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Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

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रविवार, 20 नवंबर 2016

कोई तुमसा नहीं अब ये यकीन हो गया मुझे- लव तिवारी

कोई #तुमसा नहीं अब ये #यकीन हो गया मुझे
जब से तुम मिले #मौसम #हसींन हो गया तबसे
कभी रातों में #तसब्बुर बन के #सुकून देते हो
कभी #हँस कर #ज़माने की #रंजिश को तोड़ देते हो
#मुझे तुम भी #याद आते हो ख्यालो में #जबबो में
कभी #अंधेरी #रातो में कभी #दिन के #उजालो में
स्वरचित- #लव_तिवारी


भाजपा सरकार ने दिए गाजीपुर शहर को कई विकास की सौगात- लव तिवारी

देश की पृष्टभूमि पर एक छोटा एवं गुमनाम शहर ग़ाज़ीपुर भारत की गौरवमयी गरिमा एवं सैनिको के बलिदानो की करुणामयी गाथाओ से जहा इस शहर का एक देश की पृष्टभूमि पर अलग अस्तित्व है , वही शहर के गद्दार नेताओ ने इसके शोहरत एवं गरिमा को दागनुमा करार दिया है, स्वतन्त्रता से पहले जहा देश की आर्थिक एवं संस्कृति विरासत को अनोखा प्रारूप दिए इस जनपद की अनोखी दास्ताँ थी वही राजनीती के दुर्भाग्य स्थिति से आज ये भारत देश के नक्शे पर अपने को धूमिल रूप में प्रदर्शित किये हुए है


2014 के केंद्र में बीजेपी सरकार से इसके स्थिति में सुधार के साथ विकास की एक उम्मीद को रफ़्तार मिली है , कल 14 नवम्बर 2016 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र_मोदी द्वारा कई योजनाओ का शिलान्यास के माध्यम के द्वारा कई विशेष सौगात इस शहर को मिलने की उम्मीद है वर्ना अंग्रेजो के दौर का यह आर्थिक शहर जहा तीन हवाई अड्डे, गुलाब जल , ओपियम फैक्टरी ,एवं कृषि संसाधनों से उपयुक्त इस शहर की बहुत दुर्गम स्थिति थी



शुक्रवार, 18 नवंबर 2016

कहा हो तुम एक अजनबी की तरह- लव तिवारी

कहा हो तुम एक अजनबी की तरह
कि जिंदगी भी नहीं जिंदगी की तरह

है उम्मीद मोहब्बत और वफ़ा की तुमसे
कि तुम मिले मुझसे हर ख़ुशी की तरह

एक खुशनुमा अहसास है तुमसे
तुम हो जो मेरी शायरी की तरह

कुछ लिखते है आओ अब हम तुम पर
कि मुस्कुराओ तुम एक ग़ज़ल की तरह

बात तुमसे करू तो लोग क्या समझे
समझ ले तो कहे दिल्लगी की तरह

कई अफ़साने है तुझसे मेरे हसररत की
कि जो पुरे हो जाए फिर मुक़म्मल की तरह

प्रस्तुति- लव तिवारी


गुरुवार, 27 अक्टूबर 2016

घर में दिया जलाओ अब की दीपावली में- लव तिवारी

घर में दिया जलाओ अब की दीपावली में
तुम जश्न फिर मनाओ अब की दीपावली में

है चारो तरफ अंधेरा और पथ भी धूमिल है
कोई राह तो दिखाओ अब की दीपावली में

मेरे घर को फूंका कुछ शहर के दरिंदो ने
और खुशियां फिर मनाई अब की दीपावली में

कोई रोता है तो रोये इस बात कि ख़बर हैं
कोई हँसते को रुलाये अबकी दीपावली में

कोई मुझको मिला था  एक रोज मोहब्बत में
फिर दे गया वो तोहमत अबकी दीपावली में




स्वरचित - लव तिवारी

तेरे बगैर तेरे बिना मुमकिन हो कुछ भी सोच लू- लव तिवारी

तेरे बगैर तेरे बिना मुमकिन हो कुछ भी सोच लू
ये जिंदगी बस तू ही तू है तुझे बाहों में रोक लू

कोई मुझसे पूछता तू इस कदर ,तन्हा उदास क्यों हुए
मैं सबको क्या जबाब दू ,जो सोचा तुमको न हो सका

ये चार दिन की जिंदगी में मुझे अब भी तेरी तलाश है
कही खो न दू मैं जिंदगी बस तू ही तेरा ख्याल है

तेरे मुस्कराहट भरे चहेरे के दीदार को मैं बैचन हूँ
जो तू मिले तो इस जहाँ की हर एक चीज़ पूरी मिले

मेरे उम्र भर के सवाल का तू एकलौता जबाब है
जो तू नहीं तो कुछ नहीं ये जिंदगी जिना भी मलाल है


बुधवार, 26 अक्टूबर 2016

तू इबादत है और मज़हब भी - लव तिवारी

तू इबादत है और मजहब भी
जिंदगी तेरे बगैर अब कुछ और नहीं

बड़े सलीक़े से तुम्हे पाया हूँ
तुझसे मोहब्बत है और जहाँ से नफरत भी

बड़ी दिलरुबा और बेख़ौफ़ है जिंदगी
तू दुआ है और करम भी

तेरे बारे में न सोचु तो मर जाऊ मैं
कि जिंदगी कैसे जियूं ये मौरौत भी

स्वरचित-लव तिवारी


रविवार, 23 अक्टूबर 2016

वो मिले तो अक्सर याद आये पुराने दिन -लव तिवारी

वो मिले तो अक्सर याद आये पुराने दिन
कि स्कुल और तक़दीर के मसलो के उलझे दिन

बड़ी बेफ़िक्र थी जिंदगी और अजीब थे रिश्ते
वो मिले आज तो  कहे कुछ अनकहे क़िस्से

कभी मिले वो फ़िर से हो शाम सुहानी
कुछ सुलझे बीते वर्षो की उलझी कहानी

पुराने वक़त की नज़ाकत को हम याद करते है
उन दोस्तों से ताउम्र मिलने की फ़रियाद करते है

