गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017
ब्राम्हणो की वंशावली - लव तिवारी
गुरुवार, 28 सितंबर 2017
ये जमी चाँद से बेहतर नजर आती है हमें- उमराव जान
ये जमी चाँद से बेहतर नजर आती है हमें
ये जमी चाँद ...............
दिन ढले यू तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
ये जमी चाँद ...............
रात के पिछले पहर रोज जगाती है हमें
ये जमी .........
अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
बुधवार, 27 सितंबर 2017
इधर जिंदगी का जनाजा उठेगा - ग़ज़ल चंदनदास
आईना देख के बोले ये सवारने वाले
अब तो बे मौत मरेगे तेरे मेरे वाले
कह गए मेरी मैय्यत से गुजरने वाले
रास आयी न जवानी तुझे मरने वाले
इधर जिंदगी का जनाजा उठेगा
उधर जिंदगी उनकी दुल्हन बनेगी
कयामत से पहले कयामत है यारो
मेरे सामने मेरी दुनिया लूटेगी
जवानी पे मेरी सितम ढाने वालो
जरा सोच लो क्या कहेगा जमाना-2
इधर मेरे अरमा कफन ओड़ लगे
उधर उनकी हाथो में मेहदी लगेगी
इधर जिंदगी का....
वो पर्दे के पीछे में पर्दे के आगे
न वो आगे न में जाऊ पीछे- 2
वो आगे बढ़ेगा कुछ भी न होगा
में पीछे हटूँगा तो दुनिया हँसेगी
इधर जिंदगी......
अजल से मोहब्बत की दुश्मन है दुनिया
कहि दो दिलो को ये मिलने न देगी
इधर मेरी गर्दन पर ख़ंजर चलेगा
उधर उनकी माथे पर बिंदिया सजेगी
इधर जिंदगी......
अभी उनके हँसने के दिन है वो हस ले
अभी मेरे रोने के दिन है में रो लू
मगर उनको एक दिन रोना पड़ेगा
की जिस रोज मेरी मैय्यत उठेगी
इधर जिंदगी का जनाजा
बुधवार, 20 सितंबर 2017
चेहरे से पर्दा हटा दीजिए चाँद कहने को जी चाहता है- अज्ञात
चेहरे से पर्दा हटा दीजिए चाँद कहने को जी चाहता है
शायर हूँ मैं ग़ज़ल कहने को जी चाहता है
नज़र से नज़र क्या मिली की मदहोश हो गये
आपके आँखो को जाम कहने को जी चाहता है
हथेली पे लगाये है जो मेहदी उसका रंग फिका है
आपके प्यार के रंग मे ही रंग जाने को जी चाहता है
फिजाओ मे लहराये जब आप की रेशमी जुल्फे
बिखरे हुए केसुओ को सवारने को जी चाहता है
कब से सुनी पड़ी है मेरे दिल की ज़मीन
बन के घटा प्यार का बरस दीजिए भीग जाने को जी चाहता है
आँखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा,/ बशीर बद्र
कश्ती के मुसाफ़िर ने समन्दर नहीं देखा
बेवक़्त अगर जाऊँगा, सब चौंक पड़ेंगे
इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा
जिस दिन से चला हूँ मेरी मंज़िल पे नज़र है
आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा
ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं,
तुमने मेरा काँटों-भरा बिस्तर नहीं देखा
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला
मैं मोम हूँ उसने मुझे छूकर नहीं देखा
मंगलवार, 19 सितंबर 2017
गौत्र- गोत्र शब्द का अर्थ होता है वंश । कुल l
शनिवार, 16 सितंबर 2017
बुधवार, 13 सितंबर 2017
जमाना आज भी कहता है बेघर मुझको - लव तिवारी
शनिवार, 9 सितंबर 2017
देखो पापा मे तुमसे बड़ा हो गया -अज्ञात
मेरे कंधे पे खड़ा हो गया
मुझी से कहने लगा,
देखो पापा में तुमसे बड़ा हो गया
मैंने कहा, बेटा इस खूबसूरत
ग़लतफहमी में भले ही जकडे रहना
मगर मेरा हाथ पकडे रखना,
जिस दिन यह हाथ छूट जाएगा
बेटा तेरा रंगीन सपना भी टूट जाएगा,
दुनिया वास्तव में उतनी हसीन नही है
देख तेरे पांव तले अभी जमीं नही है,
में तो बाप हूँ बेटा बहुत खुश हो जाऊंगा
जिस दिन तू वास्तव में मुझसे बड़ा हो जाएगा
मगर बेटे कंधे पे नही...
