मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025

लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया- तारकेश्वर मिश्र राही

पाती आइल पिव के दुअरा खड़ा सवारी बा।

कैसे गवने जाइ रे सखिया, चुंदरी मईल हमारी बा।।

गोरा चेहरा चांद सा मुखड़ा नैन बेसरमत मतवारी बा।

कैसे सेज चड़ब पियवा के दाग लगल मोरे साड़ी बा।।


अरे लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया-४

देखब देखब देखब धोबिनिया

लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया

फाटल रहीत कथई सिअईती ताग लेती अपने से तागी रे

लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया-४


गंगा घाट पर पटकी पटकी के साज सवेरे धोवनी,

रंग रजवा के पाँव पकड़ीके बहुत देर ले रोवनी-२

कहवा ले जाई कहवा लुकवाई-२ कवानी नगरिया में भागी रे

तनी देखबे धोबिनिया

लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया


बाटे संग में पुलिस पियागा दुलहिन इहा न अकेल

राही बलमुआ संग में रहिह के पेठवइह जेल

समय रहे दुल्हन नाही चेतली-२ लागल करमवा में आगी रे

तनी देखबे धोबिनिया

लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया


लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया

फाटल रहीत कथई सिअईती ताग लेती अपने से तागी रे

लागल चुनरिया में दागी रे, तनी देखबे धोबिनिया-४




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