रविवार, 7 अगस्त 2022

अइसन पलंगिया बनइह बलमुआँ कि हीले कौनो अलंगिया हो राम-गोपाल राय निर्गुण

आया है सो जायेगा राजा रंक फ़क़ीर
कोई सिंहासन चढ़ चले कोई बधे जंजीर

अइसन पलंगिया बनइह बलमुआँ कि हीले कौनो अलंगिया हो राम-४

हरियर बसवा के पटिया बनईह
सुंदर बिछईह दसगिया
ता पर हम दुलार बन सोईब
उपरा से तानिह चननिया हो राम
अइसन पलंगिया बनइह बलमुआँ कि हीले कौनो अलंगिया हो राम-२

पहले त रेशम के चोली पहिरहीह
आ नकिया में सोने के नथुनिया
कैसे में भार सहे मोरे देहिया
मत दीह मोटकी कफनिया हो राम
अइसन पलंगिया बनइह बलमुआँ कि हीले कौनो अलंगिया हो राम-२

लाल गाल लाल होंठ राख होई जईहे
जर जैईह राख अस टुकुलिया
ठाड़े बलम बस देखत रहब
चली ना एको अलंगिया हो राम
अइसन पलंगिया बनइह बलमुआँ कि हीले कौनो अलंगिया हो राम-२

केकरा के तुहु पतिया पठयब
केकरा के कहब सजनिया
कौन पता तोहके बतलायी
अजब वो देश के चलनिया हो राम
अइसन पलंगिया बनइह बलमुआँ कि हीले कौनो अलंगिया हो राम-२










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