जब तू जमीन पे खड़ा हो जाएगा!!
शुक्रवार, 8 सितंबर 2017
मातृ देवो भवः महर्षि वेदव्यास
गर्भधारणपोषणात् ।
अतो हि त्रिषु लोकेषु
नास्ति मातृसमो गुरुः॥
नास्ति विष्णुसमः प्रभुः।
नास्ति शम्भुसमः पूज्यो
नास्ति मातृसमो गुरुः॥
व्रतं त्रैलोक्यविश्रुतम्।
तपो नाशनात् तुल्यं
नास्ति मातृसमो गुरुः॥
नास्ति पुत्रसमः प्रियः।
नास्ति भगिनीसमा मान्या
नास्ति मातृसमो गुरुः॥
न दानं कन्यया समम्।
न भ्रातृसदृशो बन्धुः
न च मातृसमो गुरुः ॥
दलेषु तुलसीदलम्।
वर्णेषु ब्राह्मणः श्रेष्ठो
गुरुर्माता गुरुष्वपि ॥
भार्यामाश्रित्य जायते।
पूर्वभावाश्रया माता
तेन सैव गुरुः परः ॥
दृष्ट्वा पुत्रस्तु धर्मवित्।
प्रणम्य मातरं पश्चात्
प्रणमेत् पितरं गुरुम् ॥
दयार्द्रहृदया शिवा ।
देवी त्रिभुवनश्रेष्ठा
निर्दोषा सर्वदुःखहा॥
दया शान्तिः क्षमा धृतिः ।
स्वाहा स्वधा च गौरी च
पद्मा च विजया जया ॥
मातुरेवैकविंशतिम् ।
शृणुयाच्छ्रावयेन्मर्त्यः
सर्वदुःखाद् विमुच्यते ॥
दृष्ट्वा मातरमीश्वरीम्।
यमानन्दं लभेन्मर्त्यः
स किं वाचोपपद्यते ॥
मातृस्तोत्रं महागुणम्।
पराशरमुखात् पूर्वम्
अश्रौषं मातृसंस्तवम्॥
व्याधः परमधर्मवित्।
लेभे सर्वज्ञतां या तु
साध्यते न तपस्विभिः॥
भक्तिः कार्या तु मातरि।
पितर्यपीति चोक्तं वै
पित्रा शक्तिसुतेन मे ॥
बुधवार, 6 सितंबर 2017
ब्राम्हण क्या है और कौन है -अज्ञात
भगवान कृष्ण ने क्या कहा है
क्षत्रिय दुश्मन के खून का प्यासा होता है ।
गरीब अन्न का भूखा होता है।
ब्राम्हण को सम्मान दे दो वो तुम्हारे लिऐ
जान देने को तैयार हो जाऐगा।
तो देखो हमारी दोस्ती को।
कोई शूद्र शबरी बनकर हमसे वर मागती है, तो हम उसे भगवान से मिलवा देते है।
........ फर्ज न अदा करे तो कहना
जय जय राम!!जय जय परशुराम!!
ब्राह्मणातिक्रमो नास्ति विप्रा वेद विवर्जिताः ।।
क्योंकि तुलसी का पत्ता क्या छोटा क्या बड़ा वह हर अवस्था में कल्याण ही करता है ।
ब्राह्मणोंस्य मुखमासिद्......
