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Lav Tiwari ( लव तिवारी )

Lav Tiwari On Mahuaa Chanel

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सोमवार, 22 अगस्त 2016

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैसी राजनीती, लव तिवारी

#ग़ाज़ीपुर #बाढ़ #गंगा #उत्तर_प्रदेश
#ब्रेकिंग #न्यूज़ #मोदी #बीजेपी #समाजवादी_पार्टी #भारत #देश #तिरंगा_यात्रा

सपा के #मंत्री जी बाढ़ क्षेत्र में गए कुछ फ़ोटो खिंचवाए और गंगा जी ने पीछे हटने का फैसला लिया।।यह कैसी #राजनीति है,वही समाजवादी पार्टी इसका मूल रूप से दोष केंद्र में बी जे पी सरकार को दे रही है तो बीजेपी वाले इसका दोष  राज्य में वर्तमान सरकार समाजवादी पार्टी को दे रही है, वही बीजेपी सरकार का मुख्य उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों की मदद से हट कर तिंरगा यात्रा पर है जो आज कल प्रदेश के विभिन्न नगरो , गावो और शहरों में जोर शोर से चल रहा है

बुधवार, 10 अगस्त 2016

न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाये

हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए
चराग़ों की तरह आँखें जलें, जब शाम हो जाए

मैं ख़ुद भी एहतियातन, उस गली से कम गुजरता हूँ
कोई मासूम क्यों मेरे लिए, बदनाम हो जाए

अजब हालात थे, यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर
मुहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाए

समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दो हमको
हवायें तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाए

मुझे मालूम है उसका ठिकाना फिर कहाँ होगा
परिंदा आस्माँ छूने में जब नाकाम हो जाए

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में, ज़िंदगी की शाम हो जाए

"बशीर बद्र"

बेवफाई को भी तेरे एक राज रखा है मैंने

बेवफाई को भी तेरे, इक राज रखा हैं मैंने,
बेपनाह मोहब्बत का ये #अंदाज रखा हैं मैंने।

गनीमत हैं ये कलम भी तुझसे बदतमीजी करें,
मेरी शायरी में भीे तेरा, लिहाज रखा हैं मैनें।

छलकती हैं आज भी कभी तनहाई मेेें आँखे,
तो लगता हैं की तुझे ही, नाराज रखा हैं मैंने।

तुझे खोकर जैसे, खौफ-ए-खुदा भी न रहा,
तेरे बाद तो यही अपना मिजाज रखा हैं मैंने।

'मोहब्बत' के मायने भी तुझसे ले के तुझी पे थे,
अब तो मेरे पास सिर्फ ये अल्फाज रखा हैं मैंने।

रचना -अज्ञात


बुधवार, 3 अगस्त 2016

फ़िल्म सूत्रधार पर आधारित भारतीय राजनीती लव तिवारी

#लम्बा सफर और #सफ़र के साथी मोबाइल फ़ोन और कुछ किताबे , किताबो को लेकर एक विशेष रोचक बात जहाँ में है  किताबो में जो बात है वो कही और नहीं, पुरे सफ़र किताबो के सहारे  तो नहीं गुजारी जा सकती , फिर क्या किताब के साथ मोबाइल फ़ोन का जिक्र किया था हमने, अक्सर सफ़र को रोचक और यादगार बनाने जे लिए मोबाइल फ़ोन में पुराने फिल्मो का कुछ #बेहतरीन कलेक्शन होते है , #आज के सफ़र में एक फ़िल्म सूत्रधार को देखने और भारतीय राजनीती की मिलती जुलती #मिशाल को दर्शाती इस #फ़िल्म की विशेष कहानी है

भारतीय राजनीती भी इसी तरह के #सूत्रधार पर आधारित रह कर सीमट सी गयी है जैसे फ़िल्म में  कुमार जब तक राजनीती में नहीं रहता उसे देश सेवा और अपने गांव क्षेत्र का विकास चाहिए होता है लेकिन राजनीती में जाने के बाद वो भी कई साजिश और संयत्र को अंजाम देता है, वास्तविकता को दर्शाती एक जब तक कोई व्यक्ति नेता नहीं रहता उसमे देश प्रेम और सेवा की भावना होती है जैसे वो नेता बनता है उसे अपने कुर्सी और राजनीति में अपने और ऊँचे और बड़े पदों की पाने की लालसा बढ़ती जाती है, इस काम को अंजाम देने के लिए उसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अनैतिक कार्य को अंजाम देना पड़ता है , भारतीय पूर्व #प्रधानमंत्रियों में मेरे सबसे योग्य और निष्टावान वक्तित्व के दो प्रधानमंत्री मेरे आदरणीय है एक तो स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री और दूसरे माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ,  भारतीय सामाजिक व्वस्था को सही ढंग से चलने के लिए संविधान ने मुख्य रूप से  #कार्यपालिका , न्यायपालिका और #व्वस्थापलिका का गठन किया और जब #व्वस्थापलिका का पूरा दायित्व जब भारत के ऐसे राजनीतिज्ञों के हाथ होगी जो फ़िल्म सूत्रधार जैसे कार्यो को अंजाम देगे , मैंने किसी राजनैतिक पार्टी का इस पोस्ट में नाम नहीं लिया है इस पोस्ट को अन्यथा न ले
प्रस्तुति
धन्यबाद - #लव_तिवारी

देश की अखण्डता और एकता को आहत पहुचता सोशल मीडिया- लव तिवारी

तुझे #देखकर बस यही #ख़याल करता हु "राहुल"
के मेरे हर #दर्द की वजह भी तू है, #दवा भी तू।

ऐसे कई अनगिनत राहुल और राजनितिक #विशेषज्ञ अपनी अपनी रोटिया सेकने के फ़िराक में है और देश की #फ़िक्र वो क्या करेगे जो खुद ही सत्ता के लालच का प्रयोग कर देश की सम्पति को लूटते है ,और बाद में देश को #लड़ने #झगड़ने पर मजबूर कर रहे है ,ऐसे मेरे भी मित्र है जो अकसर परेशान करते रहते है, देश की राजनीती की उतनी विशेष जानकारी तो नहीं है लेकिन सोशल मीडिया पर बने कुछ अपने दोस्तों की मानसिकता और आचरण का पता लग गया है हर एक व्यक्ति राजनितिक विशेषज्ञ की भूमिका को एक नए सिरे से अंजाम देने के फ़िराक में है चाहे उसके लेखनी में देश की अखंडता और एकता का नाश हो


