रविवार, 20 नवंबर 2016
भाजपा सरकार ने दिए गाजीपुर शहर को कई विकास की सौगात- लव तिवारी
शुक्रवार, 18 नवंबर 2016
कहा हो तुम एक अजनबी की तरह- लव तिवारी
कि जिंदगी भी नहीं जिंदगी की तरह
कि तुम मिले मुझसे हर ख़ुशी की तरह
तुम हो जो मेरी शायरी की तरह
कि मुस्कुराओ तुम एक ग़ज़ल की तरह
समझ ले तो कहे दिल्लगी की तरह
कि जो पुरे हो जाए फिर मुक़म्मल की तरह
गुरुवार, 27 अक्टूबर 2016
घर में दिया जलाओ अब की दीपावली में- लव तिवारी
तुम जश्न फिर मनाओ अब की दीपावली में
कोई राह तो दिखाओ अब की दीपावली में
और खुशियां फिर मनाई अब की दीपावली में
कोई हँसते को रुलाये अबकी दीपावली में
तेरे बगैर तेरे बिना मुमकिन हो कुछ भी सोच लू- लव तिवारी
ये जिंदगी बस तू ही तू है तुझे बाहों में रोक लू
मैं सबको क्या जबाब दू ,जो सोचा तुमको न हो सका
कही खो न दू मैं जिंदगी बस तू ही तेरा ख्याल है
जो तू मिले तो इस जहाँ की हर एक चीज़ पूरी मिले
जो तू नहीं तो कुछ नहीं ये जिंदगी जिना भी मलाल है
बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
रविवार, 23 अक्टूबर 2016
वो मिले तो अक्सर याद आये पुराने दिन -लव तिवारी
कि स्कुल और तक़दीर के मसलो के उलझे दिन
वो मिले आज तो कहे कुछ अनकहे क़िस्से
कुछ सुलझे बीते वर्षो की उलझी कहानी
उन दोस्तों से ताउम्र मिलने की फ़रियाद करते है
शनिवार, 22 अक्टूबर 2016
आज फिर जो मौसम खुसनुमा हुआ है- लव तिवारी
सोमवार, 10 अक्टूबर 2016
मैं उत्तर प्रदेश हूँ जी हां मैं उत्तर प्रदेश हूँ
दरिंदों ने जिसे खूब नोचा, अब स्मृति शेष अवशेष हूँ।
जाति विशेष व्यक्तियों के विकास का अखिलेश हूँ।
....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।
दरिंदों से जितनी बची बस उतनी ही शेष हूँ।
मैं, बलात्कार पीड़िता, आपके चरणों में पेश हूँ।
....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।
शासन नहीं सत्ता हूँ, रोजगार नहीं बेरोजगारी भत्ता हूँ।
गुंडई, दंगा और रेप का संदेश हूँ।
....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।
विकास को तरसता जाति-धर्म की राजनीति में विशेष हूँ।
गरीबों की अमानत लूटते पूंजीपतियों का वेष हूँ।
....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।
ना बिजली, ना पानी, ना शिक्षा, ना स्वास्थ्य, ना ही रोजगार हूँ।
मैं तो केवल जालिमों के ज़ुल्म की चीत्कार हूँ। साथ ही अपराध की बेलगाम सत्ता का संदेश हूँ।
....मैं उत्तर प्रदेश हूँ।
चार-चार मुख्यमंत्रियों के हाथों का क्लेश हूँ।
दादरी, मथुरा और मुजफ्फरनगर के दंगों में पेश हूँ।
....जी हाँ, मैं उत्तर प्रदेश हूँ।।
Source- whatsapp
मंगलवार, 4 अक्टूबर 2016
सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगता केजरीवाल - लव तिवारी
तेरे से अच्छा तो अपने गांव का नेता है जो कम से कम देश के बारे में गलती शब्द का प्रयोग तो नहीं करता ,टीवी के सामने केवल तेरे फर्जी बात की उलटी पलटी कहानी, #केजरी तेरी उलटी पलटी समाचार ने आज कुछ लिखने पर विवश किया फिर थोड़े देर में गांव से सोशल मीडिया के माध्यम से नेता की तस्वीर आयी ,लिख दिया कृपया केजरीवाल भक़्त, समर्थक हमें गाली न दे, धन्यबाद
उम्मीद तुमसे है कि तुम भी कुछ नया करो