प्रस्तुति- #लव_तिवारी

शनिवार, 22 अक्टूबर 2016

आज फिर जो मौसम खुसनुमा हुआ है- लव तिवारी

आज फिर जो मौसम खुशनुमा हुआ है
जरा पता करो इस शहर मे क्या हुआ है

वो मेहरबान थे उस दौर की यही थी दास्ताँ
फिर वही रंगत है फ़िजा में असर दूसरा हुआ है

सुना है वक़त  बदलते है कुछ समय के बाद
आज उनके आने के अहसास का असर जो हुआ है

कभी उनकी बदौलत भी कट जाती थी जिंदगी
वो जो फिर मिले मौसम खुशनुमा हुआ

स्वरचित - लव तिवारी





सोमवार, 10 अक्टूबर 2016

मैं उत्तर प्रदेश हूँ जी हां मैं उत्तर प्रदेश हूँ

दरिंदों ने जिसे खूब नोचा, अब स्मृति शेष अवशेष हूँ।
जाति विशेष व्यक्तियों के विकास का अखिलेश हूँ।
              ....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।

दरिंदों से जितनी बची बस उतनी ही शेष हूँ।
मैं, बलात्कार पीड़िता, आपके चरणों में पेश हूँ।
              ....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।

शासन नहीं सत्ता हूँ, रोजगार नहीं बेरोजगारी भत्ता हूँ।
गुंडई, दंगा और रेप का संदेश हूँ।
              ....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।

विकास को तरसता जाति-धर्म की राजनीति में विशेष हूँ।
गरीबों की अमानत लूटते पूंजीपतियों का वेष हूँ।
              ....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।

ना बिजली, ना पानी, ना शिक्षा, ना स्वास्थ्य, ना ही रोजगार हूँ।
मैं तो केवल जालिमों के ज़ुल्म की चीत्कार हूँ। साथ ही अपराध की बेलगाम सत्ता का संदेश हूँ।
             ....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।

चार-चार मुख्यमंत्रियों के हाथों का क्लेश हूँ।
दादरी, मथुरा और मुजफ्फरनगर के दंगों में पेश हूँ।

    ....जी हाँ, मैं उत्तर प्रदेश हूँ।।

Source- whatsapp

मंगलवार, 4 अक्टूबर 2016

सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगता केजरीवाल - लव तिवारी

तेरे से अच्छा तो अपने गांव का नेता है जो कम से कम देश के बारे में गलती शब्द का प्रयोग तो नहीं करता ,टीवी के सामने केवल तेरे फर्जी बात की उलटी पलटी कहानी, #केजरी तेरी उलटी पलटी समाचार ने आज कुछ लिखने पर विवश किया फिर थोड़े देर में गांव से सोशल मीडिया के माध्यम से नेता की तस्वीर आयी ,लिख दिया कृपया केजरीवाल भक़्त, समर्थक हमें गाली न दे, धन्यबाद

उम्मीद तुमसे है कि तुम भी कुछ नया करो
हिमायत आतंकी की छोड़ कर कुछ और करो

इसी जनता ने दिया तुझे दिल्ली का जो तख़्त
अब यही आदत है चुल्लू भर पानी में डूब मरो

क्यों करते हो गन्दी राजनीती वोट के लिए
कम से कम सैनिको और उनकी सहादत पर गर्व करो

कोई नहीं मांगता अपनी माँ से सबूत अपने बाप का
कुछ तो है  बात दुनिया में जिसको तुम समझा करो

प्रस्तुति - #लव_तिवारी
#Delhi, #cmdelhi #politics #india #army #indianarmy #modi #bharat

शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

हुनर को आजमाना चाहती है - लव तिवारी

#हुनर को #आजमाना चाहती है
#गज़ल पिछला #जमाना चाहती है
मेरे कुछ ऐसे सवाल का #जबाब दे वो
क्या मुझे वो #परखना चाहती है
अभी #मंजिल नहीं है #पास कही
बहुत दूर से वो #नजर आती है
कभी #शिकवा नहीं गिला उससे
मेरे बारे में वो क्या #जानना चाहती है
किसी #फरेब का #सिला मिला मुझे
तेरी #बेरुखी अजब #रंग ढाती है
तेरे बारे में न #सोचु तो #फिर क्या करूँ
#जिंदगी फिर मुझे तेरे #करीब लाती है

Link- http://epapernationalduniya.in/epapermain.aspx?pgno=8&eddate=2016-9-17&edcode=820009


गुरुवार, 15 सितंबर 2016

वो जो जिंदगी तेरे बगैर यूं खूबसूरत न हुईं तेरे न मिलने के ख्याल ने मुझे जिंदगी भर रुला दिया -लव तिवारी

वो जो जिंदगी तेरे बगैर यूं खूबसूरत न हुईं
तेरे न मिलने के ख्याल ने मुझे जिंदगी भर रुला दिया

तेरी बेरुखी के हस्र का मैं एकलौता जबाब हूँ
जो तू न मिली तो रोज मैं एक बिन पढ़ा किताब हूँ

कोई मुझसे पूछता है हर वक़्त तुझे क्या हुआ और क्यों हुआ
मैं किस किसको जबाब दू तेरी बेरुखी का जो सिला मिला