ऊपर के लिखे हुए लाइन दर्द की वजह इस लिए है कि तेरे वजह से देश की अखंडता और एकता पर आच आ रही है और मर्ज की दवा इस लिए कि अगर तो सुधर गया तब तो वाकई में तेरे जैसा हकीम भी नहीं है दुनिया में जो मेरा इलाज़ कर सके
धन्यबाद
प्रस्तुति लव तिवारी

आरक्षण योग्यताओ का हनन है - लव तिवारी

#आरक्षण योग्यताओ का हनन है और राजनीती हथियार भी , भारतीय सविंधान में अनुच्छेद 15 एवं 16  के अनुसार #शैक्षणिक रूप से पिछले वर्गों और #सामाजिक रूप से #पिछड़े #वर्गों  के लिए आरक्षण का #प्रावधान है और उन वर्ग को भी जिसके अतीत के साथ अन्याय हुआ है , सही कहे तो आरक्षण एक व्यवस्था है न की #अधिकार  अगर #व्यवस्था को अधिकार मान लिया जाय तो #शब्द अन्याय की #उत्प्पति होती है और वो अन्याय किसके साथ पड़े लिखो के साथ, #गरीब के साथ,
अब सवाल ये उठता है कि
१. क्या तथाकथित #ऊंची जातियों में गरीब और शोषित लोग नहीं है?
२. आरक्षण का आधार #आर्थिक स्थिति हो तो क्या हानि होगी?
३. शिक्षा में आरक्षण पाकर जब सामान शिक्षा हासिल कर ली फिर #नौकरियों और प्रोन्नति में आरक्षण क्या #औचित्य क्या है?
४. #वर्ण-व्यवस्था से तथाकथित नीची जातियां भी विरत नहीं फिर भी कुछ को सवर्ण कहकर समाज को #टुकड़ों में बांटने के पीछे कौन सी #मंशा काम कर रही है?
५. #अंग्रेजो के #दमन को मुट्ठी भर #युवाओं ने नाकों चने चबवा दिए फिर आज का युवा इतना अकर्मण्य क्यों है?
६. क्या हम #गन्दी राजनीति के आगे घुटने टेक चुके हैं?
७. क्या आज सत्य को #सत्य और #झूठ को झूठ कहने वाले लोगों का #चरित्र दोगला हो चला है कि आप से एक #हुंकार भी नहीं भरी ज़ाती?
प्रस्तुति #लव_तिवारी


केजरीवाल सरकार की पर्यावरण के प्रति जागरूकता- लव तिवारी

पर्यावरण एक विशेष मुद्दा ,आधुनिक युग में बढती आबादी और कल कारखानो और वाहनों से दूषित वायु  से भविष्य में एक जटिल समस्या का रूप ले रहा है, इस बड़ी समस्या का निदान किसी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को न सोच कर हम सबको करनी चाहिए , क्यों की जब प्रकृति और उसके आवश्यक श्रोत ही धरती पर न रहेगे तो जीवन कहा से रहेगा, पिछले महीने आपने गांव का द्वारा का मौका मिला , वहा भी हर घर में जल शुद्ध करने वाले यंत्र लग रहे है जब की पूरी क्षेत्रफल  के 15 % भाग पर ही आबादी है और 70 % भाग पर खेती 15 % भाग गंगा का तटीय मैदान , जब उन जगहों पर भी बुरा हाल है तो माह नगरो की तो बात ही छोड़िये , भारत के प्रधान मंत्री ने जहा गंगा सफाई अभियान  को एक बड़ा रूप दिया है वही दिल्ली के मुख्यमंत्री जी के इवन और आड नंबर की एक छोटा रूप से पर्यावरण की शुद्धता पर ध्यान दिया है

बचपन में अध्ययन और कई गुरु जी के द्वारा पर्यावण को सही करने के लिए सार्थक उपाय कुछ निम्नवत है

1 हरे पेड़ पौधे को न काटे, और वृक्षारोपण को विशेष बल दिया जाय
2- उर्वरक और कीटनाशक जैसे का प्रयोग खेती के कर्यो  में  कम से कम प्रयोग
3- प्लास्टिल और प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का उपयोग कम से कम किया जाय
4- त्योहारो को सात्विक और सही ढंग से मनाया जाय जैसे दीवाली में कम पठाखे का प्रयोग

ऐसी ही अंगित बातो को ध्यान देकर हम और आप पर्यावरण को शुद्ध कर सकते है
केजरीवाल साहब की पर्यावरण शुद्ध करने की मुहिम

1- न्यूज़ पेपर , मेट्रो परिसर और सड़को पर होर्डिंग लगाकर पर्यावरण शुद्ध किया जाय
2- रेडियो में स्पीच देकर दिल्ली और दिल्ली वासियो को जागृत करना
3- पर्यावरण अशुद्ध करने वाले कई विशेष कारको को छोड़ कर केवल इवन और आड नंबर की मदद से पर्यावरण शुद्ध करना