विप्र प्रसादात् धरणी धरोहम
विप्र प्रसादात् कमला वरोहम
विप्र प्रसादात्अजिता$जितोहम
विप्र प्रसादात् मम् राम नामम् ।।
शुक्रवार, 1 सितंबर 2017
एक दिन अउरु उमर के जिआन हो गइल - अज्ञात
अखिया भरमल की घडिया तुफान हो गईल।
कईसे भागत बा सरपट समय के पहर।
एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल ।।
कब बचपन के पटरी आ भाठा टुटल।
काहवां गउआं गोनसारी के भूजा गईल।
अब त सापना उ मडई- पालान हो गईल।
एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल।।
केतना नीमन पनरह के पहाडा रहे।
चिउरा-मीठा के चासका भूलाला नाही।
जाने कांहवा नापाता बाथान हो गईल।
एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल।।
गोइठा, पूवरा पे खानवा बानावत रहे ।
बाबूजी से बेहाया के डंटा पडल।
काहवा गायब गोजहरा, निशान हो गईल।
एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल।।
अब ना समय उ गीने के तारा मिली।
अब ना छुअम-छुआई के फुर्ती रहल।
दिलवा टूटल, बदन में थाकान हो गईल।
एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल।।
फेसबुकवा पे बचपन के यार मिल गईल।
सगरी बचपन के बतिया भुला गउवे तब।
जब देखुवी की उ त जवान हो गईल।
एक दिन अउरू उमर के जिआन हो गइल।।
गुरुवार, 31 अगस्त 2017
ब्राह्मणों की वंशावली- जय श्रीपरशुराम
शनिवार, 26 अगस्त 2017
जिन्हें अपने घरों में बच्चियां अच्छी नहीं लगती -अज्ञात
बुधवार, 23 अगस्त 2017
ये मेरा दिल तुझमे एक फरिश्ता ढूढता है लव तिवारी
ये मेरे दिल तुझमे एक फरिश्ता ढूढ़ता है
ये ख़्वाब भी हक़ीक़त का एक असर ढूढता है
जिसे देखने की चाह में हर कोई मरता है
इस वाकपन को देख कर आज शहर जलता है
इन्सान अपने दुःख से परेशां किसी सुख पर रहता है
सोमवार, 21 अगस्त 2017
पेड़ से ही हो सकती है सृष्टि की रक्षा - लव तिवारी
सभ्य आदमी कर रहा, स्वयं श्रृष्टि का नाश..
वक़्त अभी है सोचिये, वरना पछ्ताएंगे आप..
दूषित है वातावरण, लुप्त हो रही चील..
घर को ठंडा सबकरे धरती का करे विनाश
Visit- www.lavtiwari.blogspot.in
शनिवार, 12 अगस्त 2017
अब सवाल और जबाब भी तुम्ही से- लव तिवारी
आओ किसी दिन हिसाब भी तुम्ही से
किसी रोज मुस्कुराओ कायनात भी तुम्ही से
बस एक तुम हो और जज्बात भी तुम्ही से
हो आसमान में बहुत तारे लेकिन चाँद भी तुम्ही से
अब नही सही जाती जुदाई हालात भी तुम्ही से
11 08 2017
शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
तुमको देखूं और फिर सोचूँ न तुमको अपना पाऊँ लव तिवारी
ये कैसी है रीत यहाँ की, साथ तुम्हारे जा न सकु
ख्वाब के वो सुने पल को मैं तुमसे बतला न सकु
है दुनिया की एक हक़ीक़त मैं तुमको दिखा न सकूँ
प्यार भरे इस जीवन के कुछ पल तुम्हारे साथ जियूँ
बिन कहे सब बात मैं समझो पर तुमको न समझा पाऊँ
27-07-2017
गुरुवार, 27 जुलाई 2017
हमारा नाम लिखकर कागजो पर फिर उड़ा देना- अज्ञात
