धार्मिक या पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से होता है।
महिलाएं एवं पुरुष माथे पर कुमकुम या तिलक लगाते हैं।
तमाम लोग सोचते हैं कि पीपल की पूजा करने से भूत-प्रेत दूर भागते हैं।
भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है।
दीपक के ऊपर हाथ घुमाने का वैज्ञानिक कारण
आरती के बाद सभी लोग दिए पर या कपूर के ऊपर हाथ रखते हैं और उसके बाद सिर से लगाते हैं और आंखों पर स्पर्श करते हैं। ऐसा करने से हल्के गर्म हाथों से दृष्टि इंद्री सक्रिय हो जाती है और बेहतर महसूस होता है।
मंदिर में घंटा लगाने का कारण
जब भी मंदिर में प्रवेश किया जाता है तो दरवाजे पर घंटा टंगा होता है जिसे बजाना होता है। मुख्य मंदिर (जहां भगवान की मूर्ति होती है) में भी प्रवेश करते समय घंटा या घंटी बजानी होती है, इसके पीछे कारण यह है कि इसे बजाने से निकलने वाली आवाज से सात सेकंड तक गूंज बनी रहती है जो शरीर के सात हीलिंग सेंटर्स को सक्रिय कर देती है।
एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की जेनेटिक बीमारी न हो इसका एक ही इलाज है और वो है "सेपरेशन ऑफ़ जींस".. मतलब अपने नजदीकी रिश्तेदारो में विवाह नही करना चाहिए ..क्योकि नजदीकी रिश्तेदारों में जींस सेपरेट (विभाजन) नही हो पाता और जींस लिंकेज्ड बीमारियाँ जैसे हिमोफिलिया, कलर ब्लाईंडनेस, और एल्बोनिज्म होने की १००% चांस होती है ..आखिर हिन्दूधर्म में हजारों सालों पहले जींस और डीएनए के बारे में कैसे लिखा गया है ? जो "विज्ञान पर आधारित" है ! हिंदुत्व में कुल सात गोत्र होते है और एक गोत्र के लोग आपस में शादी नही कर सकते ताकि जींस सेपरेट (विभाजित) रहे..
चप्पल बाहर क्यों उतारते है ?
मंदिर में प्रवेश नंगे पैर ही करना पड़ता है, यह नियम दुनिया के हर हिंदू मंदिर में है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि मंदिर की फर्शों का निर्माण पुराने समय से अब तक इस प्रकार किया जाता है कि ये इलेक्ट्रिक और मैग्नैटिक तरंगों का सबसे बड़ा स्त्रोत होती हैं। जब इन पर नंगे पैर चला जाता है तो अधिकतम ऊर्जा पैरों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाती है।
परिक्रमा करने के पीछे वैज्ञानिक कारण
हर मुख्य मंदिर में दर्शन करने और पूजा करने के बाद परिक्रमा करनी होती है। परिक्रमा 8 से 9 बार करनी होती है। जब मंदिर में परिक्रमा की जाती है तो सारी सकारात्मक ऊर्जा, शरीर में प्रवेश कर जाती है और मन को शांति मिलती है।
बुधवार, 4 जनवरी 2017
सबको दुश्मन बना लिया मैंने आप से दिल लगा लिया मैंने- चंदन दास
बुधवार, 28 दिसंबर 2016
दिल की बेकरारी सी है - लव तिवारी
जिंदगी तुमसे है बस तुमसे वरना बेकारी सी है
वरना इस दुनिया में पेट की महामारी सी है
तुम्हे लेकर दिल में एक अजब ख़ुमारी सी है
वरना जिंदगी कैसे गुज़रे ये महामारी सी है
न होते हो जहन में तो लगता है बीमारी सी है
मंगलवार, 27 दिसंबर 2016
जिंदगी हसीन सी है ये तुम्हारा असर सा है - लव तिवारी
जिंदगी हसीन सी है ये तुम्हारा असर सा है
आज तुम मेरी हो तो जमाने में खबर सा है
वरना जिंदगी का उजाला बस तुम सा है
कि इश्क़ का कतरा भी अब दरिया सा है
गुरुवार, 22 दिसंबर 2016
तेरे रुख के तबियत से अब ये यकीन हो गया है- लव तिवारी
जो मैं तुम्हें अपना समझू ये भर्म सा रह गया है
सच कहूं तो इसका असर दिल पर इस कदर सा हुआ है
अब ये इस हाल पर दिल कुछ इस कदर बिखर सा गया है।