प्रस्तुति लव तिवारी

मंगलवार, 2 अगस्त 2016

रुद्राभिषेक रूद्र अर्थात भुत भावन शिव का अभिषेक

रुद्राभिषेक : रूद्र अर्थात भूत भावन शिव का अभिषेक
शिव और रुद्र परस्पर एक दूसरे के पर्यायवाची हैं।
शिव को ही रुद्र कहा जाता है
क्योंकि- रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानि की भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।
हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं।
रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारे कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।
रूद्रहृदयोपनिषद में शिव के बारे में कहा गया है कि-सर्वदेवात्मको रुद्र: सर्वे देवा: शिवात्मका:अर्थात् :-
सभी देवताओं की आत्मा में रूद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रूद्र की आत्मा हैं।
हमारे शास्त्रों में विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक के पूजन के निमित्त अनेक द्रव्यों तथा पूजन सामग्री को बताया गया है।
साधक रुद्राभिषेक पूजन विभिन्न विधि से तथा विविध मनोरथ को लेकर करते हैं।
किसी खास मनोरथ कीपूर्ति के लिये तदनुसार पूजन सामग्री तथा विधि से रुद्राभिषेक की जाती है।
रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ इस प्रकार हैं-
• जल से अभिषेक करने पर वर्षा होती है।
• असाध्य रोगों को शांत करने के लिए कुशोदक से रुद्राभिषेक करें।
• भवन-वाहन के लिए दही से रुद्राभिषेक करें।
• लक्ष्मी प्राप्ति के लिये गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें।
• धन-वृद्धि के लिए शहद एवं घी से अभिषेक करें।
• तीर्थ के जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
• इत्र मिले जल से अभिषेक करने से बीमारी नष्ट होती है ।
• पुत्र प्राप्ति के लिए दुग्ध से और यदि संतान उत्पन्न होकर मृत पैदा हो तो गोदुग्ध से रुद्राभिषेक करें।
• रुद्राभिषेक से योग्य तथा विद्वान संतान की प्राप्ति होती है।
• ज्वर की शांति हेतु शीतल जल/गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।
• सहस्रनाम-मंत्रों का उच्चारण करते हुए घृत की धारा से रुद्राभिषेक करने पर वंश का विस्तार होता है।
• प्रमेह रोग की शांति भी दुग्धाभिषेक से हो जातीहै।
• शक्कर मिले दूध से अभिषेक करने पर जडबुद्धि वाला भी विद्वान हो जाता है।
• सरसों के तेल से अभिषेक करने पर शत्रु पराजित होता है।
• शहद के द्वारा अभिषेक करने पर यक्ष्मा (तपेदिक) दूर हो जाती है।
• पातकों को नष्ट करने की कामना होने पर भी शहद से रुद्राभिषेक करें।
• गो दुग्ध से तथा शुद्ध घी द्वारा अभिषेक करने से आरोग्यता प्राप्त होती है।
• पुत्र की कामनावाले व्यक्ति शक्कर मिश्रित जल से अभिषेक करें।ऐसे तो अभिषेक साधारण रूप से जल से ही होता है।
परन्तु विशेष अवसर पर या सोमवार, प्रदोष और शिवरात्रि आदि पर्व के दिनों मंत्र गोदुग्ध या अन्य दूध मिला कर अथवा केवल दूध से भी अभिषेक किया जाता है।
विशेष पूजा में दूध, दही, घृत, शहद और चीनी से अलग-अलग अथवा सब को मिला कर पंचामृत सेभी अभिषेक किया जाता है।
तंत्रों में रोग निवारण हेतु अन्य विभिन्न वस्तुओं से भी अभिषेक करने का विधान है।
इस प्रकार विविध द्रव्यों से शिवलिंग का विधिवत् अभिषेक करने पर अभीष्ट कामना की पूर्ति होती है।
इसमें कोई संदेह नहीं कि किसी भी पुराने नियमित रूप से पूजे जाने वाले शिवलिंग का अभिषेक बहुत हीउत्तम फल देता है।
किन्तु यदि पारद के शिवलिंग काअभिषेक किया जाय तो बहुत ही शीघ्र चमत्कारिक शुभ परिणाम मिलता है।
रुद्राभिषेक का फल बहुत ही शीघ्र प्राप्त होता है।
वेदों में विद्वानों ने इसकी भूरि भूरि प्रशंसा की गयी है।
पुराणों में तो इससे सम्बंधित अनेक कथाओं का विवरण प्राप्त होता है।
वेदों और पुराणों में रुद्राभिषेक के बारे में तो बताया गया है कि रावण ने अपने दसों सिरों को काट कर उसके रक्त से शिवलिंग का अभिषेक किया था तथा सिरों को हवन की अग्नि को अर्पित कर दिया था।
जिससे वो त्रिलोकजयी हो गया।
भष्मासुर ने शिव लिंग का अभिषेक अपनी आंखों के आंसुओ से किया तो वह भी भगवान के वरदान का पात्र बन गया।
रुद्राभिषेक करने की तिथियांकृष्णपक्ष की प्रतिपदा, चतुर्थी, पंचमी, अष्टमी, एकादशी, द्वादशी, अमावस्या, शुक्लपक्ष की द्वितीया, पंचमी, षष्ठी, नवमी, द्वादशी, त्रयोदशी तिथियों में अभिषेक करने से सुख-समृद्धि संतान प्राप्ति एवं ऐश्वर्य प्राप्त होता है।
कालसर्प योग, गृहकलेश, व्यापार में नुकसान, शिक्षा में रुकावट सभी कार्यो की बाधाओं को दूर करने के लिए रुद्राभिषेक आपके अभीष्ट सिद्धि के लिए फलदायक है।
किसी कामना से किए जाने वाले रुद्राभिषेक में शिव-वास का विचार करने पर अनुष्ठान अवश्य सफल होता है और मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, अमावस्या तथा शुक्लपक्ष की द्वितीया व नवमी के दिन भगवान शिव माता गौरी के साथ होते हैं, इस तिथिमें रुद्राभिषेक करने से सुख-समृद्धि उपलब्ध होती है।
कृष्णपक्ष की चतुर्थी, एकादशी तथा शुक्लपक्ष की पंचमी व द्वादशी तिथियों में भगवान शंकर कैलाश पर्वत पर होते हैं और उनकी अनुकंपा से परिवार मेंआनंद-मंगल होता है।
कृष्णपक्ष की पंचमी, द्वादशी तथा शुक्लपक्ष की षष्ठी व त्रयोदशी तिथियों में महादेव नंदी पर सवार होकर संपूर्ण विश्व में भ्रमण करते है।
अत: इन तिथियों में रुद्राभिषेक करने पर अभीष्ट सिद्ध होता है।
कृष्णपक्ष की सप्तमी, चतुर्दशी तथा शुक्लपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, पूर्णिमा में भगवान महाकाल श्मशान में समाधिस्थ रहते हैं।
अतएव इन तिथियों में किसी कामना की पूर्ति के लिए किए जाने वाले रुद्राभिषेक में आवाहन करने पर उनकी साधना भंग होती है जिससे अभिषेककर्ता पर विपत्ति आ सकती है।
कृष्णपक्ष की द्वितीया, नवमी तथा शुक्लपक्ष की तृतीया व दशमी में महादेव देवताओं की सभा में उनकी समस्याएं सुनते हैं।
इन तिथियों में सकाम अनुष्ठान करने पर संताप या दुख मिलता है।
कृष्णपक्ष की तृतीया, दशमी तथा शुक्लपक्ष की चतुर्थी व एकादशी में सदाशिव क्रीडारत रहते हैं।
इन तिथियों में सकाम रुद्रार्चन संतान को कष्ट प्रदान करते है।
कृष्णपक्ष की षष्ठी, त्रयोदशी तथा शुक्लपक्ष की सप्तमी व चतुर्दशी में रुद्रदेव भोजन करते हैं।
इन तिथियों में सांसारिक कामना से किया गया रुद्राभिषेक पीडा देते हैं।
ज्योर्तिलिंग-क्षेत्र एवं तीर्थस्थान में तथा शिवरात्रि-प्रदोष, श्रावण के सोमवार आदि पर्वो में शिव-वास का विचार किए बिना भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है।
वस्तुत: शिवलिंग का अभिषेक आशुतोष शिव को शीघ्र प्रसन्न करके साधक को उनका कृपापात्र बना देता है और उनकी सारी समस्याएं स्वत: समाप्त हो जाती हैं।
अतः हम यह कह सकते हैं कि रुद्राभिषेक से मनुष्य के सारे पाप-ताप धुल जाते हैं।
स्वयं श्रृष्टि कर्ता ब्रह्मा ने भी कहा है की जब हम अभिषेक करते है तो स्वयं महादेव साक्षात् उस अभिषेक को ग्रहण करते है।
संसार में ऐसी कोई वस्तु, वैभव, सुख नही है जो हमें रुद्राभिषेक करने या करवाने से प्राप्त नहीं हो सकता है