वो जो ख्वाब था कि जिंदगी हसीं और खुसनशीब भी
तेरे वादों के भर्म ने मुझे इस कदर तड़पा दिया

तेरे चार दिन की चाँदनी का में  ही एक गवाह हूँ
मेरे जिंदगी के खौफ का कोई सबूत नहीं तो क्या हुआ

कभी सोचता हूं तुम्हे तो ख्याल जशन है जिंदगी
तेरे बाद के ख्याल का न मुकम्मल हुआ तो क्या हुआ  

Link-  http://epapernationalduniya.in/epapermain.aspx?pgno=8&eddate=2016-9-17&edcode=820009


सोमवार, 12 सितंबर 2016

जंग किसी मकसद के लिए लड़े तो जायज है फिर से कोई हिन्दू और मुसलमान रह गया - लव तिवारी

ख्वामखाह ही एक ख्याल रह गया
जो सुलझा नहीं वो सवाल रह गया

इस दुनिया की रंगत देखकर
दिल में मेरे एक मलाल रह गया

कौन कहता है मोहब्बत नहीं यहाँ पर
कुछ से किये कुछ का इंतेजार रह गया

मेरी दुनिया भी अजीब दुनिया है
मैं अपने में खुद ही सवाल रह गया

जंग किसी मकसद के लिए लड़े तो जायज है
फिर से कोई हिन्दू और मुसलमान रह गया

रचना- लव_तिवारी - 13-09-2016

मंगलवार, 6 सितंबर 2016

गुप्ता जी की बात निराली - लव तिवारी

गुप्ता जी की बात निराली और कुछ खिस्से ऐसे है
सब लोग के बीच में सर जी बड़े अनोखे रहते थे

कुछ तथ्यों पर महाशय जी अपनी राय भी रखते थे
और  हो न हो क्यों ऐसा चंदौसी में जो रहते थे

हमें पढ़ाते खुद भी पढते और गुथ्थी भी सुलझाते थे
बात बात हम को भी कुछ राज की बात बताते थे

एक बार की बात कहु तो साहब ने हमें डराया था
और दोस्तों के बिच में हमें जोर से हड़काया था

अपनी दिल को चैन न था वैभव जी से मिलने को
और कुछ रंजिश की बातों पर सुलह सपाट करने को

न मानने पर श्री मान को खूब मनाया करते थे
कभी अकेले कभी प्रशांत और जितेंद्र के संग जाया करते थे

अपनी दोस्ती के खिस्से हमेशा याद किये जाते
और दोस्तों से फ़ोन पर आप के हालात पता कर लिए जाते

प्रिय दोस्त बैभव कान्त गुप्ता जी की स्मृति में मेरी द्वारा लिखी कुछ पंक्ति
धन्यबाद - #लव_तिवारी
#फोटो ग्राफी- Praveen Richhariya

सोमवार, 5 सितंबर 2016

मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव के साथ यादवो का उत्तम प्रदेश उत्तर प्रदेश

समाजबाद की नयी परिभाषा जिससे जान कर शायद
आपको भी शर्म आ जाये 
1 - मुलायम सिंह यादव - सांसद
2 - अखिलेश यादव (पुत्र) - मुख्य्मंत्री
3 - रामगोपाल यादव (भाई) - सांसद
4 - डिम्पल यादव (पुत्र बधु ) - सांसद
5 - धर्मेंद्र यादव (भतीजे ) - सांसद
6 -अक्षय यादव (भतीजे ) - सांसद
7 -तेजप्रताप यादव (पोते) - सांसद

8 -शिवपाल सिंह यादव (भाई) - विधायक(मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार)
9 -अंशुल यादव(भतीजे) - जिलापंचायत अध्यक्ष इटावा
10 -शंध्या यादव (भतीजी) - जिलापंचायत अध्यक्ष मैनपुरी
11 -मृदुला यादव (भतीजे की पत्नी)- ब्लॉक प्रमुख सैफई
12 -अजंट सिंह यादव(बहनोई) - ब्लॉक प्रमुख
13 -प्रेमलता यादव (भाई की पत्नी) - जिलापंचायत सदस्य
14 -सरला यादव (भाई की पत्नी) - निदेशक जिला सहकारी बेंक इटावा
15 -आदित्य यादव (भतीजे) - PCF के चेयरमैन
16 -अनुराग यादव (भतीजे ) - राष्ट्रीय सचिव समाजबादी युवजन सभा
17 -अरबिंद यादव (भांजे ) - एमएलसी
18 -बिल्लू यादव (भांजे ) - ब्लॉक प्रमुख करहल
19 -मिनाक्षी यादव (भांजे की पत्नी - जिलापंचायत सदस्य मैनपुरी
20 -बंदना यादव (रिस्तेदार) - जिलापंचायत अध्यक्ष हमीरपुर
और अब पुत्रबधू अर्पणा यादव - प्रत्यासी विधानसभा क्षेत्र लखनऊ केंट
वाह रे समाजबाद

अब यूपी के यादवों के घर जब बच्चा पैदा होगा तो डाक्टर कहेगा
'बधाई हो SDM हुआ है'
(यूपीपीसीएस से चुने गए 86 एसडीएम में 54 यादव