भला सीखा कहाँ तुमने सितम को यूँ हवा देना॥
तुम्हे भी इल्म है मेरा किसी पर मुस्कुरा देना॥
कहीं कोई मिले तुमको उसे यह मशविरा देना॥
कहाँ फिर बात आती है किसी का घर गिरा देना॥
के इसका काम है ऊपर चढा कर फिर गिरा देना॥
सोमवार, 24 जुलाई 2017
सोमवार, 10 जुलाई 2017
आखों में आँसू दिल मे अंगार लिए बैठे है- लव तिवारी
हम तेरे प्यार में गुलिस्ता बर्बाद किये घूमते है
ख्वाइशें ऐसी है कि बेकरार लिए घूमते है
जमना कहता है तेरा प्यार लिए घूमते है
ख़्वाब में आज भी तुम्हारा तलबगार लिए घूमते है
चाहत आज भी जवा है इंतेजार लिए घूमते है
दोनों उदास है नही बुझती अब प्यास है- लव तिवारी
नही बुझती अब प्यास है
समुन्दर भी आस पास है
दुनिया ने इन्हें किया निराश है
देखो इनकी आखो में कितनी प्यास है
आज आदमी भी अपने नसीब से परेशान है
10-07-2017
शनिवार, 8 जुलाई 2017
दरिंदगी की आग में झुलसता बंगाल - लव तिवारी
सुवर के अवालाद हो तुम कोई तो जश्न मनाओ
करते है जो खून खराबा सत्ता को हथियाने में
अपनी रोटी सेक रही दंगो की नफरत से
देश को तुमने बहुत ही रौंदा उल्फत के अंगारो से
आज ऐसा क्या हुआ जो अपने मे सब बागी है
नाकाम होकर भी कामयाबी की बात करते हो- लव तिवारी
है मोहब्बत जहर और खुराकी की बात करते हो
क़त्ल के दौर में तुम जिंदगानी की बात करते हो
होकर गरीब तरफ़दारी की बात करते हो
नही चले तो फिर समझदारी की बात करते हो
इन्सानियत की जिद छोड़कर बर्बादी की बात करते हों
08-07-2017
शुक्रवार, 7 जुलाई 2017
डर अब ये है कि हर ज़नाज़े को कफन चाहिये - लव तिवारी
मौत बत्तर न हो कही एक ऐसी जगह चाहिए
गर पड़े काम तो हर शख्स की परख चाहिए
सच को परखने के लिए नशे की लत चाहिए
ऐसे हालात के बाद भी दिल पर उन्हें हक चाहिए
दिल लगाने के बदले उन्हें मेरा जानो जहन चाहिए
गुरुवार, 6 जुलाई 2017
डर अब ये है कि हर जनाज़े को कफन चाहिए - लव तिवारी
मौत बत्तर न हो कही एक ऐसी जगह चाहिए
गर पड़े काम तो हर शख्स की परख चाहिए
सच को परखने के लिए नशे की लत चाहिए
ऐसे हालात के लिए भी क्या दिल को लत चाहिए
दिल लगाने के बदले उन्हें मेरा जानो जहन चाहिए
गुरुवार, 29 जून 2017
दर्द अब भी न सभले तो जख्म होगा लव तिवारी
तुम्ही हो दवा अब न कोई मरहम होगा
कि खुदा जो भी करेगा मेरे हक में होगा
मैं बस देखता रह गया कोई तो हमदम होगा
औऱ कुछ लिखू तुझपर तो एक ग़ज़ल होगा
की जिंदगी में कुछ न कुछ तो मुक्कमल होगा
बुधवार, 28 जून 2017
तुम्हारी खूबसूरती में अजब रंग है कि तुम ही हो जहन में दिल तंग है- लव तिवारी
गुरुवार, 1 जून 2017
जिंदगी को एक बेहतर जिंदगी मिले- लव तिवारी
जिंदगी को एक बेहतर जिंदगी मिले
क्या खता की बिन बात दर्द और ग़म मिले
आज फिर से मिलो तो कोई खम मिले
कुछ तो कहो झूठ ही कि सच का दम निकलें
कि कभी मुहूर्त बदले और तुम हमसे मिले
01-06-2017







