सोमवार, 25 जुलाई 2016

तुम्हारी यादों के हसीन पल- लव तिवारी

तेरी यादों के बेहतरीन झरोखों के वो पल
मेरी जिंदगी जीने के मकसद बन गए है ,


कभी ख्वाबो में आकर एक खुशनुमा अहसासों के उन बेहतरीन पालो को कैसे भूल जाये जिनका अनुभव् जिंदगी में पहली बार आप से मिला है, तेरी बेरुख़ी का मतलब मौत और मेहरबानी का मतलब सुन्दर और ख़ुशनुमा जिंदगी से है ,वर्षो पहले एक किताब के लिखने की पहल मन में जागी थी अब लगता है कि किताब के बढ़ कर ग्रन्थ और बड़े काब्य की रचना भी आसान हो जायेगा , रात में अक्सर तेरी खूबसूरत यादो की बेहतरीन एहसासों कि -
हसरते रो रही मचल कर
रात गुज़री है करवट बदल कर
ख्वाब आँखों ने फिर भी सजाये
कोई दिल न किसी से लगाये
प्यार ने कैसे दिन ये दिखाये
जिंदगी जिये अब तेरे बगैर अब ये मुमकिन नहीं
उम्र का हर एक लम्हा तेरी यादों के सफर से है

शनिवार, 23 जुलाई 2016

चंद्रशेखर आजाद के जन्म दिवस पर नमन

महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर जी के जन्म दिवस पर चार पंक्तियाँ......

वतन के क्रांतिकारी दो मुँही तलवार थे शेखर।
दहकती आग का गोला गज़ब अंगार थे शेखर ।
गुलामी को नहीं माना रहे आजाद बनकर के
फिरंगी राज की खातिर तो' हाहाकार थे शेखर।   

नाम- आजाद,
पिता का नाम- स्वाधीन ,घर- जेल.
यह परिचय उस चिंगारी का था जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आग
में सबसे ज्यादा घी डाला।आज चन्द्रशेखर आजाद जी का जन्म दिवस है।आज़ाद जी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की ऐसी फौज खड़ी की थी जिससे अंग्रेजों की नींद उड़ गई। अंग्रेजों में चन्द्रशेखर का ऐसा खौफ था कि उनकी मौत के बाद भी कोई उनके करीब जाने से डरता था। वीरता, साहस और
दृढ़निश्चयता की ऐसी मिसाल दुनिया में बहुत कम देखने को मिलती है। आज़ाद जी बहुत ही निडर, बलशाली और गरम स्वाभाव के व्यक्ति थे ।अंग्रेज इनके नाम से थर थर कांपते थे ।ये मात्र 15 वर्ष की आयु में ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लेने लगे थे ।लाला जी की मृत्यु का बदला लेने के लिए सांडर्स की हत्या और काकोरी ट्रेन में अंग्रेजों का खजाना लूटने में इनकी मुख्य भूमिका थी ।ये हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के सुप्रीम कमांडर थे ।इन्होंने भगत सिंह व् अन्य साथियों को जेल से छुड़ाने के भरसक प्रयास किये लेकिन असफल रहे और इन्ही प्रयासों में 27 फरवरी 1931 को किसी मुखबिर की सूचना पर अल्फ्रेड पार्क इलाहबाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए ।उन्होंने जीते जी गिरफ्तार न होने का प्रण अपने प्राण देकर निभाया ।हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे।मैं उन्हें कोटि कोटि नमन करता हूँ ।चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहें !
( 23 जुलाई 1906 - 27 फरवरी 1931 )



शुक्रवार, 22 जुलाई 2016

माटी के खुसबू अउरी पूर्वी बयार - युवराजपुर

एक प्यारा सा गांव जिसमे पीपल की छाव
छाव वो आशिया था एक छोटा मका था I
छोड़ कर गांव को उसी घनी छाव को
शहर के हो गए हैं भीड़ मैं खो गए हैं II
ग़ज़ल- चंदन दास

एक छोटी सी लाइन के साथ हम फिर चलते है अपने गाव् की कुछ पूरानी यादो के सफ़र मैं शहर से 6 से 7 किलो मीटर पर बसा मेरे प्यारा सा गाँव जिसमे साहित्य कला खेल पुराणी परम्परा का पूर्ण रूप से समावेश है गंगा मैया की लहरो मैं वो संगीत की घुन और लहलहाते खेतो के बीच वो चिड़ियों और कुछ छोटे पशुओ की आवाजें जो कभी न कभी इस गीत की याद दिलाये है जो हमारे चाचा जी के द्वारा लिखी गयी है

रही रही खूब हिलोरे गंगा जी के पनिया...
-Yogesh Vikrant

http://kushtiwari.blogspot.in/…/rahi-rahi-khoob-hilore-gang…

आज हम आप को अपनी दिनचर्या का बाय करेगे जो हम गाओं मैं रह कर किया करते थे I सुबह सूर्य की लालिमा के साथ विस्तर को छोड़ कर जब हम खेतो की शेर कराते थे तो एक अजब सी खूश्बू जो दिल को सकूँन पहुचती थी स्कुल से लौटने के बाद खेल खेलने मैं हम सब के द्वारा बहुत से नुकशान किये जाते थे चाहे वो कोई मौसमी फसल हो या फिर कोई छोटी वस्तु नुकसान के नुकसान के बाद दादा जी के सामने पेश होने का भी सजा मज़ा कुछ और ही था I
एक गीत जो हमारे सरे कर्मो को बया करता है I

केतना बखान करी गउवा जवार के
माटी के खुसबू और पूर्वी बयार के
माई के अचरा के केतना बखानी
बाबू जी के साथै घुमी खेत खरिहानि
होखे खूब ओल्हा पाती हर अतवार के
माटी के खुसबू और पुर्बी बयार के

गाँव के कुछ तस्वीरो के साथ और पुरानी यादो के साथ ये पोस्ट किया है पसंद आए तो ज़रूर लाइक और कॉमेंट कीजिएगा
धन्याबाद प्रस्तुति - Lav Tiwari

स्वमं समाज साहित्य सत्ता की विकास में मुख्य भूमिका

शतरंज की चालों का खौफ
उन्हें होता है, जो सियासत करते हैं।
हम तोमोहब्बत के #खिलाड़ी हैं,
न हार की फिक्र, न जीत का जिक्र..