पिछले सालों में उ.प्र. सरकार की रोजगार के
क्षेत्र में उपलब्धियाँ
1- 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती पर रोक
2- 29333 जूनियर शिक्षकों की भर्ती पर रोक
3- T.G.T की भर्ती पर रोक
4- P.G.T की भर्ती पर रोक
5- एल.टी. ग्रेड शिक्षकों की भर्ती पर रोक
6- दरोगा की भर्ती पर रोक
7- ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती पर रोक
8- ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती पर रोक
9- P.C.S की भर्ती पर रोक
10- P.C.S जुडीसियल की भर्ती पर रोक
11- पुलिस कांस्टेबल की भर्ती पर रोक
12- समीक्षा अधिकारी की भर्ती पर रोक
13- उ.प्र लोवर सबोर्डिनेट की भर्ती पर रोक
14- स्वास्थ कार्यकर्ता की भर्ती पर रोक
15- पशुधन प्रसार अधिकारी की भर्ती पर रोक
16- मत्स्य विकास अधिकारी की भर्ती पर रोक
17- उर्दू शिक्षकों की भर्ती पर रोक
18- उच्च माध्यमिक विद्यालयों में
प्राचार्यों की भर्ती पर रोक
19- लेखपालों की भर्ती पर रोक
20- पी.ए.सी. कांस्टेबल की भर्ती पर रोक
22- DIET प्राचार्यों की भर्ती पर रोक
23- बैकलॉग की भर्ती पर रोक व अन्य
पिछले दो सालों में विज्ञापन तो बहुत निकले और
नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों रुपये
भी लूटे गए पर आज तक कोई
भी भर्ती पूरी नही हो पायी ……
उ.प्र.सरकार के पूरे होते वादे ….
इस सरकार की #कामयाबी को छिपाओ नहीं सभी लोगो को शेयर
करे !!!
यश भारती सम्मान
उत्तर प्रदेश #सरकार द्वारा दिया जाने वाला पुरस्कार
2015-16
1.Mohd. Safi Khan (Sahitya)
2.Hira Lal Yadav (Lokgayan)
3.Bansh Gopal Yadav
4.Dharmendra Yadav
5.Lal bachan Yadav
6.Yogendra Yadav
7.Vijay Pal Yadav
8.Rajesh Yadav
9.Bhagat Singh Yadav
10.Abhishek Yadav
11.Hamid Ullah
12.Darshan .S.Yadav
13.Hakim Syyad
14.Vishhnu Yadav
15.Dr.C.S.Yadav
16.Nawazuddin Siddiqi
17.Awnish Yadav
18.Poonam Yadav
19.Khushveer Yadav
20.Resham Fatima
यक्ष प्रश्न? क्या उ. प्र.में अब यादव और मुस्लिम
ही बचे हैं जो सम्मान के योग्य हैं!
: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री (माननीय न कहें)
अखिलेश यादव जी के 3 वर्ष के कार्य -
1- 75 जिलाध्यक्षो में 63 यादव (समाजवादी
पार्टी)
2- 75 BSA में 62 यादव
3- 67% थानाध्यक्ष यादव
4- जो यादव BDO है उनको 3 से 4 ब्लाक
5- भर्ती परीक्षाओं में यादव 69%
6- सड़क पानी बिजली का केवल शिलापट्ट पर नाम
व कमीशन
7- UPSC का अध्यक्ष अनिल यादव
8- उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का अध्यक्ष
रामवीर यादव
9- अधीनस्थ सेवा आयोग का अध्यक्ष राज किशोर
यादव
10- माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड का अध्यक्ष
रामपाल यादव।
इनको यादव के अलावा कोई नहीं मिल रहा है।
इस massage को जितना हो सके share करे । और बताये
की हम कितने अच्छे voters है
Source- Whatsapp

रविवार, 4 सितंबर 2016

देते है जो उन्हे रिश्तो का वास्ता, बच्चो सा बहला, जाते है मुझको वो- योगेश कुमार

देते है जो उन्हे रिश्तो का वास्ता,
बच्चो सा बहला, जाते है मुझको वो।

बातें करना चाहे ,जो उनसे हम ,
अहसान सा क्यो, जताते है मुझको वो।

करते है जब, प्यार वफ़ा की बातें ,
दिवाना कहके, चले जाते है मुझको वो

चाहत नही उनको जो मुझसे ,
क्यो जिन्दगी अपनी,बताते है मुझको वो।

बात करे जो उनसे अपने दर्द की ,
अपना ही दर्द, सुना जाते है मुझको वो।

आते तो है दो चार, पलो के लिए ही ,
फिर उम्मीद, बंधा जाते है मुझको वो।

निकलने को, जो होता है दम मेरा ,
सांसे चार खैरात, दे जाते है मुझको वो।

योगेश कुमार

सोमवार, 22 अगस्त 2016

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैसी राजनीती, लव तिवारी

#ग़ाज़ीपुर #बाढ़ #गंगा #उत्तर_प्रदेश
#ब्रेकिंग #न्यूज़ #मोदी #बीजेपी #समाजवादी_पार्टी #भारत #देश #तिरंगा_यात्रा

सपा के #मंत्री जी बाढ़ क्षेत्र में गए कुछ फ़ोटो खिंचवाए और गंगा जी ने पीछे हटने का फैसला लिया।।यह कैसी #राजनीति है,वही समाजवादी पार्टी इसका मूल रूप से दोष केंद्र में बी जे पी सरकार को दे रही है तो बीजेपी वाले इसका दोष  राज्य में वर्तमान सरकार समाजवादी पार्टी को दे रही है, वही बीजेपी सरकार का मुख्य उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों की मदद से हट कर तिंरगा यात्रा पर है जो आज कल प्रदेश के विभिन्न नगरो , गावो और शहरों में जोर शोर से चल रहा है

बुधवार, 10 अगस्त 2016

न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाये

हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए
चराग़ों की तरह आँखें जलें, जब शाम हो जाए

मैं ख़ुद भी एहतियातन, उस गली से कम गुजरता हूँ
कोई मासूम क्यों मेरे लिए, बदनाम हो जाए