अब दर्द तो ज़माने को भी नजर सा हुआ है
दूसरा के साथ क्या हुआ और क्यों हो रहा है
जिंदगी आज भी अंधेरी रह गयी उम्मीद मर सा गया है
मंगलवार, 20 दिसंबर 2016
तुम्हारे यादो का एक खुशनुमा सा एहसास- लव तिवारी
रचना -लव तिवारी
दिनांक- 17 दिसंबर 2016
रविवार, 18 दिसंबर 2016
गुरुवार, 15 दिसंबर 2016
एक रात एटीएम पर - लव तिवारी
क्या राहुल गांधी और मोदी जी की मां दोबारा बैंक आएंगे ? या अभी 4 हजार खत्म नहीं हुए ।
राजनीति कूटनीति
आँखों से पी रुत मस्तानी हो गयी
जाम से पीना रश्म पुरानी हो गयी
मंगलवार, 13 दिसंबर 2016
कालेधन के विरोध में देश की एकजुटता - लव तिवारी
श्री संजय गांधी ने #जनसंख्या नियंत्रण के लिए #नसबंदी पर जोर दिया था। पूरी सरकारी मशीनरी जुटी थी। अफवाहों का दौर चला कि स्कूल में बच्चों की नसबंदी की जा रही है,अफसर केस देने के लिए कुंआरों की भी नसबंदी करा रहे हैं ।नतीजा क्या रहा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 0/85 हो गई ।श्रीमती इंदिरा जी ,संजय सब हार गए। और अब हालत ये है की 41 साल से किसी ने जनसँख्या नियंत्रण की बात ही नहीं की। इतने सालों में हम दुगने हो गए। आज किसी #पार्टी की हैसियत नहीं की वो जनसंख्या नियंत्रण की बात कर सके।
तो हमारी प्रगति कितनी रफ़्तार से होती, हम आज कितने विकसित देश होते। चीन अमरीका हमें सलाम कर रहे होते। इतनी बेरोजगारी ना होती और गरीबी नहीं होती।
हर सामान इफ़रात में होता और सस्ता होता। ज्यादा क्या बोलूं खुद सोच कर देखिये।। संसाधन इतने ही होते पर उपयोग करने वाले आधे।
हमारी गुलामी का प्रतीक कुतुबमीनार तामीर हुआ था। ये वैसा ही मोड़ है जहाँ जहांगीर ने अंग्रेजो को तिज़ारत की इजाज़त दी थी। ये इतिहास के उस मोड़ जैसा है जब #पाकिस्तान का जन्म हुआ था जिसका दंश हम 70 साल से भोग रहे है।* नोटबंदी का असफल होना मोदी की नहीं इस देश की असफलता होगी।
सोमवार, 28 नवंबर 2016
मुझे तुम क्यों याद आते हों - लव तिवारी
अंधेरी रातो में कभी दिन के उजालो में
मुझे तुम क्यों.......
कभी कुछ सोचु तो तुम्हारा ख़्याल आये बस
न सोचूँ तो दिल परेशान होये बहुत
अब इस मसले का उपाय भी बताओ तुम
मुझे तुम क्यों याद आते हो ये सवाल बताओ तुम
मुझे तुम क्यों........
कभी कुछ लिखूं कविता और कहानी भी
उसमे भी मौजूद है केवल तेरी रवानी ही
मैं अक्सर ढूढ़ता हूं कुछ नये अल्फाजो को
फिर अक्सर बन जाती है ग़ज़लें सुहानी भी
मुझे तुम क्यों याद आते........
मैं अक्सर सोचता हूं कि तुम बिन मेरा क्या होगा
न होगी तुम तो फिर सुना मेरा जहाँ होगा
यही सोच कभी घबरा कर परेशान होता हूँ
तुम्हारी यादों के बगैर मैं समशान होता हूँ मुझे
तुम क्यों याद आते हो.........
प्रस्तुति- लव तिवारी
शुक्रवार, 25 नवंबर 2016
राजनितिक मे बेहतर बिकल्प नरेंद्र मोदी
एक खूबसूरत चेहरा जो बसा दिल में- लव तिवारी
एक खूबसूरत चेहरा जो बसा दिल में उसे तुम सवरने देना
गर है भर्म मेरा तो इस भर्म को भी पनफने देना
वरना इस दिल की हसरत को कभी टूटने मत देना
बनके चराग़ ता उम्र जिंदगी को उजाले देना
रविवार, 20 नवंबर 2016
विकास बस एक दिखावा समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश
#विकास_रैली #लखनऊ #उत्तर_प्रदेश_सरकार
#रोजगार
#अपराध
#विकास- सड़को की स्थिती पहले से काफी निराश जनक एवं अव्यवस्थित है
#शिक्षा
हजाम और हज़ामत- लव तिवारी




















