स्वॅम साहित्य समाज और सत्ता ये चार #मुख्य कारक है जो किसी भी गाँव, नगर या देश के विकास की दर मे मुख्य भूमिका अदा करते है

स्वॅम- स्वॅम का मतलब है खुद से हम दूसरो को #शिक्षा देते है और अपने आप मैं  सारे अवगुण समाते हुए है ,किसी महान व्यक्ति के वो दो शब्द- कि जब हम सुधरेगे तो जग सुधरेगा काफ़ी नही है हम भीतर की अमानवता को सही करने के लिए, और अगर वयक्ति मैं #संतोष व एक बात का ज्ञान हो कि हमे एक दिन सब कुछ छोड़ कर चले जाना है तो वो व्यक्ति को भी #बुरा काम नही करेगा , कुछ व्यक्ति विशेष तो परिवार के दबाव मैं बुरे करमो को अंजाम देते है

साहित्य- अगर हम साहित्य की बात करते है तो साहित्य के मध्यम से हमने कई महान कार्यो को होते देखा है चाहे वो विहार राज्य की राजनीति का दौर या फिर मुगलो के जमाने मैं #हिन्दुओ पर आतंक का दौर, अब मुगलो के जमाने मैं तुलसीदास सूरदास ने साहित्य के मध्यम से देश का विकास किया ,साहित्य के मध्यम से इस ग्रूप मे भी कई बाते की गयी है और हमे भी कई विशेष प्रकार की जानकारिया मिली है, कहने का जो मुख्य उद्देश्य है कि साहित्य ने इस गाँव और गाँव के लोगो मे जागरूकता का कम किया है उससे हमे खुशी है
समाज - हम सही समाज की रचना तभी कर जब हम #जातिवाद और #परिवारवाद से हट कर बात करे, तभी जाकर एक हम एक परिपक्व और बेहतर समाज की रचना कर पाएगे
सत्ता- समाज को बेहतर ना होने के पीछे #सत्ताधारियो का अहम् रोल होता है जब सत्ता की लालच होती है तो सत्ता के लालची प्रत्यसी हम एक दूसरे को लड़ने झगड़ने पर मजबूर कर देते है ,सत्ता और #सियासत के चक्कर मैं हमे पड़ना भी नही है क्यो कि हमने कुछ रोज पहले ही दो लाइन की कविता लिखी थी-

सियासत मैं तेरी क्या तारीफ करू
तू तो
बाप और बेटे मैं भी खलल पैदा कर देता है,

मैं ये सब जो लिखा हू वो एक मन और विचारो की अभिव्यक्ती है , ये किसी राजनीतिक या किसी विशेष प्रत्याशी के प्रचार के पछ मे नही लिखा गया है I
धन्याबाद-
लव तिवारी
संपर्क सूत्र-

+91-9458668566

हर एक सख्स मुझे लग रहा था अपना ही किस किस से कहु की उसे आप वोट मत देना- लव तिवारी

01 दिसम्बर 2015 चुनाव का दिन जहा ग्राम प्रधानो की दावेदारी मे सारे प्रत्याशी अपने भाग्य आजमा रहे थे , वही मे एक अलग आनंद की प्राप्ति कर रहा था अपने गाँव के बड़े बुजुर्ग और मित्रो से मिलने का कुछ और भी रोचक घटनाए सामने से गुज़री जैसे हर एक मतदाता हर एक प्रत्याशी के सामने उसे ही वोट देने की हामी  भर रहा था , तो इस बात से किसी एक प्रत्याशी के जीत का दावा तो नही किया जा सकता ,परन्तु कुछ प्रत्याशी की तरफ मतदाताओ का रुझान अधिक था,

हर एक सख्स मुझे लग रहा था अपना ही ..,
किस किस से कहु की उसे आप वोट मत देना

रही बात भावी प्रधान कि तो इस बात का भी पता 13 दिसम्बर को ही चलेगा, हमारी यही मंशा है ,की जो भी चुना जाएगा वो गाँव के हित और विकास की #प्रगति को एक नयी राह दिखाएगा
धन्यबाद- लव तिवारी

गांव में सक्रिय राजनीति की अहम भूमिका - लव तिवारी

राजनिति में सक्रिय होना कोई बुरी बात नहीं , लेकिन हार कर #निष्क्रिय होना ये गलत बात है, किसी भी गांव का एक ही प्रधान होता है और प्रत्याशी अनेक ,तो क्यों नहीं हारे प्रत्याशी #विपक्ष का काम करके, आने वाले नए प्रधान को उसके कार्यो में #सहयोग और अगर वो कार्यो के प्रति #असंवैधानिक, #धोखा_धड़ी करता है ,तो इन #कार्यो को रोके , यहाँ सब उल्टा होता है प्रत्याशी चुनाव से पहले #उत्तेजित होकर #गांव के विकास की राजनीती करता है और हार जाने पर द्वेष और बदले की भावना की राजनीति, और हर एक प्रत्याशी  को चाहिए की वो सक्रीय होकर राजनिति में सहयोग करके गांव को विकास की एक नयी राह दे , और किसी भी छेत्र के नव निर्मित प्रधान को ये चाहिए को उन प्रत्याशी से मिले जिनकी #सामाजिक #गरिमा ,#कार्य #अनुभव, #योग्यता हो ,और उनके सहयोग की भी जरुरत गांव के विकास में उपयोगी हो , साथ में ये भी पुराने #प्रधानो के द्वारा किये गए  #अनैतिक कार्य और #संसाधनों का #दुरपयोग का हिसाब ले, पुरे #प्रदेश और #देश राजनितिक व्यवस्था चरमरा सी गयी , और  नए #निर्मित प्रधान केवल अपने #कार्यकाल के बारे में सोचते और यह प्रक्रिया निरतंर चलती जाती है, इस प्रकार की राजनिति से केवल गांव के विकास में ही नहीं रुकावट आती है बल्कि आगे आने वाली पढ़ी भी  इस प्रकार के राजनितिक दल दल में फसती जाती है, इसका दुस प्रभाव निरतंर देखने को मिलाता है ,इस पोस्ट को किसी राजनितिक पार्टी या किसी प्रत्याशी के #गरिमा को #आहत करने के लिए नहीं लिखा गया है ,इसका उद्देश्य जागरूकता और सामजिक ब्यवस्था को सही करना है
प्रस्तुति- #लव_तिवारी
युवराजपुर ग़ाज़ीपुर

शनिवार, 16 जुलाई 2016

मिल जाते तो आज कुछ नया करते खुदा के दरबार में आज सज़दा करते- लव तिवारी

मिल जाते तो आज कुछ नया करते
खुदा के दरबार में आज सज़दा करते

बड़े उम्मीद से गुजरे थे तेरे दरवाज़े के पास
चहरे की एक झलक देकर फिर परदा करते

हमें पता है मिलना न गवारा है जहाँ को
दिल इस बात को समझे तो मना करते.