अजब हालात थे, यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर
मुहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाए

समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दो हमको
हवायें तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाए

मुझे मालूम है उसका ठिकाना फिर कहाँ होगा
परिंदा आस्माँ छूने में जब नाकाम हो जाए

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में, ज़िंदगी की शाम हो जाए

"बशीर बद्र"

बेवफाई को भी तेरे एक राज रखा है मैंने

बेवफाई को भी तेरे, इक राज रखा हैं मैंने,
बेपनाह मोहब्बत का ये #अंदाज रखा हैं मैंने।

गनीमत हैं ये कलम भी तुझसे बदतमीजी करें,
मेरी शायरी में भीे तेरा, लिहाज रखा हैं मैनें।

छलकती हैं आज भी कभी तनहाई मेेें आँखे,
तो लगता हैं की तुझे ही, नाराज रखा हैं मैंने।

तुझे खोकर जैसे, खौफ-ए-खुदा भी न रहा,
तेरे बाद तो यही अपना मिजाज रखा हैं मैंने।

'मोहब्बत' के मायने भी तुझसे ले के तुझी पे थे,
अब तो मेरे पास सिर्फ ये अल्फाज रखा हैं मैंने।

रचना -अज्ञात


बुधवार, 3 अगस्त 2016

फ़िल्म सूत्रधार पर आधारित भारतीय राजनीती लव तिवारी

#लम्बा सफर और #सफ़र के साथी मोबाइल फ़ोन और कुछ किताबे , किताबो को लेकर एक विशेष रोचक बात जहाँ में है  किताबो में जो बात है वो कही और नहीं, पुरे सफ़र किताबो के सहारे  तो नहीं गुजारी जा सकती , फिर क्या किताब के साथ मोबाइल फ़ोन का जिक्र किया था हमने, अक्सर सफ़र को रोचक और यादगार बनाने जे लिए मोबाइल फ़ोन में पुराने फिल्मो का कुछ #बेहतरीन कलेक्शन होते है , #आज के सफ़र में एक फ़िल्म सूत्रधार को देखने और भारतीय राजनीती की मिलती जुलती #मिशाल को दर्शाती इस #फ़िल्म की विशेष कहानी है

भारतीय राजनीती भी इसी तरह के #सूत्रधार पर आधारित रह कर सीमट सी गयी है जैसे फ़िल्म में  कुमार जब तक राजनीती में नहीं रहता उसे देश सेवा और अपने गांव क्षेत्र का विकास चाहिए होता है लेकिन राजनीती में जाने के बाद वो भी कई साजिश और संयत्र को अंजाम देता है, वास्तविकता को दर्शाती एक जब तक कोई व्यक्ति नेता नहीं रहता उसमे देश प्रेम और सेवा की भावना होती है जैसे वो नेता बनता है उसे अपने कुर्सी और राजनीति में अपने और ऊँचे और बड़े पदों की पाने की लालसा बढ़ती जाती है, इस काम को अंजाम देने के लिए उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अनैतिक कार्य को अंजाम देना पड़ता है , भारतीय पूर्व #प्रधानमंत्रियों में मेरे सबसे योग्य और निष्टावान वक्तित्व के दो प्रधानमंत्री मेरे आदरणीय है एक तो स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री और दूसरे माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ,  भारतीय सामाजिक व्वस्था को सही ढंग से चलने के लिए संविधान ने मुख्य रूप से  #कार्यपालिका , न्यायपालिका और #व्वस्थापलिका का गठन किया और जब #व्वस्थापलिका का पूरा दायित्व जब भारत के ऐसे राजनीतिज्ञों के हाथ होगी जो फ़िल्म सूत्रधार जैसे कार्यो को अंजाम देगे , मैंने किसी राजनैतिक पार्टी का इस पोस्ट में नाम नहीं लिया है इस पोस्ट को अन्यथा न ले
प्रस्तुति
धन्यबाद - #लव_तिवारी

देश की अखण्डता और एकता को आहत पहुचता सोशल मीडिया- लव तिवारी

तुझे #देखकर बस यही #ख़याल करता हु "राहुल"
के मेरे हर #दर्द की वजह भी तू है, #दवा भी तू।

ऐसे कई अनगिनत राहुल और राजनितिक #विशेषज्ञ अपनी अपनी रोटिया सेकने के फ़िराक में है और देश की #फ़िक्र वो क्या करेगे जो खुद ही सत्ता के लालच का प्रयोग कर देश की सम्पति को लूटते है ,और बाद में देश को #लड़ने #झगड़ने पर मजबूर कर रहे है ,ऐसे मेरे भी मित्र है जो अकसर परेशान करते रहते है, देश की राजनीती की उतनी विशेष जानकारी तो नहीं है लेकिन सोशल मीडिया पर बने कुछ अपने दोस्तों की मानसिकता और आचरण का पता लग गया है हर एक व्यक्ति राजनितिक विशेषज्ञ की भूमिका को एक नए सिरे से अंजाम देने के फ़िराक में है चाहे उसके लेखनी में देश की अखंडता और एकता का नाश हो


ऊपर के लिखे हुए लाइन दर्द की वजह इस लिए है कि तेरे वजह से देश की अखंडता और एकता पर आच आ रही है और मर्ज की दवा इस लिए कि अगर तो सुधर गया तब तो वाकई में तेरे जैसा हकीम भी नहीं है दुनिया में जो मेरा इलाज़ कर सके
धन्यबाद
प्रस्तुति लव तिवारी