हिमायत आतंकी की छोड़ कर कुछ और करो
इसी जनता ने दिया तुझे दिल्ली का जो तख़्त
अब यही आदत है चुल्लू भर पानी में डूब मरो
क्यों करते हो गन्दी राजनीती वोट के लिए
कम से कम सैनिको और उनकी सहादत पर गर्व करो
कोई नहीं मांगता अपनी माँ से सबूत अपने बाप का
कुछ तो है बात दुनिया में जिसको तुम समझा करो
प्रस्तुति - #लव_तिवारी
#Delhi, #cmdelhi #politics #india #army #indianarmy #modi #bharat
शुक्रवार, 16 सितंबर 2016
हुनर को आजमाना चाहती है - लव तिवारी
#गज़ल पिछला #जमाना चाहती है
क्या मुझे वो #परखना चाहती है
बहुत दूर से वो #नजर आती है
मेरे बारे में वो क्या #जानना चाहती है
तेरी #बेरुखी अजब #रंग ढाती है
#जिंदगी फिर मुझे तेरे #करीब लाती है
गुरुवार, 15 सितंबर 2016
वो जो जिंदगी तेरे बगैर यूं खूबसूरत न हुईं तेरे न मिलने के ख्याल ने मुझे जिंदगी भर रुला दिया -लव तिवारी
सोमवार, 12 सितंबर 2016
जंग किसी मकसद के लिए लड़े तो जायज है फिर से कोई हिन्दू और मुसलमान रह गया - लव तिवारी
रचना- लव_तिवारी - 13-09-2016
मंगलवार, 6 सितंबर 2016
गुप्ता जी की बात निराली - लव तिवारी
गुप्ता जी की बात निराली और कुछ खिस्से ऐसे है
सब लोग के बीच में सर जी बड़े अनोखे रहते थे
कुछ तथ्यों पर महाशय जी अपनी राय भी रखते थे
और हो न हो क्यों ऐसा चंदौसी में जो रहते थे
हमें पढ़ाते खुद भी पढते और गुथ्थी भी सुलझाते थे
बात बात हम को भी कुछ राज की बात बताते थे
एक बार की बात कहु तो साहब ने हमें डराया था
और दोस्तों के बिच में हमें जोर से हड़काया था
अपनी दिल को चैन न था वैभव जी से मिलने को
और कुछ रंजिश की बातों पर सुलह सपाट करने को
न मानने पर श्री मान को खूब मनाया करते थे
कभी अकेले कभी प्रशांत और जितेंद्र के संग जाया करते थे
अपनी दोस्ती के खिस्से हमेशा याद किये जाते
और दोस्तों से फ़ोन पर आप के हालात पता कर लिए जाते
प्रिय दोस्त बैभव कान्त गुप्ता जी की स्मृति में मेरी द्वारा लिखी कुछ पंक्ति
धन्यबाद - #लव_तिवारी
#फोटो ग्राफी- Praveen Richhariya
सोमवार, 5 सितंबर 2016
मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव के साथ यादवो का उत्तम प्रदेश उत्तर प्रदेश
रविवार, 4 सितंबर 2016
देते है जो उन्हे रिश्तो का वास्ता, बच्चो सा बहला, जाते है मुझको वो- योगेश कुमार
योगेश कुमार
सोमवार, 22 अगस्त 2016
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैसी राजनीती, लव तिवारी
#ग़ाज़ीपुर #बाढ़ #गंगा #उत्तर_प्रदेश
#ब्रेकिंग #न्यूज़ #मोदी #बीजेपी #समाजवादी_पार्टी #भारत #देश #तिरंगा_यात्रा
सपा के #मंत्री जी बाढ़ क्षेत्र में गए कुछ फ़ोटो खिंचवाए और गंगा जी ने पीछे हटने का फैसला लिया।।यह कैसी #राजनीति है,वही समाजवादी पार्टी इसका मूल रूप से दोष केंद्र में बी जे पी सरकार को दे रही है तो बीजेपी वाले इसका दोष राज्य में वर्तमान सरकार समाजवादी पार्टी को दे रही है, वही बीजेपी सरकार का मुख्य उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों की मदद से हट कर तिंरगा यात्रा पर है जो आज कल प्रदेश के विभिन्न नगरो , गावो और शहरों में जोर शोर से चल रहा है
बुधवार, 10 अगस्त 2016