प्यार में दर्द भी है ख़ुशी और तन्हाई भी है
आज के दौर में इस बात को लोग समझा करते

फर्क है मुझे मेरे जीवन में मिशाल है तू
वरना इस दुनिया में हम  क्या क्या करते

रचना - लव तिवारी
4.40 सायंकाल 16- 07-2016

शुक्रवार, 15 जुलाई 2016

आओ मिलकर पेड़ लगाए धरती को हम स्वर्ग बनाये लव तिवारी

#शिक्षा और #संस्कार दोनों अलग अलग विषय वस्तु है, एक तरफ शिक्षा जहा मानव के शरीर में ज्ञान के प्रकाश को प्रदर्शित करता है वही संस्कार शिक्षा का मानवीय एवम नैतिक प्रयोग को दर्शाता है, आज के ज़माने में किसे ज्ञान नहीं कि पेड़ के आभाव से पर्यावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है, और प्रकृति संसन्धान ही उच्च कोटि के मानवीय संसाधन है, शिक्षा और ज्ञान का एक विशाल समूह भारत की राजधानी दिल्ली में रहता है लेकिन संस्कार कही कही देखने को मिलता है ,हाँ यहाँ हर एक व्यक्ति 10 रूपये को 1 लाख करने के फ़िराक में है,

      एक छोटी सी घटना अपने जीवन में घटित हुई है एक बार हम सब अपने दादा जी के साथ बैठे हुए थे ,दादा जी का मतलब बाबा से है बाबा ने बुआ के लडके से फिरकी लेते हुए कहा मेरे जैसा कोई काम करने वाला है तुम्हारे गांव में, मैं दिन भर घर द्वार साफ सुथरा करता हूँ ,जिस तरह बाबा फिरकी ले रहे थे बुआ का लड़का भी फिरकी के अंदाज में बाबा को वास्तविकता से रूबरू कराया बोला की नाना जी आप के दरवाजे पर कितने पेड़ है और घर द्वार को झाड़ू से चमकाना कौन सी बड़ी बात होती है आप हमारे यहाँ चलिये मेरे बाबा के कार्यो का मूल्यांकन कीजिये आप 10% भी नहीं है, आप सभी मित्रों को बता दे जो सुख हमें अपने बुआ के यहाँ पेड़ो को देख के मिलता है वो अपने गांव में नहीं 50 से 100 मीटर की दुरी में सारे पेड़ो का समूह कटहल, सिरफल, बड़हल जामुन, आम के पेड़ो की कई विशेषताये , कार्य वास्तविक में वो होता है जो सामाजिक और नैतिक सोच से किया गया हो, हम अपने गुरु जी Praveen Tree जी में समाज के प्रति नैतिक ज़िमेदारी का अदभुत कार्य देखा है वाकई सराहनीय है, सराहनीय शब्द का मतलब इस पोस्ट में कई तस्वीरों के माध्यम से देखी गयी है कि  कैसे गुरु जी ने धन के आभाव में पौधों के सुरक्षा संबंधी कार्यो को बख़ूबी निभाया हुआ है और समाज के लोगों को एक सन्देश भी भेजा है जन समुदाय के कार्यो को करने के लिए धन से ज्यादा निष्ठा और लगन की जरुरत होती है
लिंक- https://m.facebook.com/SabkaaSahyog/
धन्यबाद  लव तिवारी

गुरुवार, 14 जुलाई 2016

कैसे बताये उनसे अपने सच्चे प्यार की दास्तां आज भी झूठे लोग को देख कर शर्मिंदा हूँ- लव तिवारी

रंजिशों गम में बड़े शहर का वाशिंदा हूँ
लोग पूछते है आज कल किस हाल में मैं जिन्दा हूँ
कैसे बताये उनसे अपने सच्चे प्यार की दास्तां
आज भी झूठे लोग को देख कर शर्मिंदा हूँ

वजूद कुछ भी तेरे बिना कौन है हमारा कभी #शरद #हवाओं के उस #खूबसूरत समय का अहसास बनकर तो कभी बारिश के मौसम में रूहानी याद बन कर, आज के दौर में हमने भी ज़माने में मोहब्बत देखी है, रूह की चादर ओढ़े उन शख्शियत को जिस्म का सौदा करते हुए, कई बार सोचा एक हम और तुम जो अक्सर खूबसूरत यादो के सहारे ये जिंदगी के कितने दिनों को साथ साथ जिए ,और एक वो है जो देखने पर लगता है कि जिंदगी भर का प्यार बस एक पल , सारी सीमाओं को लाँघ कर एक दूसरे के करीब होने की कोशिश कर वो खुबसूरत दृश्य ,फिर कुछ दिन बाद देखे तो नजर का वो खूबसूरत मेल न जाने किन वादियों के बीच गुमनाम सी रहो को पकडे जिंदगी की एक नए साथी के तलाश के फ़िराक में है, हमें हँसी आती है और कभी कभी दुःख, हँसी का कारण दोनों की समानता होना, और दुःख का कारण एक की सच्ची मोहब्बत दूसरे के लिए एक और नहीं कहानी, लोग कहते है हमने मोहब्बत की है , हम नहीं कहते चुप चाप उनके यादो को एक्सर याद करके जी लेते है, भला मोहब्बत भी बताने की बात है किसी शायर की खूबसूरत लाइन। 

कभी कहा न किसी से तेरे फ़साने को
न जाने कैसे खबर हो गयी ज़माने को
सुना है गैर की महफ़िल में आप न जाओगे
कहो तो आज सजा दू गरीब खाने को

प्रस्तुति- लव तिवारी
15-07-2016





तुमसे मिलने आया हूँ खबर कर दो

चंद लम्हात ही सही,मुझे नज़र कर दो,
तुमसे मिलने ही आया हूँ,खबर कर दो।

कई फरियादें उठती है,बिछड़ जाने की,
चले आओ किे दुआएँ, बेअसर कर दो।

कहता नहीं के नाम करदो ज़िन्दगी अपनी,
एक दिन न सही, बस एक पहर कर दो।

जलवों की बिजली से नुक्सान,सिर्फ मेरा हो,
बाकी सब से कह दो,खाली ये शहर कर दो।

आ जाओगे तो,इस दिल को तस्कीन होगा,
चाहो तो खाली,बोतलों का ज़हर कर दो।

गर आ नहीं पाओ तो,बस वादा ही देदो,
आज, खत्म ये इम्तेहाने सबर कर दो ।

अज्ञात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकास के कार्य और सम्भावनाएं- लव तिवारी