आरक्षण योग्यताओ का हनन है - लव तिवारी

#आरक्षण योग्यताओ का हनन है और राजनीती हथियार भी , भारतीय सविंधान में अनुच्छेद 15 एवं 16  के अनुसार #शैक्षणिक रूप से पिछले वर्गों और #सामाजिक रूप से #पिछड़े #वर्गों  के लिए आरक्षण का #प्रावधान है और उन वर्ग को भी जिसके अतीत के साथ अन्याय हुआ है , सही कहे तो आरक्षण एक व्यवस्था है न की #अधिकार  अगर #व्यवस्था को अधिकार मान लिया जाय तो #शब्द अन्याय की #उत्प्पति होती है और वो अन्याय किसके साथ पड़े लिखो के साथ, #गरीब के साथ,
अब सवाल ये उठता है कि
१. क्या तथाकथित #ऊंची जातियों में गरीब और शोषित लोग नहीं है?
२. आरक्षण का आधार #आर्थिक स्थिति हो तो क्या हानि होगी?
३. शिक्षा में आरक्षण पाकर जब सामान शिक्षा हासिल कर ली फिर #नौकरियों और प्रोन्नति में आरक्षण क्या #औचित्य क्या है?
४. #वर्ण-व्यवस्था से तथाकथित नीची जातियां भी विरत नहीं फिर भी कुछ को सवर्ण कहकर समाज को #टुकड़ों में बांटने के पीछे कौन सी #मंशा काम कर रही है?
५. #अंग्रेजो के #दमन को मुट्ठी भर #युवाओं ने नाकों चने चबवा दिए फिर आज का युवा इतना अकर्मण्य क्यों है?
६. क्या हम #गन्दी राजनीति के आगे घुटने टेक चुके हैं?
७. क्या आज सत्य को #सत्य और #झूठ को झूठ कहने वाले लोगों का #चरित्र दोगला हो चला है कि आप से एक #हुंकार भी नहीं भरी ज़ाती?
प्रस्तुति #लव_तिवारी


केजरीवाल सरकार की पर्यावरण के प्रति जागरूकता- लव तिवारी

पर्यावरण एक विशेष मुद्दा ,आधुनिक युग में बढती आबादी और कल कारखानो और वाहनों से दूषित वायु  से भविष्य में एक जटिल समस्या का रूप ले रहा है, इस बड़ी समस्या का निदान किसी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को न सोच कर हम सबको करनी चाहिए , क्यों की जब प्रकृति और उसके आवश्यक श्रोत ही धरती पर न रहेगे तो जीवन कहा से रहेगा, पिछले महीने आपने गांव का द्वारा का मौका मिला , वहा भी हर घर में जल शुद्ध करने वाले यंत्र लग रहे है जब की पूरी क्षेत्रफल  के 15 % भाग पर ही आबादी है और 70 % भाग पर खेती 15 % भाग गंगा का तटीय मैदान , जब उन जगहों पर भी बुरा हाल है तो माह नगरो की तो बात ही छोड़िये , भारत के प्रधान मंत्री ने जहा गंगा सफाई अभियान  को एक बड़ा रूप दिया है वही दिल्ली के मुख्यमंत्री जी के इवन और आड नंबर की एक छोटा रूप से पर्यावरण की शुद्धता पर ध्यान दिया है

बचपन में अध्ययन और कई गुरु जी के द्वारा पर्यावण को सही करने के लिए सार्थक उपाय कुछ निम्नवत है

1 हरे पेड़ पौधे को न काटे, और वृक्षारोपण को विशेष बल दिया जाय
2- उर्वरक और कीटनाशक जैसे का प्रयोग खेती के कर्यो  में  कम से कम प्रयोग
3- प्लास्टिल और प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का उपयोग कम से कम किया जाय
4- त्योहारो को सात्विक और सही ढंग से मनाया जाय जैसे दीवाली में कम पठाखे का प्रयोग

ऐसी ही अंगित बातो को ध्यान देकर हम और आप पर्यावरण को शुद्ध कर सकते है
केजरीवाल साहब की पर्यावरण शुद्ध करने की मुहिम

1- न्यूज़ पेपर , मेट्रो परिसर और सड़को पर होर्डिंग लगाकर पर्यावरण शुद्ध किया जाय
2- रेडियो में स्पीच देकर दिल्ली और दिल्ली वासियो को जागृत करना
3- पर्यावरण अशुद्ध करने वाले कई विशेष कारको को छोड़ कर केवल इवन और आड नंबर की मदद से पर्यावरण शुद्ध करना