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाये
हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए
चराग़ों की तरह आँखें जलें, जब शाम हो जाए
मैं ख़ुद भी एहतियातन, उस गली से कम गुजरता हूँ
कोई मासूम क्यों मेरे लिए, बदनाम हो जाए
अजब हालात थे, यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर
मुहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाए
समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दो हमको
हवायें तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाए
मुझे मालूम है उसका ठिकाना फिर कहाँ होगा
परिंदा आस्माँ छूने में जब नाकाम हो जाए
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में, ज़िंदगी की शाम हो जाए
"बशीर बद्र"
बेवफाई को भी तेरे एक राज रखा है मैंने
बेपनाह मोहब्बत का ये #अंदाज रखा हैं मैंने।
मेरी शायरी में भीे तेरा, लिहाज रखा हैं मैनें।
तो लगता हैं की तुझे ही, नाराज रखा हैं मैंने।
तेरे बाद तो यही अपना मिजाज रखा हैं मैंने।
अब तो मेरे पास सिर्फ ये अल्फाज रखा हैं मैंने।
बुधवार, 3 अगस्त 2016
फ़िल्म सूत्रधार पर आधारित भारतीय राजनीती लव तिवारी
#लम्बा सफर और #सफ़र के साथी मोबाइल फ़ोन और कुछ किताबे , किताबो को लेकर एक विशेष रोचक बात जहाँ में है किताबो में जो बात है वो कही और नहीं, पुरे सफ़र किताबो के सहारे तो नहीं गुजारी जा सकती , फिर क्या किताब के साथ मोबाइल फ़ोन का जिक्र किया था हमने, अक्सर सफ़र को रोचक और यादगार बनाने जे लिए मोबाइल फ़ोन में पुराने फिल्मो का कुछ #बेहतरीन कलेक्शन होते है , #आज के सफ़र में एक फ़िल्म सूत्रधार को देखने और भारतीय राजनीती की मिलती जुलती #मिशाल को दर्शाती इस #फ़िल्म की विशेष कहानी है
भारतीय राजनीती भी इसी तरह के #सूत्रधार पर आधारित रह कर सीमट सी गयी है जैसे फ़िल्म में कुमार जब तक राजनीती में नहीं रहता उसे देश सेवा और अपने गांव क्षेत्र का विकास चाहिए होता है लेकिन राजनीती में जाने के बाद वो भी कई साजिश और संयत्र को अंजाम देता है, वास्तविकता को दर्शाती एक जब तक कोई व्यक्ति नेता नहीं रहता उसमे देश प्रेम और सेवा की भावना होती है जैसे वो नेता बनता है उसे अपने कुर्सी और राजनीति में अपने और ऊँचे और बड़े पदों की पाने की लालसा बढ़ती जाती है, इस काम को अंजाम देने के लिए उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अनैतिक कार्य को अंजाम देना पड़ता है , भारतीय पूर्व #प्रधानमंत्रियों में मेरे सबसे योग्य और निष्टावान वक्तित्व के दो प्रधानमंत्री मेरे आदरणीय है एक तो स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री और दूसरे माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी , भारतीय सामाजिक व्वस्था को सही ढंग से चलने के लिए संविधान ने मुख्य रूप से #कार्यपालिका , न्यायपालिका और #व्वस्थापलिका का गठन किया और जब #व्वस्थापलिका का पूरा दायित्व जब भारत के ऐसे राजनीतिज्ञों के हाथ होगी जो फ़िल्म सूत्रधार जैसे कार्यो को अंजाम देगे , मैंने किसी राजनैतिक पार्टी का इस पोस्ट में नाम नहीं लिया है इस पोस्ट को अन्यथा न ले
प्रस्तुति
धन्यबाद - #लव_तिवारी
देश की अखण्डता और एकता को आहत पहुचता सोशल मीडिया- लव तिवारी