जिन्हे आज भी ये लगता है की मोदी जी टूर पे निकले ये उन लोगो के लिये है मोदी जी की 2 साल की जर्नी थोड़ी बड़ी है 

1. जम्मू कटरा प्रोजेक्ट पिछले 10 सालो से बंद था उसे 1 साल में पूरा किया और आप जम्मू से मात वैष्णव देवी 20 रु में जा सकते हो। वर्ना टैक्सी वाले 2500 रु लेते है।
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2. आज तक भारत अरुणाचल में हाईवे नहीं बना सका, पर मोदी सरकार ने 1 साल में रोड बनाके पूर्ण किया (China के काफी विरोध के बाद भी).. और अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण रूपसे भारत को जोड़ दिया।
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3. आज भारत की अपनी navigation सिस्टम (IRNSS) है। ये मोदी की अबतक की सबसे बड़ी उपलब्धि है.. क्योंकी करगिल वॉर में अमेरिका ने भारत को GPS डाटा नहीं दिया था। आज भारत का अपना GPS लॉन्च हुआ है जिसका नाम है IRNSS
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4. अब तक 10,00,00,000 LED बल्ब वितरित किये गए, 21% बिजली बचत हो गयी है।

5. अब तक 7500+ गांव में बिजली पहुंचाई गयी।

6. इलेक्ट्रिसिटी निर्माण में 38% की बढ़ोतरी हुई
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7. रेलवे ट्रैक बनाने का काम कांग्रेस में 0.6 km/day होता था। मोदी सरकार का 3.4 km/day है।

8. रोड कंस्ट्रक्शन कांग्रेस में 3.7 km/day थी। मोदी सरकार 10.3 km/day है। सिर्फ 2 साल में 7063 km रोड बन चुकी है।
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9. संजय गांधी निराधार योजना में केंद्र सरकार निराधार लोगो को 100 रु महीना देती थी ओ आज 600 रु महीना हो गया। 2014 तक वो पैसा केंद्र से राज्य सरकार को आता था और राज्य सरकार 3 महीने का गैप रखके वो पोस्ट के द्वारा निराधार व्यक्ति तक पहुँचाता था। (3 महीने वो पैसा हजारो करोड़ कौन और कंहा यूज़ होता था नहीं पता)

10. मोदीजी ने 24 करोड़ बैंक अकाउंट खोले (गिनिस बुक वर्ल्ड रिकार्ड) और गरीब का पैसा सीधा बैंक अकाउंट में।... 0 भ्रस्टाचार ..!
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11. मुस्लिम बुनकर बनारस, कोल्कता, लखनऊ से एक यूनियन बनाई गई उनके माल का एक ब्रांड बनाया गया और वह ब्रांड अभी अमेरिका या यूरोपियन देशो में काफी महंगे भाव में बिकता है। फायदा बुनकरों को हुआ और देश को भी
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12. कैलास मानसरोवर का रास्ता 1962 से बंद था। मोदीजी के डिप्लोमेटिक वे से China ने वह रास्ता खोल दिया, अब यात्रा 24 घंटे में होती है पहले 93 घंटे लगते थे।
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13. कोयला घोटाला कांग्रेस ने 230 कोयला खदाने 1,80,000 करोड़ में बेचीं थी। सारे कॉन्ट्रैक्ट सुप्रीम कोर्ट ने cancel किये... मोदी सरकार ने सिर्फ 24 खदाने 2,20,000 करोड़ में बेचीं...!
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14. ये ऐसा पहला PM है जिसने पुरे देश के अंदर एक भावना जागृत की, की महिलाएं हमारी इज़्ज़त है और हम उन्हें खुले में शौच के लिए भेजते है. जिसे बीमारिया भी फैलती है. सिर्फ 2 साल में 7,00,00,000 टॉयलेट्स बन चुके है पुरे देश में ।

15. मोदीजी ने स्कूल में बच्चियों के लिए टॉयलेट कम्पलसरी किये।
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16. ये ऐसा पहला प्रधान मंत्री है जो जी तोड़ कोशिश कर रहा है की भारत को UN में स्थाई सदस्यता मिले।
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17. अब तक ये सरकार पे कोई भ्रस्टाचार का दाग नहीं लगा।
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18. congress के 65 सालो तक हमें भगतसिंह अशपक उल्लाह खान राजगुरु सुखदेव "आतंकवादी" करके पढ़ाया गया। पहली बार इतिहास सच्चा लिखकर इन्हे "शहीद" बताया
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19. महात्मा गांधी के बाद कोई पहला व्यक्ति आया जिसने बोला की स्वच्छ भारत होना चहिये। स्वछता अभियान की शुरूआत की।
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20. आज तक ट्रांसपोर्ट देश के अंतर्गत मामले में रोड से या ट्रैन से या एयर से होता था पहली बार पब्लिक ट्रांसपोर्ट और गुड्स ट्रांसपोर्ट पानी के द्वारा हो रहा है।
जिसमे टाइम पैसा और अंतर कम हो गया है।
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21. आज तक सिलेंडर की सब्सिडी अम्बानी को और हमको सामान थी, पहला PM जिसने बोला की आपको सब्सिडी की जरूरत नहीं है तो उसे वापस करिये।
लोगो में एक चेतना जगी और देखते देखते 1,32,00,000 लोगो ने सब्सिडी छोड़ दी।
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22. इंडिया पाक बॉर्डर पर Laser Wall बैठाए गए।
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23. स्वच्छ गंगा :- केमिकल इंडस्ट्रीज का पोलुटेड पानी अब गंगा में नहीं समाता है। जिससे 9 करोड़ लोगो को पिने का और खेती के लिए पानी उपलभ्ध हो गया
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24. दलितों के ऊपर होनेवाले अत्याचारों का फैसला 60 दिनोके अंदर हो ऐसा पहली बार कानून बना।
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25. भारत बांग्लादेश सीमा समजौता
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26. इंडिया पहले पेट्रोल इंटरनेशनल मार्किट से खरीदता था जिसमे दलाली देनी पड़ती थी.., अब इंडिया 35 % से ज्यादा सऊदी से डायरेक्ट खरीदता है।
और 19 देशो के साथ क्रूड आयल इम्पोर्ट का इंडिया का कॉन्ट्रैक्ट सुषमा स्वराज ने किया है।
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27. 6 IIT और 3 IIM 2 साल में शुरू हो जायेंगे बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन काम शुरू है.
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28. मेक इन इंडिया के माध्यम से अब तक भारत में 9,00,000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट आ चूका है। जिसमे UAE का 4,00,000 करोड़ का है।
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29. कांग्रेस सरकार में BSNL 10 साल में 8000 करोड़ Loss में था। मोदी सरकार में BSNL 2 साल में 672 करोड़ "प्रॉफिट" में है.
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30. Congress एविएशन मंत्रालय 600 करोड़ प्रतिु माह Loss में था.., अभी नो लोस्स नो प्रॉफिट में है
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31. देश की 17 रेलवे स्टेशन्स Wi Fi फ्री हुए है।