प्रस्तुति लव तिवारी

मंगलवार, 2 अगस्त 2016

रुद्राभिषेक रूद्र अर्थात भुत भावन शिव का अभिषेक

रुद्राभिषेक : रूद्र अर्थात भूत भावन शिव का अभिषेक
शिव और रुद्र परस्पर एक दूसरे के पर्यायवाची हैं।
शिव को ही रुद्र कहा जाता है
क्योंकि- रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानि की भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।
हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं।
रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारे कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।
रूद्रहृदयोपनिषद में शिव के बारे में कहा गया है कि-सर्वदेवात्मको रुद्र: सर्वे देवा: शिवात्मका:अर्थात् :-
सभी देवताओं की आत्मा में रूद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रूद्र की आत्मा हैं।
हमारे शास्त्रों में विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक के पूजन के निमित्त अनेक द्रव्यों तथा पूजन सामग्री को बताया गया है।
साधक रुद्राभिषेक पूजन विभिन्न विधि से तथा विविध मनोरथ को लेकर करते हैं।
किसी खास मनोरथ कीपूर्ति के लिये तदनुसार पूजन सामग्री तथा विधि से रुद्राभिषेक की जाती है।
रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ इस प्रकार हैं-
• जल से अभिषेक करने पर वर्षा होती है।
• असाध्य रोगों को शांत करने के लिए कुशोदक से रुद्राभिषेक करें।
• भवन-वाहन के लिए दही से रुद्राभिषेक करें।
• लक्ष्मी प्राप्ति के लिये गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें।
• धन-वृद्धि के लिए शहद एवं घी से अभिषेक करें।
• तीर्थ के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
• इत्र मिले जल से अभिषेक करने से बीमारी नष्ट होती है ।
• पुत्र प्राप्ति के लिए दुग्ध से और यदि संतान उत्पन्न होकर मृत पैदा हो तो गोदुग्ध से रुद्राभिषेक करें।
• रुद्राभिषेक से योग्य तथा विद्वान संतान की प्राप्ति होती है।
• ज्वर की शांति हेतु शीतल जल/गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।
• सहस्रनाम-मंत्रों का उच्चारण करते हुए घृत की धारा से रुद्राभिषेक करने पर वंश का विस्तार होता है।
• प्रमेह रोग की शांति भी दुग्धाभिषेक से हो जातीहै।
• शक्कर मिले दूध से अभिषेक करने पर जडबुद्धि वाला भी विद्वान हो जाता है।
• सरसों के तेल से अभिषेक करने पर शत्रु पराजित होता है।
• शहद के द्वारा अभिषेक करने पर यक्ष्मा (तपेदिक) दूर हो जाती है।
• पातकों को नष्ट करने की कामना होने पर भी शहद से रुद्राभिषेक करें।
• गो दुग्ध से तथा शुद्ध घी द्वारा अभिषेक करने से आरोग्यता प्राप्त होती है।
• पुत्र की कामनावाले व्यक्ति शक्कर मिश्रित जल से अभिषेक करें।ऐसे तो अभिषेक साधारण रूप से जल से ही होता है।
परन्तु विशेष अवसर पर या सोमवार, प्रदोष और शिवरात्रि आदि पर्व के दिनों मंत्र गोदुग्ध या अन्य दूध मिला कर अथवा केवल दूध से भी अभिषेक किया जाता है।
विशेष पूजा में दूध, दही, घृत, शहद और चीनी से अलग-अलग अथवा सब को मिला कर पंचामृत सेभी अभिषेक किया जाता है।
तंत्रों में रोग निवारण हेतु अन्य विभिन्न वस्तुओं से भी अभिषेक करने का विधान है।
इस प्रकार विविध द्रव्यों से शिवलिंग का विधिवत् अभिषेक करने पर अभीष्ट कामना की पूर्ति होती है।
इसमें कोई संदेह नहीं कि किसी भी पुराने नियमित रूप से पूजे जाने वाले शिवलिंग का अभिषेक बहुत हीउत्तम फल देता है।
किन्तु यदि पारद के शिवलिंग काअभिषेक किया जाय तो बहुत ही शीघ्र चमत्कारिक शुभ परिणाम मिलता है।
रुद्राभिषेक का फल बहुत ही शीघ्र प्राप्त होता है।
वेदों में विद्वानों ने इसकी भूरि भूरि प्रशंसा की गयी है।
पुराणों में तो इससे सम्बंधित अनेक कथाओं का विवरण प्राप्त होता है।
वेदों और पुराणों में रुद्राभिषेक के बारे में तो बताया गया है कि रावण ने अपने दसों सिरों को काट कर उसके रक्त से शिवलिंग का अभिषेक किया था तथा सिरों को हवन की अग्नि को अर्पित कर दिया था।
जिससे वो त्रिलोकजयी हो गया।
भष्मासुर ने शिव लिंग का अभिषेक अपनी आंखों के आंसुओ से किया तो वह भी भगवान के वरदान का पात्र बन गया।
रुद्राभिषेक करने की तिथियांकृष्णपक्ष की प्रतिपदा, चतुर्थी, पंचमी, अष्टमी, एकादशी, द्वादशी, अमावस्या, शुक्लपक्ष की द्वितीया, पंचमी, षष्ठी, नवमी, द्वादशी, त्रयोदशी तिथियों में अभिषेक करने से सुख-समृद्धि संतान प्राप्ति एवं ऐश्वर्य प्राप्त होता है।
कालसर्प योग, गृहकलेश, व्यापार में नुकसान, शिक्षा में रुकावट सभी कार्यो की बाधाओं को दूर करने के लिए रुद्राभिषेक आपके अभीष्ट सिद्धि के लिए फलदायक है।
किसी कामना से किए जाने वाले रुद्राभिषेक में शिव-वास का विचार करने पर अनुष्ठान अवश्य सफल होता है और मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, अमावस्या तथा शुक्लपक्ष की द्वितीया व नवमी के दिन भगवान शिव माता गौरी के साथ होते हैं, इस तिथिमें रुद्राभिषेक करने से सुख-समृद्धि उपलब्ध होती है।
कृष्णपक्ष की चतुर्थी, एकादशी तथा शुक्लपक्ष की पंचमी व द्वादशी तिथियों में भगवान शंकर कैलाश पर्वत पर होते हैं और उनकी अनुकंपा से परिवार मेंआनंद-मंगल होता है।
कृष्णपक्ष की पंचमी, द्वादशी तथा शुक्लपक्ष की षष्ठी व त्रयोदशी तिथियों में महादेव नंदी पर सवार होकर संपूर्ण विश्व में भ्रमण करते है।
अत: इन तिथियों में रुद्राभिषेक करने पर अभीष्ट सिद्ध होता है।
कृष्णपक्ष की सप्तमी, चतुर्दशी तथा शुक्लपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, पूर्णिमा में भगवान महाकाल श्मशान में समाधिस्थ रहते हैं।
अतएव इन तिथियों में किसी कामना की पूर्ति के लिए किए जाने वाले रुद्राभिषेक में आवाहन करने पर उनकी साधना भंग होती है जिससे अभिषेककर्ता पर विपत्ति आ सकती है।
कृष्णपक्ष की द्वितीया, नवमी तथा शुक्लपक्ष की तृतीया व दशमी में महादेव देवताओं की सभा में उनकी समस्याएं सुनते हैं।
इन तिथियों में सकाम अनुष्ठान करने पर संताप या दुख मिलता है।
कृष्णपक्ष की तृतीया, दशमी तथा शुक्लपक्ष की चतुर्थी व एकादशी में सदाशिव क्रीडारत रहते हैं।
इन तिथियों में सकाम रुद्रार्चन संतान को कष्ट प्रदान करते है।
कृष्णपक्ष की षष्ठी, त्रयोदशी तथा शुक्लपक्ष की सप्तमी व चतुर्दशी में रुद्रदेव भोजन करते हैं।
इन तिथियों में सांसारिक कामना से किया गया रुद्राभिषेक पीडा देते हैं।
ज्योर्तिलिंग-क्षेत्र एवं तीर्थस्थान में तथा शिवरात्रि-प्रदोष, श्रावण के सोमवार आदि पर्वो में शिव-वास का विचार किए बिना भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है।
वस्तुत: शिवलिंग का अभिषेक आशुतोष शिव को शीघ्र प्रसन्न करके साधक को उनका कृपापात्र बना देता है और उनकी सारी समस्याएं स्वत: समाप्त हो जाती हैं।
अतः हम यह कह सकते हैं कि रुद्राभिषेक से मनुष्य के सारे पाप-ताप धुल जाते हैं।
स्वयं श्रृष्टि कर्ता ब्रह्मा ने भी कहा है की जब हम अभिषेक करते है तो स्वयं महादेव साक्षात् उस अभिषेक को ग्रहण करते है।
संसार में ऐसी कोई वस्तु, वैभव, सुख नही है जो हमें रुद्राभिषेक करने या करवाने से प्राप्त नहीं हो सकता है