के मेरे हर #दर्द की वजह भी तू है, #दवा भी तू।
प्रस्तुति लव तिवारी
आरक्षण योग्यताओ का हनन है - लव तिवारी
केजरीवाल सरकार की पर्यावरण के प्रति जागरूकता- लव तिवारी
2- उर्वरक और कीटनाशक जैसे का प्रयोग खेती के कर्यो में कम से कम प्रयोग
3- प्लास्टिल और प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का उपयोग कम से कम किया जाय
4- त्योहारो को सात्विक और सही ढंग से मनाया जाय जैसे दीवाली में कम पठाखे का प्रयोग
ऐसी ही अंगित बातो को ध्यान देकर हम और आप पर्यावरण को शुद्ध कर सकते है
2- रेडियो में स्पीच देकर दिल्ली और दिल्ली वासियो को जागृत करना
3- पर्यावरण अशुद्ध करने वाले कई विशेष कारको को छोड़ कर केवल इवन और आड नंबर की मदद से पर्यावरण शुद्ध करना
मंगलवार, 2 अगस्त 2016
रुद्राभिषेक रूद्र अर्थात भुत भावन शिव का अभिषेक
सोमवार, 25 जुलाई 2016
तुम्हारी यादों के हसीन पल- लव तिवारी
मेरी जिंदगी जीने के मकसद बन गए है ,
रात गुज़री है करवट बदल कर
ख्वाब आँखों ने फिर भी सजाये
कोई दिल न किसी से लगाये
प्यार ने कैसे दिन ये दिखाये
उम्र का हर एक लम्हा तेरी यादों के सफर से है
शनिवार, 23 जुलाई 2016
चंद्रशेखर आजाद के जन्म दिवस पर नमन
महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर जी के जन्म दिवस पर चार पंक्तियाँ......
वतन के क्रांतिकारी दो मुँही तलवार थे शेखर।
दहकती आग का गोला गज़ब अंगार थे शेखर ।
गुलामी को नहीं माना रहे आजाद बनकर के
फिरंगी राज की खातिर तो' हाहाकार थे शेखर।
नाम- आजाद,
पिता का नाम- स्वाधीन ,घर- जेल.
यह परिचय उस चिंगारी का था जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आग
में सबसे ज्यादा घी डाला।आज चन्द्रशेखर आजाद जी का जन्म दिवस है।आज़ाद जी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की ऐसी फौज खड़ी की थी जिससे अंग्रेजों की नींद उड़ गई। अंग्रेजों में चन्द्रशेखर का ऐसा खौफ था कि उनकी मौत के बाद भी कोई उनके करीब जाने से डरता था। वीरता, साहस और
दृढ़निश्चयता की ऐसी मिसाल दुनिया में बहुत कम देखने को मिलती है। आज़ाद जी बहुत ही निडर, बलशाली और गरम स्वाभाव के व्यक्ति थे ।अंग्रेज इनके नाम से थर थर कांपते थे ।ये मात्र 15 वर्ष की आयु में ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लेने लगे थे ।लाला जी की मृत्यु का बदला लेने के लिए सांडर्स की हत्या और काकोरी ट्रेन में अंग्रेजों का खजाना लूटने में इनकी मुख्य भूमिका थी ।ये हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के सुप्रीम कमांडर थे ।इन्होंने भगत सिंह व् अन्य साथियों को जेल से छुड़ाने के भरसक प्रयास किये लेकिन असफल रहे और इन्ही प्रयासों में 27 फरवरी 1931 को किसी मुखबिर की सूचना पर अल्फ्रेड पार्क इलाहबाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए ।उन्होंने जीते जी गिरफ्तार न होने का प्रण अपने प्राण देकर निभाया ।हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे।मैं उन्हें कोटि कोटि नमन करता हूँ ।चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहें !
( 23 जुलाई 1906 - 27 फरवरी 1931 )





