32. पहली बुलेट ट्रैन ट्रैक बनने का काम शुरू

33. वाराणसी 80 घाट एकदम स्वछ हो गया है।
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34. जम्मू से कश्मीर अब सिर्फ 2 घंटे में सफर तय होगा हिमालय को सुरंग बनके ट्रैन हिमालय के निचे से जाएगी। सुरंग बनने का काम IRB कर रही है।
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35. गरिब का और किसानो का बीमा २ लाख तक सिर्फ 20 रु में !

36. 3.5 करोड़ LPG बोगस कस्टमर को ढूंढ के निकल गया और उनके कनेक्शन्स कैंसल किये गए।

36. 6 करोड़ लीटर पानी पहुंचाया गया सुरेश प्रभु द्वारा महाराष्ट्र में !
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38. स्किल इंडिया में 50000 तक लोन बिना किसी गारंटी के। 37,00,000 लोगो को अब तक लाभ मिल चूका है।
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39. प्रोविडेण्ट फण्ड का अकाउंट परमानेंट कर दिया। अब आप कितनी भी कंपनी बदलो आपका PF अकाउंट एक ही रहेगा, बदलेगा नहीं।
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40. डिजिटल इंडिया के तहत स्कूल में डिजिटल क्लास रूम का निर्माण.. अब तक 81,00,000 क्लास रूम डिजिटल हो चुकी है
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41. सरकार किसानो को यूरिया सब्सिडी देती थी, लेकिन वह यूरिया किसानो तक पहुंचने के बजाय केमिकल फैक्ट्रीज में जाता था.. मोदीजी ने उस का नीम कोटिंग करके उसे किसी काम का नहीं रखा वह सिर्फ खात ही उपयोग हो सकता है। भ्रस्टाचार की सम्भावनाएं ख़त्म कर दी. भ्रष्टाचार का सालाना 10,000 करोड रु बच गया..!

सोमवार, 11 जुलाई 2016

तू मिल जाये इस हाल में मैं जिन्दा हूँ

एक तरफ धुंध भरे शहर का बाशिन्दा हूँ
तू मिल जाये इस हाल में मैं जिन्दा हूँ

लोग कहते है कि तू पहले कभी ऐसा न था
मैं सोचता हूं क्या हुआ जो शर्मिंदा हूँ

एक बस्ती में रहते थे कुछ अज़नबी
आज उनके दिलों में हरपल जिन्दा हूँ

जिंदगी के वो पल जो गांव में रह कर ज़िया ,
बड़े अफ़सोस है कि शहर का परिंदा हूँ

ग़रीबी भूख दहसत और लाचारी भी
आज के दौर ने इस हाल में मैं जिन्दा हूँ

एक तरफ खौफ़नाक सा मंजर है मेरे सामने
कैसे बताऊ उन्हें किस हाल में मैं जिन्दा हूँ

दर्द देने का रिवाज है इस बेरहम दुनिया में

रचना लव तिवारी

वो हँसी और बोली मैं ज़िंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी- अज्ञात

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,

      फिर ढूँढा उसे इधर उधर     
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,

एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी  

हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,

मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
              कमबख़्त तूने,              
वो हँसी और बोली- मैं ज़िंदगी हूँ पगले
        तुझे जीना सिखा रही थी।

ज़माने की चाह है कि मैं हिन्दू या मुसलमान हो जाऊ

जमाने की चाह है कि मैं #हिन्दू या #मुसलमान हो जाऊं
पर मेरा #ज़मीर कहता है कि मैं इक भला #इंसान हो जाऊं

#मन्दिर #मस्जिद जाकर कमाऊं आरती-नमाज की दौलतें
या फिर गिरे हुए बंदे को उठाऊं और #धनवान हो जाऊं

मेरी #तकदीर में बस इतना सा लिख दे दुनिया के मालिक
#मुल्क की #मिट्टी को चुमूँ और मुल्क पर कुरबान हो जाऊं

मुझे #पसीना बनाकर बहा दे #ख़ुदा #खेतों में, #खलिहानों में
मुझसे इतना #काम ले कि जीता जागता #राष्ट्रगान हो जाऊ

जय हिंद जय भारत

शनिवार, 9 जुलाई 2016

जल है तो कल है लव तिवारी

भारत देश का एक अनोखा प्रदेश अपना #उत्तरप्रदेश , प्राकृतिक और भू के संसाधनों से युक्त अपना प्यारा प्रदेश उत्तर प्रदेश , #संस्कृति #सभ्यता ,#गंगा #यमुना को पूर्ण रुप को सुशोभित करता अपना प्रदेश #उत्तरप्रदेश, लेकिन अभी एक जटिल समस्या जल ,#जल है तो #कल है, वही उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में फ्लोराइड से जल दूषित हो रहा है, फ्लोराइड से होने वाले गंभीर बीमारिया जैसे हड्डियों से सम्बन्धी रोग, तंत्रिका तंत्र से संभंधित बीमारियो का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है वही पूर्वी उत्तर प्रदेश बलिया मऊ ग़ाज़ीपुर में जहरीले आर्सेनिक की मात्रा ने जल को पूर्ण रूप से दूषित कर रखा है , पानी का जीवन में बड़ा अस्तित्व है अगर पानी ही नहीं रहा तो फिर जीवन कैसे निर्वहन होगा, खेती के लिए #पानी, पौधों जे लिए पानी, #मनुष्य के लिए पानी, हर एक जीव और जंतु के जीवन में पानी का विशेष महत्व है , और अगर जल पर  #सियासत हो तो जनाब न जल रहेगा और न हम , वही जहा उत्तर प्रदेश के केबिनेट मंत्री का ये कहना है कि सरकार अंधाधुंध जल दोहन से निबटने के लिए प्रदेश सरकार ने समग्र निति बनायीं है, वही बिपछ दलों द्वारा सरकार की नाकामी और सरकार द्वारा भूगर्भ जल में होने वाली कमी और जल प्रदूषण पर कोई विशेष कार्य को अंजाम नहीं दिया गया है,
प्रस्तुति- लव तिवारी #LavTiwari