सोमवार, 25 जुलाई 2016

तुम्हारी यादों के हसीन पल- लव तिवारी

तेरी यादों के बेहतरीन झरोखों के वो पल
मेरी जिंदगी जीने के मकसद बन गए है ,


कभी ख्वाबो में आकर एक खुशनुमा अहसासों के उन बेहतरीन पालो को कैसे भूल जाये जिनका अनुभव् जिंदगी में पहली बार आप से मिला है, तेरी बेरुख़ी का मतलब मौत और मेहरबानी का मतलब सुन्दर और ख़ुशनुमा जिंदगी से है ,वर्षो पहले एक किताब के लिखने की पहल मन में जागी थी अब लगता है कि किताब के बढ़ कर ग्रन्थ और बड़े काब्य की रचना भी आसान हो जायेगा , रात में अक्सर तेरी खूबसूरत यादो की बेहतरीन एहसासों कि -
हसरते रो रही मचल कर
रात गुज़री है करवट बदल कर
ख्वाब आँखों ने फिर भी सजाये
कोई दिल न किसी से लगाये
प्यार ने कैसे दिन ये दिखाये
जिंदगी जिये अब तेरे बगैर अब ये मुमकिन नहीं
उम्र का हर एक लम्हा तेरी यादों के सफर से है

शनिवार, 23 जुलाई 2016

चंद्रशेखर आजाद के जन्म दिवस पर नमन

महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर जी के जन्म दिवस पर चार पंक्तियाँ......

वतन के क्रांतिकारी दो मुँही तलवार थे शेखर।
दहकती आग का गोला गज़ब अंगार थे शेखर ।
गुलामी को नहीं माना रहे आजाद बनकर के
फिरंगी राज की खातिर तो' हाहाकार थे शेखर।   

नाम- आजाद,
पिता का नाम- स्वाधीन ,घर- जेल.
यह परिचय उस चिंगारी का था जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आग
में सबसे ज्यादा घी डाला।आज चन्द्रशेखर आजाद जी का जन्म दिवस है।आज़ाद जी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की ऐसी फौज खड़ी की थी जिससे अंग्रेजों की नींद उड़ गई। अंग्रेजों में चन्द्रशेखर का ऐसा खौफ था कि उनकी मौत के बाद भी कोई उनके करीब जाने से डरता था। वीरता, साहस और
दृढ़निश्चयता की ऐसी मिसाल दुनिया में बहुत कम देखने को मिलती है। आज़ाद जी बहुत ही निडर, बलशाली और गरम स्वाभाव के व्यक्ति थे ।अंग्रेज इनके नाम से थर थर कांपते थे ।ये मात्र 15 वर्ष की आयु में ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लेने लगे थे ।लाला जी की मृत्यु का बदला लेने के लिए सांडर्स की हत्या और काकोरी ट्रेन में अंग्रेजों का खजाना लूटने में इनकी मुख्य भूमिका थी ।ये हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के सुप्रीम कमांडर थे ।इन्होंने भगत सिंह व् अन्य साथियों को जेल से छुड़ाने के भरसक प्रयास किये लेकिन असफल रहे और इन्ही प्रयासों में 27 फरवरी 1931 को किसी मुखबिर की सूचना पर अल्फ्रेड पार्क इलाहबाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए ।उन्होंने जीते जी गिरफ्तार न होने का प्रण अपने प्राण देकर निभाया ।हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे।मैं उन्हें कोटि कोटि नमन करता हूँ ।चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहें !
( 23 जुलाई 1906 - 27 फरवरी 1931 )